माँ बनने के बाद गीता फ़ोगाट की नज़र अब टोक्यो 2020 में वापसी पर

ओलंपिक गेम्स 2020 स्थगित हो जाने की वजह से भारतीय रेसलर गीता फ़ोगाट को क्वालिफाई करने का एक नया मौक़ा मिला है और वह इससे ओलंपिक में वापसी करना चाहती हैं। 

दिसंबर के महीने में माँ बनीं भारतीय पहलवान गीता फोगाट (Geeta Phogat ) की नज़रें अब टोक्यो 2020 (Tokyo 2020) में क्वालिफाई करने पर है। गौरतलब है कि गीता फोगाट ने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रचा था और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बन गईं थीं।

माँ बनने के बाद गीता को कुछ समय के लिए रेसलिंग से दूर रहना पड़ा और अपने बेटे अर्जुन का पालन पोषण करना पड़ा। हालांकि अब यह महिला पहलवान मैट पर उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से टोक्यो ओलंपिक गेम्स को अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है और ऐसे में गीता को क्वालिफाई करने का एक नया मौका भी मिला है जिसे वह किसी भी कीमत में भुनाना चाहेंगी।

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी (Mudit Dani) के साथ इन्स्टाग्राम लाइव चैट के दौरान गीता ने कहा “गर्भावास्ता के दौरान मैंने वज़न बढ़ा लिया था और अब मेरी प्राथमिकता फिट होने की है। उसके बाद मैं प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर टोक्यो 2020 में अपना स्थान पुख्ता करने की कोशिश करूंगी।”

''अब जब ओलंपिक गेम्स स्थगित हो चुके हैं तो ये एक साल मुझे ट्रायल्स और क्वालिफिकेशन इवेंट के लिए तैयारियां करने का पूरा अवसर देगा।''

माँ बनने के बाद की चुनौतियां

भारतीय महिला रेसलर ने यह तो ज़ाहिर कर ही दिया की टोक्यो में खेलने पर उनकी नज़र शुरू से है लेकिन माँ बनने की चुनौतियां भी कम नहीं होती। उन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा “मैंने कुछ समय पहले ही फिटनेस के लिए ट्रेनिंग शुरू कर दी थी लेकिन मुझे डॉक्टर ने इसे रोकने को कहा क्योंकि मुझे अर्जुन को फीड करना होता था। लेकिन हाँ पिछले कुछ महीनों से मैं लय में आने की कोशिश कर रही हूं।”

“बिना किसी प्रतिद्वंदी के ट्रेनिंग करना मुश्किल है और इसी वजह से घर पर जितनी एक्सरसाइज हो सकती है मैं वही कर रही हूं।””

गीता फोगाट और उनका बेटा अर्जुन 
गीता फोगाट और उनका बेटा अर्जुन गीता फोगाट और उनका बेटा अर्जुन 

टोक्यो 2020 से गीता को उम्मीदें

टोक्यो 2020 की बात करें तो भारत की ओर से अभी तक 4 पहलवानों ने कोटा स्थान हासिल कर लिया है।

मेंस रेसलिंग से रवि दहिया (Ravi Dahiya) (57 किग्रा), बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) (65 किग्रा), दीपक पुनिया (Deepak Punia) (86 किग्रा) ने क्वालिफाई किया है और वहीं विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) (53 किग्रा) इकलौती महिला पहलवान हैं जिन्होंने टोक्यो 2020 का कोटा जीता है।

मार्च 2021 में चीन में होने वाले एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स (Asian Olympic qualifiers) के ज़रिए और भी भारतीय पहलवान टोक्यो ओलंपिक गेम्स में अपनी जगह बना सकते हैं। अब जब रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (Wrestling Federation of India WFI) ने नए सिरे से ट्रायल्स की घोषणा की है तो ऐसे में भारतीय महिला पहलवान गीता फोगाट के पास टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने का एक बेहतरीन मौका है।  

गीता फोगाट और भारतीय कुश्ती का रिश्ता बहुत ख़ास रहा है और इस खिलाड़ी ने खेल को और खेल ने इस खिलाडी को सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब गीता ने लंदन गेम्स 2012 में क्वालिफ़ाई किया था तो ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला रेसलर बनीं थी और इस वजह से आज उनका नाम भारत के घर घर में मशहूर है।

इसके बाद उन्होंने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया था लेकिन अब वह मेहनत कर टोक्यो 2020 में खलेने के सपने को साकार करने की ओर बढ़ रही हैं और उनसे एक बार फिर क्वालिफाई करने की उम्मीद भी बंधती दिख रही है।

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