पूर्व डेविस कप खिलाड़ी जीशान अली टेनिस चैंपियंस की अगली पीढ़ी को बनाना चाहते हैं मजबूत

जीशान ने पीठ में चोट के कारण 1995 में संन्यास लेने के बाद कोचिंग की तरफ बढ़ाया था कदम

लेखक भारत शर्मा ·

भारत की ओर से 1988 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व डेविस कप खिलाड़ी जीशान अली अब अलगी पीढ़ी के खिलाड़ियों को मजबूत और खेल में पारंगत बनाना चाहते हैं। वह वर्तमान में नई दिल्ली में राष्ट्रीय टेनिस केंद्र (NTC) में मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं।

जीशान ने गल्फ न्यूज को बताया, "मेरा मानना ​​है कि भारत के पास इस नई पहल के माध्यम से शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और यहां तक ​​कि ग्रैंड स्लैम चैंपियंस तैयार करने की क्षमता है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत ही दिलचस्प समय हैं और मैं भारतीय टेनिस में होने वाले इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हूं। मैं अपने देश से अगली पीढ़ी के टेनिस चैंपियनों के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।"

NTC राजधानी में दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन परिसर के अफ्रीका एवेन्यू में स्थित है और इसमें 13 कोर्ट, दो जिम, एक स्विमिंग पूल और एक होस्टल सुविधा के साथ-साथ एक रसोईघर और रनिंग ट्रैक शामिल हैं।

NTC का शुरुआती कार्यक्रम अप्रैल में शुरू होगा। इसमें 20 लड़कों और कई लड़कियों के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति उपलब्ध हैं। इसके अलावा चयनित खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

राष्ट्रीय कोच जीशान ने कहा कि सुविधाएं यथावत हैं और आने वाले वर्षों में भारत में टेनिस के मानक में सुधार होगा।

जीशान ने कहा, "सुविधाएं अद्भुत हैं और बुनियादी ढांचा पहले से ही है और मैं अप्रैल की शुरुआत से कार्यक्रम शुरू करने का इंतजार कर रहा हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे विश्वास है कि भारत में टेनिस का स्तर सुधरने के बाद यहां चीजें शुरू होंगी। यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है क्योंकि हमारे पास जनवरी की शुरुआत से शीर्ष जूनियर लड़कों में से 22 के साथ तीन सप्ताह का शिविर था, और अब एक समान शिविर 1 फरवरी से लड़कियों के लिए शुरू हो रहा है। ये शिविर एक चयन प्रक्रिया के रूप में भी काम करते हैं। NTC इस वर्ष भारत में बहुत सारे ITF जूनियर टूर्नामेंट आयोजित करेगा, जो हमारे खिलाड़ियों को ITF अंक जमा करने और जूनियर स्लैम के लिए लक्ष्य बनाने का मौका देंगे।"

जीशान को 18 साल की उम्र में ITF जूनियर्स में वर्ल्ड नंबर 2 और ATP टूर में 126वां स्थान हासिल किया था। उन्होंने 14 ITF जूनियर टूर्नामेंट भी जीते और 1986 में विंबलडन जूनियर्स में एकल के सेमीफाइनल में पहुंचे थे।

हालांकि, उन्हें 1995 में अपने खेल करियर के दौरान पीठ में चोट लगी थी और तब से संन्यास लेकर कोचिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।