बेंगलुरु एफसी छोड़ने वाले कार्लास क्यूराड्र के कार्यकाल के पांच सर्वश्रेष्ठ मैच 

इंडियन सुपर लीग के मौजूदा सत्र में लगातार खराब प्रदर्शन के बेंगलुरु एफसी के मुख्य कोच कार्लेस कुआड्रॉर्ट करार खत्म कर दिया

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

कार्लास क्यूराड्र (Carles Cuadrat) ने बेंगलुरू एफसी का प्रबंधकीय पद छोड़ दिया। इंडियन सुपर लीग (ISL) में लगातार तीन हार के बाद बेंगलुरु FC और कार्लास क्यूराड्र ने बुधवार शाम को टीम के मुख्य कोच के रूप से करार खत्म करने का फैसला किया।

स्पैन निवासी ने न केवल टीम को 2018-19 इंडियन सुपर लीग (ISL) खिताब दिलाया, बल्कि लीग चरण के अंत में शीर्ष पर भी पहुंचाया और ऐसा करने वाले वो एकमात्र कोच हैं।

अल्बर्ट रोका से कार्यभार लेने के बाद उन्होंने अपने पूर्व बॉस के दर्शन और सिद्धांतों पर दृढ़ता से स्थापित प्रोजेक्ट पर काम करना जारी रखा।

गोल पाने के लिए योजनाबद्ध चीज़ें उनके शक्तिशाली हथियारों में से एक थे। क्यूराड्र, रोका के प्रभारी होने पर भी उन चालों में महारत रखते थे।

अपने कार्यकाल के दौरान वेस्ट ब्लॉक ब्लूज़ ने कांटेरावा में कई तेज लाइटों की रोशनी वाली रातों और यहां तक कि घर से दूर अपने प्रवास के दौरान आनन्दित किया है।

*पेश हैं ऐसे शीर्ष पांच उदाहरण जिनमें बेंगलुरु ने क्यूराड्र के निर्देशन में अपने विरोधियों पर वर्चस्व कायम किया।  *

1. पुणे सिटी 0-3 बेंगलुरू एफसी (22 अक्टूबर, 2018)

यह उनके निर्देशन में तीसरा मैच था, लेकिन ब्लूज़ ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे। दो मिनट के एक तूफानी हमले ने पुणे सिटी को उनके घुटनों पर ला दिया। 41वें और 43वें मिनट में सुनील छेत्री ने दो बार प्रहार किया जब तक स्टालियन इससे बच पाते दोनों मौकों का सार्थक गोलूई बेहतर उपयोग किया। क्यूराड्र ने लाइनों के बीच समझदारी से डिमास डेलगाडो का इस्तेमाल किया और मिडफ़ील्ड मेट्रोनोम ने अपने शीर्ष पायदान गेंद वितरण कौशल के साथ बेंगलुरु को जारी रखा। दूसरे हाफ में क्यूराड्र की टीम ने अपना वर्चस्व जारी रखा और मिकू ने तीसरा गोल कर मेजबान टीम को और नुकसान पहुंचाया।

2. बेंगलुरु एफसी 3-0 एफसी गोवा (21 फरवरी, 2019)

यह तालिका में शीर्ष पर आने के लिए मुकाबला था। इसमें जो सबसे ऊपर पहुंचेगा वो तटस्थ प्रशंसकों को खुश करेगा। मैच एक उल्टफेर के साथ शुरू हुआ और दोनों टीमों को हाफ टाइम में अलग नहीं किया जा सका।

इस बीच निशु कुमार को रेड कार्ड मिल गया था इस कारण बेंगलुरु की टीम में खिलाड़ी 10 रह गये। हाफ टाइम में क्यूराड्र ने अपनी रणनीति को बदल दिया और इसे 4-2-3-1 से 4-4-1 में बदला केवल मिकू को बाहर रखते हुए। दूसरे हाफ में पांच मिनट के लिए ब्लूज़ ने प्रशिक्षण के मैदान सीधे रूटीन योजनाबद्ध तरीकों से गतिरोध को तोड़ दिया। एरिक पर्टालु की अनुपस्थिति में क्यूराड्र ने गोवा के हमलों को तोड़ने और काउंटर अटैक शुरू करने के लिए डेलगाडो को बहुत दूर तैनात किया। इस चाल ने पूरी तरह से काम किया और 11 खिलाडियों के साथ खेलने के बावजूद गोवा के जीत से बाहर करने के लिए उदंत सिंह और मिकू दो और गोल किए।

