टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भारत के पदकों की संख्या दोहरे अंक में जा सकती है: दीपा मलिक

पैरालंपिक कमिटी ऑफ़ इंडिया की अध्यक्ष दीपा मलिक का मानना है कि रियो में जीते 4 मेडल से बेहतर प्रदर्शन भारत टोक्यो गेम्स में करेगा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

दीपा मलिक (Deepa Malik), पहली भारतीय महिला एथलीट हैं जिन्होंने पैरालंपिक गेम्स में मेडल जीता है और अब वह टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में बाकी खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं। उनका मानना है कि टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भी भारत मेडल जीतने के लिए सक्षम है और अपनी मेहनत से खिलाड़ी इस सपने को पूरा कर सकते हैं।

 49 वर्षीय दीपा मलिक ने रियो पैरालंपिक गेम्स में कमाल कर F53 शॉट पुट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था और तब से अब तक वह भारतीय फैंस के दिलों पर राज कर रही हैं। इतना ही नहीं बल्कि दीपा ने एशियन पैरा गेम्स के जेवलिन और डिसकस थ्रो में भी कई मेडल जीते हैं।

हरियाणा की दीपा ने खेल से तो रिटायरमेंट ले ली है लेकिन अभी भी वह खेल से प्रशासनिक तौर पर जुड़ी हुई हैं। 2012 में अर्जुन अवार्ड जीतने वाली इस खिलाड़ी को पैरालंपिक कमिटी ऑफ़ इंडिया की प्रेसिडेंट बनाया है।

टेबल टेनिस प्लेयर मुदित दानी (Mudit Dani) से इन्स्टाग्राम लाइव चैट के दौरान दीपा ने कहा “अगले साल टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में कमाल की बात तब होगी जब भारत डबल डिजिट में मेडल जीतेगा।

"दीपा का मानना है कि पैरालंपिक गेम्स को लेकर भारत में रूचि बढ़ गई है और खिलाड़ी भी खूब मेहनत करते हुए दिखाई देते हैं। पिछले कई सालों में इस खेल ने भारत में बदलाव देखे हैं।”

“रियो में हमने मेडल की संख्या को दोगुना किया था (लंदन गेम्स के मुकाबले)। हमारे पास दो गोल्ड, एक सिल्वर पर एक ब्रॉन्ज़ मेडल था। 2018 एशियन पैरा गेम्स में हमारा स्क्वाड 194 का था और हमने उस दौरान 72 मेडल अपने नाम किए थे जो कि एक बेचमार्क भी था।”

पैरालंपिक गेम्स की बात करें तो भारत ने रियो गेम्स में 4 मेडल जीते थे और वह जॉइंट हाईएस्ट रिकॉर्ड था। 1984 संस्करण में भी भारत ने 4 ही मेडल जीते थे जिसमें दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।

टोक्यो पैरालंपिक गेम्स पर भारत की नज़र

गौरतलब है कि पैरालंपिक गेम्स को भी कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से अगले साल के लिए मुल्तवी कर दिया है और ऐसे में खिलाड़ियों के पास तैयारी करने का अतिरिक्त समय है।

यह इवेंट 24 अगस्त से 5 सितंबर तक चलेगा और इसमें बहुत से खिलाड़ी अपने कौशल को दिखाते हुए नज़र आएंगे।
फिलहाल पैरालंपिक गेम्स के लिए 22 कोटा स्थान हैं और माना जा रहा है कि यह गिनती बढ़ सकती है। इस बार भारत पैरालंपिक गेम्स के लिए रिकॉर्ड बनाकर सबसे बड़ा खेमा टोक्यो भेज सकता है। इससे पहले रियो गेम्स में भारत की ओर से 19 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।