सोलंकी और आशीष ने एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के पहले दिन किया प्रभावित

गौरव सोलंकी और आशीष कुमार ने एक पक्षीय परिणाम से अपना-अपना मुक़ाबला जीतकर राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

मंगलवार को जॉर्डन के अम्मान में भारत के गौरव सोलंकी (Gaurav Solanki) और आशीष कुमार (Ashish Kumar) ने अपने-अपने राउंड ऑफ 32 के मुक़ाबले में 5-0 से जीत हासिल कर भारत को एशियन/ओशियिना मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालिफायर्स में शानदार शुरूआत दिलाई है।

गौरव सोलंकी पहले दिन रिंग में उतरने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज़ थे और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस मुक्केबाज़ ने भारत के मजबूत मुक्केबाज़ी दल को क्वालिफायर में अच्छी शुरुआत दिलाने के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

गौरव सोलंकी ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के राउंड ऑफ़ 16 में बनाई जगह

गौरव सोलंकी ने किया दमदार प्रदर्शन

पुरुषों के फेदरवेट (52-57 किग्रा.) में गौरव सोलंकी के बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर्स में अच्छी शुरूआत दिलाई। उनको पता था कि अगर किर्गिस्तान के दो बार के किर्गिज़ नेशनल चैंपियन अकाइलबेक एसेनबेक उलु (Akylbek Esenbek Uulu) को हराना है तो कुछ इस प्रकार का ही खेल दिखाना होगा।

गौरव सोलंकी ने अपनी सारी रणनीतियों का उपयोग बहुत प्रभावी ढंग से किया और जब भी उन्हें मौका मिला उन्होंने उसका फायदा उठाया।

वास्तव में उनके लेफ्ट-राइट संयोजन से बहुत सफलता मिली, जिसके परिणामस्वरूप लाल कपड़ों में खेल रहे एसेनबेक हार से पहले ही हार मान गए।

भारतीय मुक्केबाज़ से मुकाबले के दौरान किर्गिस्तान के ब़ॉक्सर ने पहले दौर में ही हावी होने की कोशिश की। हालाँकि इसका बहुत कम प्रभाव पड़ा क्योंकि उनके सारे मुक्के सीधे शरीर पर पड़े।

एसेनबेक ने फिर दूसरे दौर में भी आक्रामक शुरूआत करने की कोशिश की। लेकिन जल्द ही उनके ठुड्डी पर सोलंकी का मुक्का देखने को मिला, इसके साथ ही गौरव सोलंकी ने वहीं से अपना खेल शुरू किया जहां पहले दौर में छोड़ा था।

किर्गिस्तान के मुक्केबाज़ ने इस मुक़ाबले में वापसी करने की कोशिश के साथ लगातार स्कोर में करीब पहुंचने की कोशिश की और गौरव सोलंकी पर कुछ मुक्के भी लगाना चाहा लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं रहा।

दूरी को कम करने की रणनीति से सावधान राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ने तेजी से एक-दो पंच और जड़ दिए, जो पहले राउंड के लिए काफी थे।

राउंड 1 की तुलना में दूसरे राउंड में मुक़ाबला थोड़ा करीबी होने के बावजूद एसेनबेक पिछड़ गए और इस राउंड में भी भारतीय मुक्केबाज़ ने बाजी मार ली।

एसेनबेक ने लड़ाई जारी रखी और तीसरे दौर में अपनी प्रतिस्पर्धी भावना दिखाई, जहां वो एक बार फिर से अपने और गौरव सोलंकी के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए लगातार कोशिश करते देखे गए।

हालांकि, गौरव सोलंकी पहले से ही एसेनबेक की रणनीति के बारे में जानते थे और सुरक्षित रेंज बनाए रखने के लिए अपने बाएं जैब का उपयोग करते रहे।

एसेनबेक ने अंतिम मिनट में वापसी करने के लिए प्रयास किए लेकिन भारतीय मुक्केबाज़ ने सुनिश्चित किया कि कोई भी तेज़ और सीधे पंच उनका नुकसान नहीं करेंगे, जिसे देख कर अंदाजा लगाया जा सकता था कि इस मुक़ाबले में वो कितने प्रभावी थे।

