डांसर्स भी जीत सकते हैं पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक, भारतीय फेडरेशन मदद के लिए तैयार

पेरिस खेलों में पहली बार पदक के रूप में आयोजित होने वाले इस खेल के साथ, ऑल इंडिया डांसस्पोर्ट फेडरेशन 2024 में एक शीर्ष-गुणवत्ता वाली टीम बनाना चाहता है।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

ऑल इंडिया डांसस्पोर्ट फेडरेशन (All India DanceSport Federation) 2024 ओलंपिक के लिए एक बेहतरीन टीम तैयार करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए उत्सुक है। डांसस्पोर्ट पहली बार पदक वाले खेल के रूप में आयोजित होगा।

AIDSF के महासचिव बिस्वजीत मोहंती (Biswajit Mohanty) ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, “भारत इस खेल की तैयारियों के लिए बेहतर तरीके से काम कर रहा है। इसके लिए कई इवेंट आयोजित किए जा रहे है और एथलिट्स का चयन किया जा रहा है, इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कोचों को बुलाया जा रहा है, जो पेरिस 2024 के लिए एक बेहतरीन टीम बनाने के लिए एथलीट्स को ट्रेनिंग देंगे।”

मोहंती ने आगे कहा, "हम देश भर में डांस को बढ़ावा देने और डांसर्स को बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राज्यों में इवेंट आयोजित करेंगे।”

"हम 2022 में नई प्रतिभाओं से उम्मीद कर रहे हैं कि वो डांसस्पोर्ट में अच्छा करें और ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो जाएं।"

2024 पेरिस ओलंपिक से पहले भारतीय टीम को ट्रेन करने के लिए विदेशी कोचों की मदद लेने के लिए ऑल इंडिया डांसस्पोर्ट फेडरेशन उत्सुक है।

आज कल के युवाओं के बीच बड़े पैमाने पर डांस का क्रेज देखने को मिल रहा है, जिसको ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने पेरिस ओलंपिक में इसे पदक इवेंट के रूप में आयोजित करने का फैसला किया है।

जबकि आईओसी ओलंपिक में नई पीढ़ी को बेहतर शुरूआत के लिए पानी की तरह पैसा बहाने के लिए तैयार है। दूसरी ओर इस खेल को ओलंपिक की मान्यता मिलने से लोगों का और अधिक ध्यान आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

आरिफ चौधरी (Arif Chaudhary) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ओलंपिक चैनल से कहा, "भारत में ऐसे कई प्रतिभा है, जो छिपी रहती है और लोग उसके बारे में जान नहीं पाते।”

“दुनिया भर के लोग इसके बारे में जानते हैं लेकिन कोई भी इसे गंभीर रूप में नहीं देखता है। अगर आप याद करें तो पता चलेगा कि हिप-हॉप भी इसी तरह शुरू हुआ और ये वहीं से आगे बढ़ा। ये गलियों से लेकर क्लबों तक फैला और अब ये एक खेल है। ओलंपिक मान्यता मिलने से हम सिर्फ इसे और बेहतर तरीके से फॉलो करेंगे।”

इस बीच, दिल्ली स्थित बी-गर्ल शिवानी नेगी (Shivani Negi) ने उम्मीद जताई कि ओलंपिक मान्यता से उनके कला के प्रति समाज की मानसिकता को बदलने में मदद मिलेगी।

24 वर्षीय इस ब्रेकडांसर ने पीटीआई को बताया, "अधिकांश माता-पिता करियर की संभावनाओं के बारे में सोचने, या अपने बच्चों को उत्साहित करने के लिए डांस का समर्थन नहीं करते हैं।"

“अब वही डांस ओलंपिक का एक हिस्सा है, लोगों की धारणा निश्चित रूप से बदल जाएगी और माता-पिता अपने बच्चों को कम उम्र में ही डांस के लिए प्रेरित करेंगे। हम अधिक युवाओं को डांस की ओर आकर्षित होने की उम्मीद कर रहे हैं।”

जबकि ओलंपिक इवेंट में इसके शामिल होने से इस खेल को फॉलो करने वालों के बीच एक नई लहर देखने को मिल रही है। भारत में बी-बॉयज़ और बी-गर्ल्स का मानना है कि डांस कला और एथलेटिक्स का एक सही मिश्रण है।

दिल्ली स्थित बी-बॉय, पाऊ डीसी (Paau DC) ने कहा, "विंडमिल की तरह पॉवर मूवमेंट, 'एयरफ्लेयर' और 'स्वाइप' के लिए कोर स्ट्रेंथ की बहुत जरूरत होती है।"

प्रमुख तस्वीर: आरिफ़ चौधरी/फ़्लाइंग मशीन