पूर्व फ़ुटबॉलर गौरमांगी सिंह ने अपनी पत्नी को कोरोना के ख़िलाफ़ जंग लड़ने पर सराहा

फ़ुटबॉलर गौरमांगी सिंह की पत्नी पुष्पांजलि पोत्सांगबाम एयर इंडिया के लिए एक पायलट की भूमिका निभा रही हैं और कोरोना वायरस के लिए जंग में भी शामिल हैं।

भारतीय पूर्व फुटबॉलर गौरमांगी सिंह (Gouramangi Singh) इस समय कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ एक अलग ही जंग लड़ रहे हैं। गौरमांगी सिंह की पत्नी पुष्पांजलि पोत्सांगबाम (Pushpanjali Potsangbam) पेशे से एक पायलट हैं और उन्हें देश की सेवा में पूरी शिद्दत से उपस्थित होना पड़ता है।

पुष्पांजलि एयर इंडिया में पायलट हैं और भारत की मुहिम ‘वन्दे मातरम्’ में उन्होंने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। गौरतलब है कि मिशन वन्दे मातरम् का मकसद बाहरी देश में फंसे भारतियों को घर लाना था और पुष्पांजलि ने यह कार्य बखूबी निभाया।

पिछले चार महीनों से पुष्पांजलि और उनकी टीम ने कई देशों से भरतीय लोगों को अपने घर पहुंचाया है और यह कार्य उन्होंने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर एयरलिफ्टिंग द्वारा किया।

गौरमांगी सिंह ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, “बहुत अच्छा लगता है कि जब ऐसी नाज़ुक स्थिति में आपका कोई अपना देश के लिए कुछ करता है। यह बहुत मुश्किल और थका देने वाला काम है और मैं इस बात को समझता भी हूं।”

मेरी पत्नी और उनके सभी साथियों को सलाम है क्योंकि वे डॉक्टरों और नर्सों की तरह सामने आकर मदद कर रहे हैं।”

गौरमांगी सिंह अपनी पत्नी पुष्पांजलि पोत्सांगबाम के साथ (फोटो क्रेडिट: AIFF) 
गौरमांगी सिंह अपनी पत्नी पुष्पांजलि पोत्सांगबाम के साथ (फोटो क्रेडिट: AIFF) गौरमांगी सिंह अपनी पत्नी पुष्पांजलि पोत्सांगबाम के साथ (फोटो क्रेडिट: AIFF) 

गर्व से चौड़ा हुआ सीना

भारतीय सरज़मीं को अपने खेल से सुनहरा बनाने वाले गौरमांगी सिंह जानते हैं कि मुश्किल घड़ी में सीना चौड़ा कर कैसे आगे बढ़ा जाता है और यही वजह है कि इस समय उनकी पत्नी का कार्य उनके लिए गर्व का सबब बन गया है।

उन्होंने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा, “मैंने भारत के लिए बहुत सालों तक फुटबॉल खेला है। उस जर्सी को पहनना और देश का नेशनल एंथम गाना, एक गर्व की बात है और आप इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। मैं आशा करता हूं कि यह भाव सभी के लिए एक समान जैसा हो।”

“हम अपना-अपना भाग अदा कर के खुश हैं। बहुत से त्याग हैं जो हमने किए हैं और हम आज भी कर रहे हैं। लेकिन आखिर में यह गर्व की बात हचुनौतियों ने बढ़ाई चिंताएं2010 एआईएफएफ प्लेयर ऑफ़ द ईयर ने इस चीज़ को भी माना कि ऐसे हालातों में उनके लिए चिंता का विषय भी बन जाता है।

भारतीय पूर्व फुटबॉलर ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा, “पूरे क्रू के लिए भी यह तनाव और चिंता का विषय है क्योंकि यह फ्लाईट, आम फ्लाईट नहीं हैं बल्कि सभी लोगों को तीसरे टेस्ट तक अपने परिवार से दूर रहकर खुद को आइसोलेशन में रखना पड़ता है।”

गौरमांगी सिंह ने फुटबॉल फेडरेशन को इस कठिनाई के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “एक दो दिन तक तो यह सही है लेकिन उन्हें यह हफ्ते दर हफ्ते करना पड़ता है ताकि वह अपने प्रियजनों की सेहत का ख्याल रख सकें।”

फिलहाल अपने मणिपुर के घर में रह रहे फुटबॉलर ने यह बताया कि वह अपनी पत्नी से लगातार बातचीत करते रहते हैं। गौरतलब है कि ड्यूटी के समय उनकी पत्नी दिल्ली में रह रहीं हैं।

सकारात्मक होना है ज़रूरीभारतीय पूर्व फुटबॉलर गौरमांगी सिंह ने ऐसे में सकारात्मक और सतर्क रहने का भी सुझाव दिया। उन्होंने आगे कहा, “यह एक अभूतपूर्व परिस्थिति है, या तो आप इसमें उदास हो कर बैठ सकते हो या फिर आप इसे पॉजिटिव देख सकते हो।”“आर्मी से लेकर डॉक्टर, नर्स, पुलिस कर्मचारी और बहुत से फ्रंटलाइन कर्मचारी हैं जो हमारे लिए यह त्याग कर रहे हैं। हमारे लिए यह ज़रूरी है कि हम सरकार द्वारा निर्धारित सुझावों का पालन करें और खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखें।”

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