बॉक्सिंग

समझिए: टोक्यो 2020 के लिए मुक्केबाजी स्कोरिंग

ओलंपिक क्वालिफाइंग स्पर्धाओं में और खेलों के दौरान मुक्केबाजों को पंच गुणवत्ता, सामरिक श्रेष्ठता और नियमों के मुताबिक़ खेलते रहने के हिसाब से अंक दिए जाएंगे, जबकि जजों के पास अपने स्कोर देने के लिए सीमित समय होगा।

लेखक Andrew Binner ·

टोक्यो 2020 ओलंपिक में मुक्केबाजी स्कोरिंग निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मानव जजों और प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।

बाउट में पुरुष और महिला दोनों प्रत्येक तीन मिनट के तीन राउंड या उससे ज़्यादा में प्रतिस्पर्धा करते हैं। विजेता का फ़ैसला नॉकआउट, रेफ़री द्वारा दूरी के अंदर आयोग्य करार देने, डिस्क्वालिफ़िकेशन या रिंगसाइड में बैठे पांच जजों के अंकों के अनुसार होता है।

फरवरी और मई 2020 के बीच होने वाले पांच क्वालिफाइंग मुकाबलों के लिए ओलंपिक चैनल के पास दुनिया भर में डिजिटल अधिकार प्राप्त होंगे।

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पांच जज मुक्केबाज़ को लक्ष्य क्षेत्र, तकनीकी और सामरिक श्रेष्ठता के आधार पर अंक देते हैं, और नियमों का उल्लंघन करने के लिए स्कोर में कटौती भी करते हैं।

जज उन्हें 10 अंक देते हैं जो प्रत्येक दौर के विजेता होते हैं, जबकि हारने वाले को सात से नौ अंक मिलते हैं।

राउंड ख़त्म होने के 15 सेकंड्स के अंदर स्कोर दे देना ज़रूरी होता है, और आख़िरी राउंड के बाद सभी जजों द्वारा दिए अंकों को जोड़कर विजेता का फ़ैसला होता है। इसके बाद कंप्यूटर मैच का परिणाम तय करने के लिए रैंडमली तीन स्कोरों का चयन करता है।

यहां बताया गया है कि कैसे मुक्केबाज़ टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई करेंगे

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