गगन नारंग पांचवीं बार ओलंपिक में शिरकत करने का रखते हैं उद्देश्य

भारतीय निशानेबाज़ गगन नारंग और लंदन ओलंपिक खेलों में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता टोक्यो 2020 में वापसी करना चाहते हैं।

भारत के सबसे प्रतिष्ठित राइफल निशानेबाजों में से एक गगन नारंग अब 2020 ओलंपिक खेलों में अपनी वापसी का लक्ष्य बना रहे हैं। दक्षिण कोरिया के चांगवोन में 2018 ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप के बाद से यह 36 वर्षीय निशानेबाज़ काफी हद तक सर्किट से दूर हैं, और 2017 से ISSF वर्ल्ड कप भी नहीं खेला है।

इसके बावजूद, नारंग खुद को अपने 5वें ओलंपिक खेलों में भाग लेने से दूर नहीं समझते हैं। दरअसल, उन्होंने टोक्यो 2020 में वापसी और अपनी जगह पक्की करने के लिए एक बार फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। ओलंपिक चैनल से बात करते हुए अनुभवी निशानेबाज़ ने टोक्यो 2020 टीम में शामिल होने की अपनी उम्मीदों को ज़ाहिर किया।

नारंग ने कहा, “मैं अपने खेल पर काम कर रहा हूं। मुझे अपने उपकरण फिर से मिल गए हैं और मैं जल्द ही प्रशिक्षण शुरू कर दूंगा। स्कोर ऊपर और नीचे किया गया है। मुझे अभी तक यकीन नहीं है कि मैं टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई कर पाऊंगा। लेकिन खेल में आप कभी हार नहीं मानते। मेरी डिक्शनरी में “हार” जैसा कोई शब्द नहीं है।"

नए हीरों को तराश रहे हैं नारंग

2011 में नारंग ने देश में निशानेबाज़ों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए साथी शूटर पवन सिंह के साथ मिलकर पुणे में गंस ऑफ ग्लोरी शूटिंग अकादमी को लॉन्च किया।

उनकी अकादमी में प्रशिक्षण लेकर एलावेनिल वेलेरियन और श्रेया अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत सफलताएं हासिल कीं।

इस अकादमी के काम में सक्रिय रूप से शामिल होने के बावजूद नारंग ने स्पष्ट किया कि वह उन एथलीटों में से किसी को कोचिंग नहीं दे रहे हैं और एक खिलाड़ी के रूप में अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

भारतीय शूटर ने कहा, “स्पष्ट करने के लिए आपको बता दूं कि मैं अभी भी एक सक्रिय शूटर हूं। लेकिन सक्रिय रूप से कोच नहीं हूं। यह एक धारणा है कि मैं अकादमी नेटवर्क की वजह से कोचिंग लाइन में गया हूं। गंस ऑफ ग्लोरी में अच्छे प्रशिक्षकों का एक दस्ता है जो सभी को प्रशिक्षित करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते हैं। मैं सिस्टम में बस एक मेंटर हूं। अगर कोई सुझाव चाहता है, तो मैं मौजूद हूं। लेकिन मेरे पास वर्तमान में सक्रिय कोचिंग के लिए समय नहीं है।"

टोक्यो की राह

भारत में पहले से ही 9 निशानेबाज हैं, जिन्होंने अगले साल ओलंपिक में अपनी जगह पक्की की है। निशानेबाजों के लिए टोक्यो 2020 का लक्ष्य हासिल करने का अगला अवसर आगामी एशियाई चैंपियनशिप में होगा, जो 5 नवंबर को दोहा में शुरू हो रही है।

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