टोक्यो 2020 की दौड़ से बाहर हुई भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम 

ओलंपिक प्री क्वालिफायर में चीनी ताइपे से मिली हार के बाद भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम का 2020 ओलंपिक गेम्स में भाग लेने का सपना टूट गया है। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कुआलालंपुर में चल रहे ओलंपिक प्री क्वार्टरफाइनल में भारत का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा है। रविवार को चीनी ताइपे से हुए मुकाबले में भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम इस मुकाबले को 56 – 79 से हारने के बाद अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर चली गई। जिसकी वजह से उसे प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। आपको बता दें ऑस्ट्रेलिया और जापान अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर रहने की वजह से अभी भी टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने की दौड़ में बनी हुई हैं।

भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी रणनीति के साथ की। हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका को समझते हुए एक-दूसरे का साथ दिया और उनका जोश देखते ही बन रहा था। भारतीय टीम ने यह मुकाबला अपने हाथों से गंवा तो दिया लेकिन दर्शकों की नज़रों में सराहना बटोरने में कामयाब रही। चीनी ताइपे की ओर से वी-लिन वांग और वी-एन चेन ने शानदार प्रदर्शन कर 39 अंक अपनी टीम की झोली में डाले।

थ्री प्वाइंट की झड़ी

खेल की शुरुआत में ही चीनी ताइपे ने थ्री प्वाइंट स्कोर कर अपनी टीम को एक सफल शुरुआत दी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार से भारतीय टीम ने सीख ज़रूर ली और इस बार अपने डिफेंस को मज़बूत रखा। चीनी ताइपे को आसानी से अंक ना देने की वजह से इस मुकाबले में भारतीय टीम ने जीत की आस ज़रूर जगाए रखी।

उम्दा डिफेंस की वजह से चीनी ताइपे टीम ने दूर से अंक बटोरने की रणनीति बनाई और इसके चलते उन्होंने एक और थ्री प्वाइंट स्कोर अपनी झोली में डाल लिया। इस क्वार्टर के अंत में 10- 22 से पीछे चल रही भारतीय टीम को सही समय पर अटैक करने की ज़रूरत थी। भारत की ओर से मधु कुमारी ने इस क्वार्टर में अच्छा खेल दिखाया और भारत को अगले क्वार्टर में लड़ने की हिम्मत दी।

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। शिरीन लिमाए और अनीशा क्लीटस ने थ्री प्वाइंट स्कोर कर भारत को एक अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया। भारत की देखा-देखी विरोधी टीम की वी-एन चेन ने भी अपनी टीम को एक थ्री प्वाइंट दिलाने में मदद की और एक बार फिर भारत की मुश्किलों को बढ़ा दिया। चीनी ताइपे ने बाहरी डी के पीछे से ही थ्री प्वाइंट अंक बटोरने शुरू कर दिए और आधे समय के बाद 47–29 के स्कोर से बढ़त बना ली।

आक्रामक तेवर

दूसरे हाफ में देर न करते हुए भारतीय टीम ने पहले ही मिनट में अंक अपने नाम कर लिया। रणनीति की बात की जाए तो भारत ने अटैक कर अंक तालिका का फासला कम करने की कोशिश की। पलड़ा कभी भारत की ओर तो कभी चीनी ताइपे की ओर झुकता नज़र आ रहा था। पेई-चेन त्साई ने भारतीय डिफेंस को चकमा देते हुए अपनी टीम के लिए 8 अंक बटोर लिए। भारत ने भी आसानी से खेल को एक तरफा नहीं होने दिया और अटैक करना जारी रखा। आखिरी क्वार्टर की शुरुआत में भी भारतीय टीम ने अटैक करने की रणनीति अपनाई और इस वजह से अपनी प्रतिद्वंदी टीम को अंक बटोरने के कई मौके दे बैठे। आखिरी कुछ मिनटों में चीनी ताइपे ने सुलझा हुआ खेल दिखाया और भारतीय टीम को फाउल करने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार मुकाबले का अंत भारत के लिए निराशाजनक रहा और चीनी ताइपे ने 79-56 के स्कोर से यह मुकाबला अपने नाम कर लिया।