FIBA एशिया कप क्वालिफायर्स: फाइनल ग्रुप गेम में लेबनान ने भारत को किया पस्त

हेवीवेट लेबनान ने FIBA एशिया कप क्वालिफायर्स के कारवां का अंत जीत के साथ किया। लेबनान ने भारतीय टीम को 99-71 से मात दी और अब वह फाइनल राउंड में शिरकत करेंगे।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

फीबा एशियन कप क्वालिफायर्स में लेबनान ने भारतीय बास्केटबॉल टीम को 99-71 के अच्छे अंतर से हराया। यह मुकाबला खलीफा स्पोर्ट्स सिटी मनामा, बाहरीन में खेला गया था।

इस जीत से लेबनान ने क्वालिफाइंग राउंड पार लिया है और साथ ही उन्होंने 2021 फीबा एशियन कप में भी अपनी जगह बना ली है। लेबनान अब फाइनल क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार करेगी।

FIBA एशिया कप के फाइनल क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में 6 टीमों को 3-3 के ग्रुप में डाला जाएगा और उसमें टॉप 2 टीमें साल के अंत में इंडोनेशिया में अपने कौशल का प्रमाण पेश करती नज़र आएंगी।

जोसेफ चार्टूनी ने लेबनान के लिए सबसे अधिक 24 अंक बटोरे, तस्वीर साभार: FIBA मीडिया  

इस मुकाबले में दोनों टीमों के पास कुछ हारने के लिए नहीं था तो ऐसे में भारत और लेबनान ने बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका दिया और उन्हें परखने की कोशिश की।

इराक़ के खिलाफ अहम जीत दर्ज करने के बाद भारतीय हूपसटर्स के खेमे में आत्मविश्वास झलक रहा था। FIBA रैंकिंग लिस्ट में लेबनान भारत से 15 रैंक आगे हैं लेकिन फिर भी भारतीय टीम ने अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर दी।

इराक़ के खिलाफ दिग्गज अरविंद अन्नादुराई (Aravind Annadurai) ने जहां खेल छोड़ा था आज वहीं से शुरुआत की। तेज़ी से बास्केट करना, अपने साथियों के लिए मूव बनाना, यही तो अरविंद अन्नादुराई की खासियत हैऔर आज भी उन्होंने अपने इस कौशल को खुलकर दिखाया। वहीं युवा मुईन बैक हफीज (Muin Bek Hafeez), अमान संधू (Amaan Sandhu) और प्रशांत सिंह रावत (Prashant Singh Rawat) ने भी शानदार प्रदर्शन से मैनेजमेंट को अपने होने का प्रमाण पेश किया।

पहले सत्र के ख़त्म होने से पहले लेबनान ने 10 अंकों की बढ़त अपने खाते में रखी थी लेकिन यह पता लगाना मुश्किल था कि बाज़ी कौन मारता है।

युवा जोसेफ चार्टूनी (Joseph Chartouny), राफेल एज्डेडाइन (Raphael Ezzeddine) और जेरार्ड हैडियन (Gerard Hadidian) ने अपनी टीम के अटैक को बखूबी संभाला और कुछ बेहतरीन मूव्स से अपनी ही नहीं बल्कि भारतीय टीम को भी हैरान कर दिया। इतना ही नहीं बल्कि उनके खेल को देख कर भारतीय हेड कोच वैसलीन मैटिक (Veselin Matic) भी दंग रह गए थे।

जल्द ही भारतीय टीम ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया और अपने डिफ़ेंस से अपने प्रतिद्वंदियों से कड़े सवाल पूछे। इसके बाद भी लेबनान ने हार न मानी और उच्च कोटि का खेल दिखाते हुए बास्केट करते चले गए।

आधे समय के बाद लेबनान भारतीय टीम से 7 अंक आगे थी और उसके बाद उन्होंने मज़बूत तेवर दिखाते हुए तीसरे स्तर के बाद 21 अंक की लीड ले ली थी।

इसके बाद भारतीय टीम मानों पटरी से उतर गई थी ओ वह लेबनान के आक्रामक खेल के आगे कुछ ख़ास कर नहीं पा रही थी और इसी वजह से वह मुकाबला गंवा बैठे।