कैरोलिना मारिन ने बताया, पीवी सिंधु और साइना नेहवाल में से किसको हराना कठिन

रियो 2016 की स्वर्ण पदक विजेता का दोनों ही भारतीय बैडमिंटन सितारों के खिलाफ जीत-हार का अच्छा रिकॉर्ड रहा है।

पीवी सिंधु (PV Sindhu) और साइना नेहवाल (Saina Nehwal) जब कभी भी स्पेनिश शटलर कैरोलिना मारिन (Carolina Marin) के खिलाफ खेलती हैं तो प्रशंसकों को पता होता है कि मुक़ाबला काफी रोमांचक होगा।

भारतीय बैडमिंटन सितारों ने रियो 2016 की स्वर्ण पदक विजेता के खिलाफ कई कड़े मैच खेले हैं और कैरोलिना मारिन ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि उन्हें सिंधु या साइना का सामना करते हुए हमेशा अपना पूरा ज़ोर लगाने की जरूरत होती थी।

कैरोलिना मारिन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया, “साइना और सिंधु शानदार खिलाड़ी हैं। मैं दोनों की प्रशंसा करती हूं और जब भी मैं उनके खिलाफ खेलती हूं तो मुझे हमेशा अपनी पूरी ताक़त झोंकनी पड़ती है।”

उन्होंने आगे कहा, "इस बात का चुनाव करना मुश्किल है कि कौन बेहतर है, मैंने दोनों के खिलाफ बहुत कठिन फाइनल खेले हैं।”

साइना नेहवाल के साथ कैरोलिना मारिन के हेड-टू-हेड मुक़ाबलों में वह 7-6 से आगे हैं। मारिन ने लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना को हराकर 2015 विश्व चैंपियनशिप खिताब के लिए अपना रास्ता साफ किया। यह उनके लिए सबसे बड़ी जीत में से एक थी।

रियो 2016 में कैरोलिना मारिन ने पीवी सिंधु पर हासिल की एक शानदार जीत 
रियो 2016 में कैरोलिना मारिन ने पीवी सिंधु पर हासिल की एक शानदार जीत रियो 2016 में कैरोलिना मारिन ने पीवी सिंधु पर हासिल की एक शानदार जीत 

2018 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में और रियो 2016 के फाइनल में बड़ी जीत के बाद इस स्पेनिश बैडमिंटन खिलाड़ी ने पीवी सिंधु के खिलाफ 8-6 से अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को थोड़ा और बेहतर कर लिया।

भारत में होना घर में होने के जैसा

27 वर्षीय कैरोलिना मारिन अक्सर कई टूर्नामेंट खेलने के लिए भारत आती रहती हैं और इसके अलावा उन्होंने फ्रेंचाइजी आधारित प्रीमियर बैडमिंटन लीग में खेलते हुए देश में लंबा समय बिताया है।

मारिन ने 2018 में हैदराबाद हंटर्स के साथ पहला खिताब जीता और यह भी स्वीकार किया कि वह भारत में अपने इतने फैंस को देखकर हैरान हैं।

उन्होंने कहा, “सिंधु के खिलाफ ओलंपिक गोल्ड जीतने के बाद मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि सभी भारतीय प्रशंसक मुझसे कितना आकर्षित हैं। मैंने सोचा था कि वो मुझसे बिल्कुल भी खुश नहीं होंगे। जब भी मैं भारत में खेलती हूं, मुझे ऐसा लगता है कि मैं घर पर हूं। मैं उन सभी खूबसूरत पलों के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगी, और ये वो अविश्वसनीय यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।”

ओलंपिक चैंपियन ने पीबीएल के 2020 संस्करण में खेलने से इनकार कर दिया था, क्योंकि 2019 में वह गंभीर एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) चोट से उबरने की कोशिश कर रहीं थीं। इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक में अपने खिताब का बचाव करना उनका मुख्य लक्ष्य है।

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