स्टेडियम में मौजूद कार्लास क्यूराड्र

3. बेंगलुरु एफसी 3-0 नॉर्थईस्ट यूनाइटेड (11 मार्च, 2019)

यह सेमीफाइनल का दूसरा चरण था और बेंगलुरू दो गोल करने के बाद भी एक गोल से पीछे चल रहा था। बेंगलुरु के चाहने वाले इसका बदला मांग कर रहे थे और क्यूराड्र की टीम ने जवाब दिया। मेजबानों ने आक्रामक रवैया अपनाया, लेकिन नॉर्थईस्ट धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ खड़े थे। क्यूराड्र ने महसूस किया कि यह समय सबके बाहर आने का है। उन्होंने जुआन के स्थान पर लुइस्मा को मैदान में उतारा। अगले पांच मिनट के भीतर बेंगलुरु ने गतिरोध को तोड़ दिया और दूर से गोल साधा।

हाइलैंडर्स के लिए यह बड़ा सदमा था और क्यूराड्र के कहर ने पुरुषों को खेल के दो मिनट में ही फाइनल में पहुंचा दिया

4. बेंगलुरु 1-0 एफसी गोवा (ISL फाइनल, 17 मार्च, 2019)

ISL में सबसे बड़ी रात के लिए मंच तैयार किया गया था और गोवा बदला लेने के लिए प्रहार कर रहा था। गोवा का आधिपत्य था, जबकि बेंगलुरु अपने आकार और रचना को बनाए रखने के लिए धैर्य रखा। गेंद को ज्यादा न देखने के बावजूद JSW के स्वामित्व वाली पूर्व टीम अपने मौके तलाश रही थी, लेकिन गोवा की रक्षात्मक शैली के सामने नाकाम हो रही थी। मिकू आशाजनक स्थिति में आ रहे थे लेकिन ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्होंने अपने स्कोरिंग जूते ड्रेसिंग रूम में ही छोड़ दिए थे। लेकिन 105वें मिनट में अहमद जौह को दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। क्यूराड्र ने इस मौके का सबसे अधिक फायदा उठाया। उन्होंने गोवा के डिफेंस का परीक्षण करना शुरू कर दिया। 117वें मिनट में ऑरेंज रेसिस्टेंस ने बाजी मारी और राहुल भाके के शानदार कारनामे ने बेंगलुरु को जीत दिला।

5. बेंगलुरु 4-2 केरल ब्लास्टर्स (13 दिसंबर, 2020)

पहले जब भी ये दोनों टीमें भिड़ी और ISL के इस सीजन में इनका मुकाबला एक ही जैसा हुआ है। राहुल केपी ने प्ले ऑफ के मुकाबले के लिए ब्लास्टर्स के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की, लेकिन क्लेइटन सिल्वा ने 12 मिनट के भीतर बराबरी करके जवाब दिया।

दोतरफा हमले में क्यूराड्र ने क्रिस्चियन ऑप्सेथ के साथ सिल्वा को जोड़ा और इसने उनकी टीम के लिए आश्चर्य का काम किया। उन्होंने आशिक को एक ओवरलेपिंग लेफ्ट विंग बैक के रूप में तैनात किया। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमले के लिए हमेशा पर्याप्त खिलाड़ी मौजूद रहें। दूसरे हाफ में उन्होंने एक बार फिर जोरदार शुरुआत की और फिर से शुरू होने के छह मिनट के भीतर, उन्होंने पर्तुएल के माध्यम से बढ़त ले ली। डिमास ने केरल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांक, टॉसर्स ने छेत्री को एक गोल से पीछे छोड़ते हुए कैप हासिल की और टीम को 4-2 से शानदार जीत दिलाई।ि