एथलेटिक्स

दुती चंद ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए कर रहीं कड़ी मेहनत

100 मीटर ओलंपिक कट-ऑफ हासिल करने के लिए इस भारतीय फर्राटा धाविका को कम से कम 0.07 सेकेंड तेज़ दौड़ना होगा।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय स्प्रिंटिंग स्टार दुती चंद इस साल फरवरी में होने वाले क्वालिफाइंग मुकाबलों में लगातार दूसरी बार ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। पिछले साल नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर में 11.22 सेकंड का निजी सर्वश्रेष्ठ बनाने वाली दुती चंद ने इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। ओलंपिक में दोबारा भाग लेने के लिए उन्हें यह अपने आपको और भी बेहतर करना होगा।

महिलाओं के 100 मीटर में टोक्यो 2020 के लिए कट-ऑफ समय 11.15 सेकंड है, जिसका मतलब यह हुआ कि 23 वर्षीय को अपने वर्तमान सर्वश्रेष्ठ को तोड़ने के लिए कम से कम 0.07 सेकंड तेजी से दौड़ना होगा। ऐसे में दुती इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही प्रशिक्षण ले रही हैं।

भारतीय फर्राटा धाविका दुती चंद ने कहा है कि मेरा लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक के लिए 100 मीटर दौड़ का टिकेट हासिल करना है। दुती ने कहा कि ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए 11.15 सेकंड का समय हासिल करना होगा, जोकि इसका क्वालिफिकेशन लक्ष्य है। मुझे फरवरी में होने वाले मुकाबले में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिलेगा।

पीटीआई से बात करते हुए दुती चंद ने कहा, "मैंने टोक्यो ओलंपिक के लिए अभी तक क्वालिफाई नहीं किया है। मुझे 11.15 सेकंड का क्वालिफिकेशन लक्ष्य हासिल करना है। मुझे फरवरी में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिलेगा।”

दुती कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) के लिए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के उद्घाटन संस्करण में भी भाग लेंगी, जो 22 फरवरी को भुवनेश्वर में शुरू होगा। उन्होंने इस शानदार पहल की सराहना भी की।

उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स इस देश में प्रतिभा की खोज करने का एक शानदार तरीका है। लोग पढ़ाई करते हैं और साथ-साथ खेल खेलते हैं। इसलिए, अधिकांश प्रतिभाएं स्कूलों और विश्वविद्यालयों में मौजूद हैं।”

अद्भुत प्रतिभा की धनी

दुती चंद की प्रतिभा कभी संदेह में नहीं रही। वह पहली बार 2013 में सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय बन गईं थीं।

2014 में एक हार्मोन परीक्षण में विफल रहने के लिए प्रतिबंध के बाद उनके बढ़ते हुए करियर में बाधा उत्पन्न हुई थी, लेकिन उनकी अपील सफल रही और 2016 के रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करके एक शानदार वापसी की। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में दो रजत पदक भी जीते हैं, और अगर वह टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई करती हैं, तो वह बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगी।