टोक्यो 2020 क्वालिफिकेशन के लिए चिंतित हैं दुती चंद

फास्टेस्ट इंडियन वुमेन दुती चंद की कोशिश टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने की है।

दुती चंद (Dutee Chand) टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने लिए के दिन रात एक कर रहीं है। कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते बहुत सी प्रतियोगिताओं को रद्द या स्थगित कर दिया गया है। यूरोप में कोरोना के कहर की वजह से जर्मनी में होने वाले ओलंपिक क्वालिफायर्स से दुती ने अपना नाम वापस ले लिया था।

प्रेस टर्स्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बात करते हुए दुती ने बताया “मैं 2 मार्च को प्रतिस्पर्धा और ट्रेनिंग के लिए जर्मनी जा रही थी। यूरोप में ओलंपिक क्वालिफिकेशन के ज़रिए मैं टोक्यो 2020 में स्थान प्राप्त करना चाहती थी। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से मेरे प्लान में अड़चनें आई हैं।”

स्टार धावक दुती चंद पर रहेगी इंडियन ग्रां प्री में सभी की नज़र, 100 मीटर और 200 मीटर में ओलंपिक कट-ऑफ़ टाइम कर सकती हैं हासिल
स्टार धावक दुती चंद पर रहेगी इंडियन ग्रां प्री में सभी की नज़र, 100 मीटर और 200 मीटर में ओलंपिक कट-ऑफ़ टाइम कर सकती हैं हासिलस्टार धावक दुती चंद पर रहेगी इंडियन ग्रां प्री में सभी की नज़र, 100 मीटर और 200 मीटर में ओलंपिक कट-ऑफ़ टाइम कर सकती हैं हासिल

उन्होंने आगे कहा “मैं स्वच्छता का पूरा ध्यान रख रही हूं, बाहर का खाना नहीं खा रही हूं और अच्छे से हाथ धो रही हूं। हां मैं हर बार ट्रेनिंग के समय सेनिटाईज़र का प्रयोग नहीं कर सकती। मैं उम्मीद करती हूं कि भारत और विश्व को इस वायरस से राहत मिलेगी।”एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (AFI) की मानें तो फेड कप भी रद्द किया जा सकता है। अब दुती चंद 100 मीटर इंडियन ग्रां प्री 1 के ज़रिए ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने का मौका खोज रही होंगी।”

 दुती चंद की सर्वश्रेष्ठ टाइमिंग 11.22 सेकंड है और ओलंपिक गेम्स का हिस्सा बनना है तो उन्हें 11.15 सेकंड या उससे कम समय में 100 मीटर रेस को ख़त्म कर अपने मौके बनाने होंगे। उन्होंने स्वीकार कि टोक्यो 2020 क्वालिफिकेशन को लेकर वे चिंतित हैं।

इस धावक ने आगे कहा “मैं चिंता में हूं कि मैं ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाउंगी या नहीं। ओलंपिक में जगह बनानी मुश्किल है। यूरोप में आपको कड़े प्रतिद्वंदी मिलते हैं जो कि आपकी टाइमिंग को बेहतर करने की ललक पैदा करते हैं।

हायपरएंड्रोजेनिज़्म (Hyperandrogenism) की वजह से भी दुती चंद को काफी मुश्किलातों का सामना करना पड़ा। हायपरएंड्रोजेनिज़्म का मतलब आसान शब्दों में कहें तो उनके शरीर में काफी ज्यादा स्तर पर टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का निर्माण हो रहा था। जिसके बाद दुनिया में ‘गे’ कहलाने की वजह से इस रनर को बहुत सी बाधाओं से जूझते हुए आगे बढ़ना पड़ा। हालांकि इस खिलाड़ी ने अपना सपना नहीं छोड़ा। 2016 रियो ओलंपिक ने दुती चंद को 5वीं भारतीय बनाया जिन्होंने ओलंपिक गेम्स के 100 मीटर वर्ग में प्रतिस्पर्धा की हो। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टोक्यो 2020 के लिए दुती चंद के अगले कदम क्या होते हैं।

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