क्या तारीख़ों में बदलाव के बाद ओलंपिक के लिए दीपा कर्माकर की क़िस्मत भी बदलेगी ?

ओलंपिक के स्थगित हो जाने के साथ ही इस खिलाड़ी को चोट से उबरने के लिए और वक्त मिल जाएगा। भारतीय जिम्नास्ट का ध्यान अब आगामी वर्ल्डकप पर है, जहां वो अच्छा प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना चाहती हैं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

COVID-19 महामारी के कारण ना केवल टोक्यो ओलंपिक टल गया बल्कि दुनियाभर के एथलीटों के प्लान इससे प्रभावित हुए हैं।

अब जब टोक्यो ओलंपिक की साल 2021 में तारीखें तय होने के बाद उसी हिसाब से तैयारी में जुटेंगे। कुछ ऐसी ही कहानी भारतीय जिम्नास्टिक दीपा कर्माकर (Dipa Karmakar) की है, जिन्हें एक और उम्मीद की किरण नज़र आ रही है।

ये खिलाड़ी घुटने की चोट के कारण टोक्यो 2020 में हिस्सा लेने के लिए असमर्थ थीं, उन्हें इस चोट के कारण साल 2019 में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। अब जब ओलंपिक एक साल के लिए टल गया है तो 26 साल की ये खिलाड़ी इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती हैं।

मौके को भुनाने की कोशिश में दीपा कर्माकर

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से बातचीत में इस खिलाड़ी ने बताया कि “कुल 8 वर्ल्डकप में से अब केवल 2 ही बचे हैं, जो शायद मार्च में होने थे लेकिन कोरोना वायरस के कारण जून तक स्थगित हो गए”। इसके अलावा उन्होंने कहा कि “अब इस स्थिति में शायद अगले साल ही हो। इस वजह से मुझे अपनी चोट से उबरने के लिए और समय मिल जाएगा। मैं फॉर्म में वापसी के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी और उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाऊं।”

अब दीपा कर्माकर फॉर्म में आने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। इस खिलाड़ी ने लंबे ब्रेक के बाद ट्रेनिंग शुरू कर दी है और जब कोरोना वायरस के कारण पूरा देश लॉकडाउन है, ये खिलाड़ी अपनी फिटनेस में लगातार सुधार की कोशिश कर रही है। वहीं दीपा के कोच बिशेश्वर नंदी चाहते हैं कि इस समय वह घर पर अपना समय बिताएं।

अभी एक लंबा सफर तय करना है- बिशेश्वर नंदी

दीपा के कोच बिशेश्वर नंदी ने ओलंपिक चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि “उन्हें घर पर ही एक रूटीन दिया गया है। वह दिन में दो बार ट्रेनिंग करती है। आप घर की छत पर उन्हें प्रैक्टिस करते हुए देख सकते हैं”

अब अपना सर्वश्रेष्ठ देने के बावजूद दीपा कर्माकर के कोच टोक्यो ओलंपिक के लिए ज्यादा आश्वस्त नहीं हैं। बिशेश्वर नंदी ने कहा कि “वह अभी अभी चोट से वापस आई हैं और उन्होंने बेसिक ट्रेनिंग ही शुरू की थी इतने में फिर से सब बंद करना पड़ा। अभी हम इतंजार कर रहे हैं। हमें अभी नहीं पता कि आगामी दोनों वर्ल्डकप कब होंगे, यहां तक की हमने अभी तक ट्रेनिंग शेड्यूल तक नहीं बनाया है। अब अगर लॉकडाउन और आगे बढ़ता है तो हमारी उम्मीदें और धूमिल होती जाएंगी।”

इसके अलावा दीपा के कोच ने बताया कि उम्मीद है कि हमें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के पूरे मौके मिलेंगे। अगर हमें मौके मिलते हैं तो निश्चित तौर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। हम इसकी कोशिश भी कर रहे हैं लेकिन सच कहूं तो यह काफी मुश्किल है।

रियो 2016 में दीपा कर्माकर का प्रदर्शन

दीपा कर्माकर ने रियो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से देशवासियों के दिलों में जगह बनाई।

52 साल के ओलंपिक इतिहास में दीपा कर्माकर प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट बनी, कर्माकर लैंडिंग में एक छोटी से चूक से ओलंपिक में पदक हासिल करने से चूक गई थीं। दीपा ने प्रोडुनोवा वॉल्ट जिम्नास्टिक किया था।