केरल के व्यापारी भारत में बना रहे हैं डिएगो माराडोना का म्यूजियम

फुटबॉल दिग्गज डिएगो माराडोना की सोने की मूर्ति इस म्यूज़ियम की सबसे बड़ी आकर्षण होगी।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

केरल के एक व्यापारी दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना (Diego Maradona) के नाम से एक म्यूजियम बनाना चाहते हैं।

अर्जेंटीना के फुटबॉलर के निजी जीवन को दर्शाने वाला यह म्यूजियम कोलकाता या फिर किसी साउथ इंडियन सिटी में बनाया जाएगा और इसमें आर्ट और प्रौद्योगिकी का मिश्रण भी होगा।

चेम्मानुर ग्रुप के चेयरमैन बॉबी चेम्मानुर (Boby Chemmanur) ने कहा “यह संग्रहालय माराडोना के लिए श्रद्धांजलि है। वह दिग्गज फुटबॉलर और उनकी फुटबॉल से लैस यादों और बातों का एक घर होगा।”

बात करते हुए चेम्मानुर ने माराडोना से मुलाकात पर भी बात की। उन्होंने यह भी दर्शाया कि माराडोना ‘हैण्ड ऑफ़ गॉड’ वाक्य से जुड़ा मूर्ति भी देखना चाहते हैं। ग़ौरतलब है कि यह वो वाक्य है जब वर्ल्ड कप 1986 में माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ हाथ से गोल मारा था।

उन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा “मैंने माराडोना को उन्हीं की एक छोटी सी सोने सोने की मूर्ति दी थी। उसे लेने के बाद, उस दिग्गज ने ‘हैण्ड ऑफ़ गॉड’ वाक्य की एक बड़ी मूर्ति बनाने की इच्छा जताई।”

माना जा रहा है कि संग्रहालय की सबसे बड़ी आकर्षण इस फुटबॉलर की एक विशाल मूर्ति होगी।

“मैं माराडोना की उस इच्छा को पूरा करने के लिए बहुत खुश हूं।”

इस म्यूज़ियम को एक कलाकार-लेखक बोनी थॉमस बनाएंगे (Bony Thomas)।

माराडोना, नापोली, एल पिबे डी ओरो के साथ दो बार के स्कुडेटो विजेता रह चुके हैं। भारत में उनके काफ़ी चाहने वाले हैं और जब भी वह भारत आते थे तो उनका भव्य स्वागत किया जाता था।

2017 में भारत आने के बाद माराडोना ने कहा था कि “नापोली के बाद यह मेरे जीवन का दूसरा सबसे बड़ा स्वागत है।

माराडोना ने 1986 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना की कप्तानी की थी और उस टीम ने जर्मनी को 3-2 से मात दी थी। 1997 में रिटायर होने से पहले इस दिग्गज फुटबॉलर ने बार्सिलोना, नापोली, बोका जूनियर्स और बाकी कुछ टीमों के लिए अपने प्रदर्शन को सर्शाया है।

विश्व के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक डिएगो माराडोना का देहांत हाल ही में ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना में हो गया है। 60 वर्ष के इस खिलाड़ी के दिमाग में ब्लड क्लॉट की शिकायत है और वह उसका इलाज भी करा रहे थे।

फुटबॉलर के देहांत के बाद केरल सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक का भी एलान किया था।