कोलोन वर्ल्डकप में अमित पंघल, सिमरजीत कौर और मनीषा ने जीता गोल्ड मेडल

भारतीय मुक्केबाजों ने कोलोन वर्ल्डकप का अंत 9 मेडल के साथ किया, जिसमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 कांस्य पदक शामिल है।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

जर्मनी में हुए कोलोन बॉक्सिंग वर्ल्डकप (Cologne Boxing World Cup) में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी झोली में 3 गोल्ड मेडल डाले।

भारत की तरफ से अमित पंघल (मेंस 52 किलोग्राम) (Amit Panghal), सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur) (वुमेंस 60 किलोग्राम) और मनीषा मौन (वुमेंस 57 किलोग्राम) (Manisha Moun) ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके मौजूदा एआईबीए फ्लाईवेट वर्ल्ड नंबर 1 बॉक्सर अमित पंघल ने बिना रिंग में उतरे गोल्ड मेडल जीता, उनके विरोधी ने मुकाबले से ठीक पहले वॉकओवर कर लिया। पंघल ने सेमीफाइनल मैच में फ्रांस के बिलाल बेनामा (Billal Bennama) को मात दी थी।

वहीं सिमरनजीत कौर ने लोकल फेवरेट माया क्लेनहंस (Maya Kleinhans) को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता ने अपने फुटवर्क का शानदार इस्तेमाल करते हुए एकतरफा जीत हासिल की।

इसके अलावा वुमेंस 57 किलोग्राम फाइनल में दो भारतीयों के बीच मुकाबला था, जहां मनीषा (Manisha) ने 2 बार की एआईबीए वुमेंस यूथ वर्ल्ड चैंपियन साक्षी चौधरी (Sakshi Choudhary) को कड़े मुकाबलें में 3-2 से हराया।

कोलोन बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में वुमेंस इवेंट में 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हमवतन साक्षी चौधरी के खिलाफ मनीषा मौन। फोटो: BFI

वहीं एक और भारतीय फाइनलिस्ट सतीश कुमार (Satish Kumar) (मेंस +91 किलोग्राम) को भी सिल्वर पदक से संतोष करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने जर्मनी के नेल्वि टायफैक (Nelvie Tiafack) के खिलाफ मुकाबले से पहले अपना नाम वापस ले लिया था।

भारत के सुपरहैवीवेट बॉक्सर ने सेमीफाइनल मुकाबलें में फ्रांस के जैमिली दीनी मोइंदजे (Djamili Dini Moindze) को मात दी थी लेकिन इस दौरान उन्हें चोट भी लग गई, जिसके बाद टीम के डॉक्टर ने उन्हें रिंग में ना उतरने की सलाह दी।

सोनिया लाथेर (वुमेंस 57 किग्रा) (Sonia Lather), पूजा रानी (वुमेंस 75 किग्रा) (Pooja Rani) गौरव सोलंकी (मेंस 57 किग्रा) (Gaurav Solanki) और मोहम्मद हुसामुद्दीन (मेंस 57 किग्रा) (Mohamed Hussamudin) ने इससे पहले अपने-अपने वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस तरह जर्मनी में भारत के पदकों की संख्या 9 हो गई।

टोक्यो ओलंपिक से पहले भारतीय बॉक्सर्स के लिए कोलोन वर्ल्डकप आखिरी तैयारी का मौका है और इस मुक्केबाजी ग्रुप को ओलंपिक को देखते हुए तैयार किया गया है।

मुक्केबाजों ने एसिसि में इटली ओलंपिक सेंटर में ट्रेनिंग की। इसके अलावा उन्होंने अक्टूबर में फ्रांस के नांतेस में एलेक्सिस वास्टीन अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भाग लिया, जहां उन्होंने तीन स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते।