टेनिस में भारत की अगली बड़ी उम्मीद सुमित नागल के बारे में जाने पांच रोचक तथ्य 

2019 यूएस ओपन में नागल के आदर्श रोजर फेडरर ने की थी उनके प्रदर्श की तारीफ 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

निराशाओं से भरे साल 2020 के बाद नया साल 2021 खेल बिरादरी के लिए कई आशाओं से भरा हुआ है। 2020 में ओलंपिक सहित कई खेल प्रतियोगिताएं स्थगित हुई हैं।

2021 में की शुरुआत टोक्यो 2020 ओलंपिक के साथ होगी जो मार्की इवेंट की श्रृंखला का नेतृत्व करेगा।

इस साल का पहली बड़ा आयोजन ऑस्ट्रेलियन ओपन होगा, जो चार टेनिस ग्रैंड स्लैम में से पहला है। ऑस्ट्रेलियन ओपन फरवरी में मेलबर्न में आयोजित होगा जिसमें भारत युवा टेनिस खिलाडी सुमित नागल का प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

हरियाणा का 23 वर्षीय यह खिलाड़ी यूएस ओपन के पिछले कुछ संस्करणों में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत एकल में भारत की सबसे उज्ज्वल उम्मीद बनकर उभरे हैं।

नागल को पुरुषों के एकल मुख्य ड्रा में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। उनके सहित आठ खिलाड़ियों को भी इसी तरह से एंट्री मिली है। नतीजतन उन्हें इस महीने दुबई में होने वाले ऑस्ट्रेलियाई ओपन क्वालीफायर में भाग नहीं लेना होगा।

वर्तमान में वो वर्ल्ड रैंकिंग में 136वें स्थान पर हैं। भारत उनकी प्रगति को काफी उत्सुकता के साथ देख रहा है। आइये जानते हैं इस प्रतिभाशाली खिलाडी के बारे में पांच प्रमुख बातें—

शुरुआती साल: महेश भूपति की भूमिका

हरियाणा के झज्जर के रहने वाले नागल ने आठ साल की उम्र में एक स्थानीय स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस खेलना शुरू किया था। महेश भूपति की अकादमी में भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल होने के लिए चुने जाने के बाद स्कूल शिक्षक के बेटे नागल की किस्मत बदल गई।

ज्यादातर भारतीय बच्चों के बीच क्रिकेट लोकप्रिय था। ऐसे में इसने नागल का ध्यान जल्दी आकर्षित किया। वह इस खेल में उत्कृष्टता हासिल करना चाहता था लेकिन इससे पहले ही उसके पिता ने उसे टेनिस पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। क्योंकि इस समय उसके पास भूपति का प्रस्ताव आया था।

भूपति के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए नई दिल्ली में सलेक्शन ट्रॉयल आयोजित हुआ। नागल वहां गया और टेनिस के सर्वश्रेष्ठ खिलाडी से एक बार उसका खेल देखने को कहा। इस सवाल ने उसका जीवन बदल दिया, क्योंकि भूपति ने उसकी क्षमता को देख लिया।

मैच के दौरान शॉट मारते सुमित नागल

युगल और मिश्रित युगल में 12 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले भूपति ने भारतीय टेनिस खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को बेहतर बनाने के लिए मिशन 2018 प्रोग्राम शुरू किया था। इसी के पहले बैच में नागल को शामिल किया गया था।

नागल ने प्रोग्राम में दो साल तक बेंगलुरु में प्रशिक्षण लिया। हालांकि बाद में वह कोच बॉबी महल से प्रशिक्षण लेने के लिए टोरंटो चले गए।

जूनियर विंबलडन में सफलता

विंबलडन में सफलता हासिल करने के लिए हर टेनिस खिलाड़ी किसी भी स्तर पर तैयार रहता है। 17 वर्षीय नागल ने 2015 में जूनियर बॉयज डबल्स में हॉलिडे ग्रास कोर्ट में अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई। नागल ने वियतनाम के अपने साथी नाम हुआंग ली के साथ फाइनल में अमेरिकी जोड़ी रेइली ओपेल्का और अकीरा सेंटिलन को हराकर खिताब जीता।

इस तरह नागल जूनियर ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले छठे भारतीय खिलाड़ी बने। नागल 2015 में भी पेशेवर बने। यह उनके लिए यादगार साल बन गया।

डेविस कप और ATP चैलेंजर सीरीज में सफलता

2016 में नागल ने नई दिल्ली में स्पेन के खिलाफ विश्व ग्रुप प्लेऑफ टाई में भारत के लिए डेविस कप में पदार्पण किया। उन्होंने राफेल नडाल के साथ युगल में ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले मार्क लोपेज के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। नागल 3-6, 6-1, 3-6 से मैच हार गये लेकिन इसमें उन्होंने अपनी प्रतिभा की झलक से सभी का चौंका दिया।

नवंबर, 2019 में कजाकिस्तान के नूर सुल्तान में पाकिस्तान के हुफैजा मोहम्मद रहमान को 6-0 6-2 से हराकर उन्हें डेविस कप में पहली जीत मिली।

2017 में बेंगलुरु चैलेंजर जीतकर उन्होंने पहला ATP खिताब अपने नाम किया। सेमीफाइनल में हमवतन युकी भांबरी को पछाड़ने से पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरियता प्राप्त ब्लाज़ काविक को मात दी। फाइनल में उन्होंने ब्रिटिश स्टार जे क्लार्क को हराकर पहला चैलेंजर सीरीज खिताब जीता।

2018 जूनियर एशियाई खेलों में वो अमनदीप सिंह और राज कुमार (सब) के साथ युगल के फाइनल में पहुंचे।

सितंबर 2019 में उन्हें अपनी जगह में से एक पर क्ले में सफलता मिली। बोंजा लुका, बोस्निया और हर्जेगोविना में चैलेंजर स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने के बाद उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए ब्यूनस आयर्स में अपना दूसरा खिताब जीता।

यूएस ओपन में उत्थान: फेडरर और थिएम से मुकाबला

2019 सुमित नागल के लिए सफलता का साल था। उन्होंने मुख्य ड्रा में पहुंचने के लिए अपने पंसदीदा ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन के लिए क्वालीफायर के माध्यम से जगह बनाई।

क्वालीफाइंग के अंतिम राउंड में वो जोआओ मेनेजेस से एक सेट से पीछे चल रहे थे। इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए उन्होंने प्रतिद्वंदी को मात दी।

यह उसके लिए अपने आदर्श रोजर फेडरर के खिलाफ एक शानदार मुकाबला निर्धारित करने के रूप में मिला इनाम था।

उनका ग्रैंड स्लैम में पदार्पण बहुत शानदार तरीके से होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। नागल ने कई लोगों को चौंकाते हुए पहला सेट जीतकर स्विस सुपरस्टार को पीछे करने का प्रयास किया, लेकिन फेडरर ने आखिरकार 6-4, 1-6, 2-6, 4-6 से मैच पर कब्जा जमा लिया।

इस हार के बावजूद नागल का सीना गर्व से चौडा हो गया क्योंकि खुद फेडरर ने उसकी प्रशंसा की। उन्होंने मैच के बाद कहा, "वह जानता है कि वह क्या कर सकता है। इसीलिए मुझे लगता है कि वह करियर की बहुत ठोस शुरुआत करने जा रहा है।"

अगले साल 2020 में नागल एक कदम और आगे बढ़ाया। मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश को देखते हुए नागल ने पहले राउंड में USA के ब्रैडली क्लैन को 6-1, 6-3, 3-6, 6-1 से हराया। इसके बाद वो 2013 के US ओपन में सोमदेव देववर्मन के बाद सिंगल्स में मुख्य ड्रॉ ग्रैंड स्लैम मैच जीतने वाले पहले भारतीय बने। हालांकि नागल दूसरे राउंड में डोमिनिक थिएम के खिलाफ मैच हार गये।

क्रिकेट स्टार विराट कोहली की फाउंडेशन का सपोर्ट

भारतीय क्रिकेट टीम के सुपरस्टार और कप्तान विराट कोहली, सुमित नागल का सहयोग करते रहे हैं। वो विराट कोहली फाउंडेशन के एथलीट डेवलपमेंट प्रोग्राम से सहायता प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रोग्राम के माध्यम से नागल को यात्रा, प्रशिक्षण और पोषण के खर्च में सहयोग मिलता है।

नागल को जापानी संस्कृति में गहरी दिलचस्पी है। उन्होंने बाएं हाथ पर एक मंदिर, समुराई और कमल के फूल का टेटू बनवाया है। उन्होंने पहले भी जापान के प्रति अपने आकर्षण का खुलासा किया है।