कोरोना के बाद तीरंदाज़ी में पूर्ण ओलंपिक कोटा हासिल करना मुश्किल: दीपिका कुमारी

अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए दो कोटा स्थानों को सुरक्षित करने के लिए भारतीय महिला तीरंदाजों के पास अभी भी एक आखिरी मौका है

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) को लगता है कि विश्व तीरंदाजी कैलेंडर में कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से हुए बदलावों ने अगले साल के टोक्यो ओलंपिक के लिए सभी तीन उपलब्ध कोटा स्थानों को सुरक्षित करने के लिए भारतीय महिला तीरंदाजों की मुश्किलें बढ़ा दी है।

भारत टोक्यो के लिए तीरंदाजी में तीन पुरुषों और तीन महिलाओं के कुल छह कोटा स्थान हासिल कर सकता है। पुरुषों के कोटे के स्थानों को पहले ही 2019 विश्व चैंपियनशिप में रिकर्व टीम ने रजत पदक जीतकर सुरक्षित कर लिया है। जिसमें अतानु दास (Atanu Das), तरुणदीप राय (Tarundeep Rai) और प्रवीण जाधव (Praveen Jadhav) शामिल हैं।

इस बीच, दीपिका कुमारी एकमात्र महिला हैं, जिन्होंने पिछले साल बैंकॉक में एशियन कॉन्टिनेंटल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था।

दीपिका ने इंस्टाग्राम पर लाइव चैट के दौरान भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी (Mudit Rani) से कहा, "अभी हमारे पास महिला वर्ग में केवल एक कोटा स्थान सुरक्षित है और दो अन्य कोटा स्थानों को सुरक्षित करने के लिए केवल एक क्वालिफ़ायर्स बचा है।"

दो बार की विश्व चैंपियन ने कहा, "आम तौर पर हम हमेशा इस अवधि तक पूर्ण कोटा सुरक्षित कर लेते हैं, लेकिन इस बार बहुत कुछ अलग है।"

टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा स्थान हासिल करने वाली दीपिका कुमारी एकमात्र भारतीय महिला तीरंदाज हैं।

टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा स्थान हासिल करने वाली दीपिका कुमारी एकमात्र भारतीय महिला तीरंदाज हैं।

पिछले जून में विश्व चैंपियनशिप में कोटा हासिल करने का अवसर चूकने के बाद, भारतीय महिला तीरंदाजों को अब पेरिस में अगले साल 18 से 21 जून तक होने वाले अंतिम ओलंपिक क्वालिफिकेशन स्पर्धा में स्थानों को सुरक्षित करने का एक अंतिम अवसर होगा

अंतिम ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट 2021 के तीरंदाजी विश्व कप के पेरिस लेग से ठीक पहले आयोजित किया जाएगा। शुरू में इसे बर्लिन में जून 2020 में आयोजित किया जाना था लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।

दीपिका कुमारी को लगता है कि भारतीय महिला तीरंदाजों ने बर्लिन क्वालिफ़ायर्स से पहले कड़ी मेहनत की थी और अगर इवेंट योजना अनुसार होता, तो बाकी दो स्थानों को हासिल करने का अच्छा मौका था।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम उस लय में थे। हम शेष कोटा सुरक्षित करने के लिए भूखे थे और हमारा अभ्यास वास्तव में अच्छा चल रहा था।”

उन्होंने कहा, “जब COVID की वजह से लॉकडाउन हुआ, तो हमें किसी भी इवेंट के बारे में कोई पक्की खबर नहीं थी कि कब क्या होगा। हमें अंदाजा नहीं था कि अनिश्चितताओं के बीच क्या करना है। वो बहुत मुश्किल घड़ी थी।”

दीपिका ने ये भी स्वीकार किया कि स्थिति ने सभी के प्रशिक्षण व्यवस्था पर एक जैसा प्रभाव डाला है और लॉकडाउन के बाद वो उस फॉर्म में वापस आने में कुछ समय ले सकते हैं।

फिलहाल भारतीय टीम टोक्यो में महिलाओं की सिंग्लस, पुरुषों की सिंग्लस और टीम और मिक्स टीम रिकर्व इवेंट में भाग ले सकती है।  

हालांकि, महिलाओं के टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए कम से कम एक कोटा स्थान पेरिस में सुरक्षित करना होगा।