होम वर्कआउट, तलवारबाज़ी और व्हाट्सएप ने रखा भवानी देवी को व्यस्त

तमिलनाडु की 26 वर्षीय तलवारबाज़ इटली में प्रशिक्षण ले रही थीं, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण उन्हें भारत लौटकर प्रशिक्षण को जारी रखना पड़ा।

अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों में अपनी जगह पक्की करने के उद्देश्य के साथ, भवानी देवी (Bhavani Devi) ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली तलवारबाज़ बनने का लक्ष्य रख रही हैं। यह खेल भारत में बहुत लोकप्रिय नहीं है। भारत में फेंसिंग (तलवारबाज़ी) के प्रशिक्षण केंद्रों की वजह से वह ज्यादातर विदेश में ही प्रशिक्षण लेती हैं।

हालांकि, COVID-19 महामारी की वजह से पूरी दुनिया और खेल जगत को रोक दिया है, जिसकी वजह से भवानी देवी जैसे सभी दूसरे एथलीटों को सेल्फ-आइसोलेशन में अपनी योजनाओं और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को बदलना पड़ा है।

भवानी देवी ने खुलासा करते हुए कहा, “मेरे इटली के कोच ने मुझे यह होम वर्कआउट दिया है और जब भी मुझे जिम जाना होता है तो मैं अपने ट्रेनर के साथ ट्रेनिंग करती हूं। मैं ज्यादातर बॉडीवेट एक्सरसाइज जैसे लंग्स, स्क्वॉट और पुश-अप्स कर रही हूं। मैं साथ ही साथ फेंसिंग फुटवर्क भी कर रही हूं”।

वह कहती हैं कि लिवोर्नो में जो नियमित प्रशिक्षण मैं ले रही थी, उसकी जगह कोई नहीं ले सकता है। वह कहती हैं, “मुझे अपने कोच, अपने साथियों और निश्चित रूप से सेटअप के साथ तलवारबाज़ी के सभी सबक याद हैं। वो (इटली) पिछले कुछ हफ्तों से बंद (लॉकडाउन) है, लेकिन हम व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में रहते हैं और अच्छी बात यह है कि सभी सुरक्षित है।”

तलवारबाज़ी बना जुनून

तलवारबाज़ी के प्रति उनके जुनून से उनके करीबी भलीभांति परिचित हैं। वह अपना अधिक से अधिक समय पुरानी क्लासिक फेंसिंग वीडियो देखकर बिताती हैं। भवानी देवी ने कहा, "मैं अपने बहुत से मैच देख रही हूं, लेकिन 2019 विश्व चैंपियनशिप में, जहां मैं प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही, वहां (कांस्य पदक विजेता) बियांका पास्कू मेरी पसंदीदा हैं।”

उन्होंने अपनी बात को विस्तार में बताते हुए कहा, “पिछले कुछ महीनों में मुझे बहुत सी यात्राएं और प्रशिक्षण करना पड़ा है, इसलिए जितना संभव हो सकता है उतना मैं इस समय का उपयोग आराम करने के लिए भी कर रही हूं। मैं योग कर रही हूं, मैं घर पर अपने पुनर्वास अभ्यासों पर काम कर रही हूं और अच्छी नींद लेने की कोशिश कर रही हूं।

भवानी देवी पहले ही आइसलैंड में 2017 टूरोई सैटेलाइट फेंसिंग चैंपियनशिप में एक अंतरराष्ट्रीय तलवारबाज़ी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय फ़ेंसर बनकर इतिहास रच चुकी हैं। अब वह ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय फ़ेंसर बनने की उम्मीद कर रही हैं।

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