अपनी एक पक्षीय निर्णय वाली जीत पर गौरव सोलंकी ने ओलंपिक चैनल से कहा, "ये बहुत ही महत्वपूर्ण मैच था और मैं स्पष्ट जीत की तलाश में था और मुझे वो मिल गया। मैं बहुत खुश हूँ।"

बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के अगले दौर में अब वो दुनिया के नंबर एक मुक्केबाज़ मिराज़िज़बेक मिर्ज़ाखालिलोव (Mirazizbek Mirzakhalilov) का सामना करेंगे और इस बारे में गौरव सोलंकी ने स्पष्ट कर दिया कि उनका उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज़ के खिलाफ केवल एक ही उद्देश्य है, उन्होंने कहां कि "मैं इस बारे में स्पष्ट हूँ, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूँगा और मैं जीत जाऊँगा।"

भारतीय मिडिलवेट आशीष कुमार ने दूसरे राउंड में जगह पक्की करने के बाद कोच को दिया धन्यवाद

आशीष कुमार ने भी हासिल की जीत

पहले दिन भारत के दूसरे मुकाबले में पुरुषों के मिडिलवेट (69-75 किग्रा.) वर्ग में आशीष कुमार का सामना चीनी ताइपे के चिया-वेई कान (Chia-Wei Kan) से हुआ।

इस मुकाबले में शुरुआती दौर में दोनों मुक्केबाजों के बीच संघर्ष देखने को मिला, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने शॉर्ट और मिड-रेंज से कुछ भारी पंच मारे थे।

आशीष कुमार पहले राउंड में बैक फुट पर खेलते नज़र आए, वो अपने हाथों को नीचे कर के लड़ रहे थे और आक्रमण करने के लिए मौके की तलाश कर रहे थे।

जजों के अनुसार चिया-वेई कान ने इस राउंड में 3-2 से बढ़त बना ली थी, और ये फैसला चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ के लिए अच्छा था।

भारतीय मिडिलवेट मुक्केबाज़ जल्दी ही अपने रंग में लौट आए और दूसरे दौर में अधिक आक्रामक हो गए। उन्होंने सामने से लड़ना शुरू कर दिया और अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रहारों से बचने के लिए लंबी दूरी से हमला करना शुरू कर दिया।

आशीष कुमार ने दूसरे दौर में कई कठिन पंच लगाए लेकिन राइट में अपरकेस और सोलर प्लेक्स के अलावा किसी भी पंच से उनके प्रतिद्वंद्वी को परेशानी नहीं हुई।

अंतिम दौर में आशीष कुमार आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए और रिंग में डांसिंग फुटवर्क के साथ दिखे। वो कुछ मुक्के खाने से भी नहीं डर रहे थे।

चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ पहले ही बाउट में दो बार नीचे गिर चुके थे, वो अंतिम दौर में अंत तक बाउट में बने रहने की कोशिश में लगे थे, जहां उन्हें तीसरी बार अपने घुटनों के बल गिरना पड़ा।

आशीष कुमार अभी भी फैसले का इंतज़ार कर रहे थे, जहां उन्हें अगले दौर में भेजने के लिए न्यायाधीशों द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बाउट के बाद, वो अपने कोच को जीत के लिए धन्यवाद देने के लिए तत्पर थे।

उन्होंने कहा, "मैं पहले दौर में हार गया था लेकिन मैं अपने कोच की वजह से दूसरे और तीसरे दौर में वापसी कर पाया, उन्होंने मुझे सही तरीके से निर्देशित किया।" उन्होंने कहा, "मैंने अधिक आक्रमण किया, मेरा प्रतिद्वंद्वी लंबी अवधि में मुझसे बेहतर है। इसलिए मैंने अपनी योजना बदल दी और हमला करना शुरू कर दिया और लड़ाई जीत ली। ”

इस जीत का मतलब है कि आशीष कुमार का सामना अब बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के अगले दौर में चौथे वरीयता प्राप्त ओमुरबेक बेखजीत (Omurbek Bekzhigit) से होगा।

कब और कहां देख सकते हैं बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर ?

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