उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा को लगता है, टोक्यो की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण था यूरोपीय दौरा  

नीवा को आने वाले महिनों में और भी मुक्केबाजों के ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारतीय मुक्केबाजी दल बेल्लारी के भारतीय खेल संस्थान में टोक्यो ओलंपिक की तैयारी कर रहा है। नौ भारतीय मुक्केबाज पहले ही फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा को उम्मीद है कि आगामी महीनों में इनकी संख्या में इजाफा होगा।

नीवा ने ईएसपीएन को बताया, "हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा मुक्केबाज क्वालीफाई करें। इसके साथ ही हमें अपने स्तर में भी सुधार करना है। एक निश्चित स्तर बनाये रखने के लिए प्रशिक्षण में हमने पहले से ही तैयारी कर रखी है। अब इसे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।"

भारतीय मुक्केबाजों ने एक प्रशिक्षण कार्यकाल के लिए अक्टूबर, 2020 में इटली की यात्रा की और कोलोन विश्व कप में भी भाग लेते हुए तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। उन्हें लगता है कि यूरोपीय दौरा बहुत अच्छा रहा जिसने मुक्केबाजों को न केवल प्रतिस्पर्धात्मक करने का समय दिया, बल्कि ओलंपिक के लिए जाने वाले महीनों में जरूरी दिनचर्या भी प्रदान की।

नीवा ने कहा, "विदेश जाने को लेकर चुनौतीपूर्ण स्थिति थी। शुरुआत में (जब मुक्केबाज प्रशिक्षण नहीं ले पाये थे) ज्यादा चिंता नहीं थी, क्योंकि उन्हें थोड़े ब्रेक की जरूरत थी। इसलिए हम ज्यादा परेशान नहीं थे, लेकिन जब ओलंपिक स्थगित हो गया, तो हालात बदतर हो गए। दो महीने तक प्रशिक्षण नहीं लेने के बाद वापस शेप में आना बहुत मुश्किल था। जब अन्य एशियाई देश यूरोप नहीं जा सकते थे, तब ऐसे समय में यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसका टोक्यो में हमारे प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ेगा।"

महामारी के कारण यूरोपीय ओलंपिक क्वालिफायर सहित कई क्वालीफिकेशन इवेंट रद्द कर दिये गए, लेकिन एशिया-ओशिनिया क्वालीफायर पूरा होने के कारण भारत बहुत बेहतर स्थिति में है।

भारतीय टीम के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा को लगता है ओलंपिक गेम्स के नज़दीक पहुंचने तक हालात सुधर जाएंगे। 

उन्होंने कहा, "इसने हमारे लिए चीजों को थोड़ा आसान बना दिया। अगर हम वहां अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो हम दबाव महसूस करते। इससे एक आत्मविश्वास पैदा हुआ और इस कारण अच्छी संख्या में मुक्केबाजों ने क्वालीफाई किया। हमें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है, कि हम आराम से बैठ जायें। इसने हमें सुरक्षा प्रदान की है। अन्यथा, यह हमारे लिए भी मुश्किल हो सकता था, जैसे विदेश में अन्य सहयोगियों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है।"

नीवा को उम्मीद है कि टीम टोक्यो की उड़ान भरने से पहले उन्नत प्रशिक्षण के लिए एक बार फिर यूरोप का दौरा कर सकेगी।

उन्होंने खुलासा किया, "अब हम जानते हैं कि क्या संभव है, तो हम अपनी तैयारी का पहला हिस्सा भारत में कर सकते हैं और फिर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विदेश दौरे पर जा सकते हैं। मैंने पहले से ही आगामी कुछ महीनों के लिए बुल्गारिया और ऑस्ट्रिया में प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम निर्धारित किया है। अगर वहां समस्या पैदा होती है तो हम प्रशिक्षण देने के लिए टीमों को भारत लाने के लिए भी तैयार हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति साफ हो जाएगी।"

भारत बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए तैयार है, जो सोफिया में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होगा।