BWF ने 16 मार्च से शुरू होने वाली सभी प्रतियोगिताओं को किया निलंबित

बैडमिंटन खिलाड़ियों को ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के बारे में और अधिक आगे की जानकारी के लिए इंतजार करना होगा।

भारतीय बैडमिंटन स्टार पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) ने अपने टूर्नामेंट कार्यक्रमों को समायोजित करने के लिए भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्दिष्ट कोरांटिन पीरियड (40 दिन का समय) के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी सरकार से स्पष्टता मांगी है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने 16 मार्च से शुरू होने वाले सभी बैडमिंटन आयोजनों को 12 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा की है।

पीवी सिंधु (PV Sindhu) ऑल इंग्लैंड ओपन से बाहर होने वाली अंतिम भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थीं। जिसके बाद भारतीय शटलर स्विस ओपन का रुख कर रही थीं, जो बासेल में आयोजित होने वाला था।

हालांकि दुनिया भर में COVID-19 के मामलों के बढ़ने और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पिछले सप्ताह एक महामारी के फैलने की घोषणा करने के कारण BWF ने सभी इवेंट्स को रद्द करने के लिए आवश्यक कदम उठाया है।

बीडब्ल्यूएफ ने एक बयान जारी कर कहा कि "बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने सोमवार 16 मार्च से रविवार 12 अप्रैल तक सभी एचएसबीसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर और अन्य बीडब्ल्यूएफ-सैंक्संड टूर्नामेंटों को स्थगित करने के लिए आवश्यक कदम उठाया है,"

“विश्व स्तर पर COVID-19 के प्रकोप के बढ़ने से BWF ने अपने मेजबान सदस्य संघों और कॉन्टिनेंटल कन्फेडरेशन्स के साथ आपसी परामर्श और सर्वसम्मति से इस अवधि में सभी टूर को रद्द कर दिया है।"

अपने ट्विटर पेज के जरिए भारत सरकार से मदद मांगने के बाद, पारुपल्ली कश्यप ने शुक्रवार को एएनआई के साथ एक इंटरव्यूव में सभी इवेंट्स को रद्द करने की बात कही।

इंटरव्यूव में पारुपल्ली कश्यप ने कहा, "हां, इवेंट्स को रद्द कर दिया जाना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि हमारे पास कोई और विकल्प है, जो भी दिशानिर्देश है, हमें उन्हें मामना चाहिए, BWF स्थानीय अधिकारियों के ऊपर छोड़ने के बजाए खुद का स्टैंड लेना होगा।"

ऑल इंग्लैंड ओपन के क्वार्टर फाइनल में हारी पीवी सिंधु
ऑल इंग्लैंड ओपन के क्वार्टर फाइनल में हारी पीवी सिंधुऑल इंग्लैंड ओपन के क्वार्टर फाइनल में हारी पीवी सिंधु

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने क्या खोया

अचानक प्रतियोगिताओं के निलंबन के कारण टूर्नामेंट बैडमिंटन खिलाड़ियों द्वारा छूट जाएंगे, जिनमें से अधिकांश उनके ओलंपिक क्वालिफिकेशन के अवसरों को प्रभावित करेंगे।

एक बयान में कहा गया है कि, "टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के क्वालिफाइंग पीरियड में निलंबन के परिणामस्वरूप कई टूर्नामेंट प्रभावित हुए।" "BWF बाद की तारीख में ओलंपिक क्वालिफिकेशन अंक से संबंधित नियमों पर एक और घोषणा करेगा।"

इस दौरान भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी जिन बड़े-बड़े टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे उसमें BWF इंडिया ओपन, (सुपर 500), मलेशिया ओपन (सुपर 750) और सिंगापुर ओपन (सुपर 500) शामिल हैं।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ओलंपिक की दौड़ में शामिल

रेस टू टोक्यो के लिए बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालीफिकेशन रैंकिंग की मेंस सिंगल्स इवेंट में तीन भारतीय खिलाड़ी- किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth), पारुपल्ली कश्यप और सौरभ वर्मा - दूसरे निश्चित स्थान के लिए लड़ रहे हैं।

जबकि पहला स्थान भारतीय खिलाड़ी बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) द्वारा सील किया जा चुका है। जो 11वें सप्ताह तक 51,277 अंकों के साथ 11 वें स्थान पर थे, 21 वें स्थान पर किदांबी श्रीकांत के पास 40,129 अंक हैं, जबकि 23 वें स्थान पर सौरभ वर्मा के पास 38,610 अंक हैं। 24 वें स्थान पर परुपल्ली कश्यप के पास 38,240 अंक हैं और वो भी इस रेस में शामिल हैं। इस सभी शटलर्स को अंतिम रैंकिंग 30 अप्रैल को जारी होने से पहले शीर्ष 16 शटलरों में शामिल होना है।

पीवी सिंधु ने सातवें स्थान पर रहकर महिला एकल रैंकिंग की अंक तालिका में शीर्ष 16 में अच्छी तरह से अपने ओलंपिक बर्थ को लगभग सील कर दिया, 22 वीं वरीयता प्राप्त साइना नेहवाल (Saina Nehwal) (41, 067 अंक के साथ) अपने कार्य को मुश्किल कर चुकीं हैं, जो कि साइया का अंतिम ओलंपिक खेल भी हो सकता है।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!