कौन हैं विलक्षण प्रतिभा की धनी 11 वर्षीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हंसिनी माथन, जिसने देखा है ओलंपिक में पदक जीतने का सपना

हंसिनी माथन भारतीय जूनियर सर्किट में अपने प्रदर्शन के दम पर कमा रही है नाम

लेखक भारत शर्मा ·

देश में विलक्षण प्रतिभा के रूप में पहचानी गई 11 वर्षीय टेबल टेनिस सनसनी हंसिनी वास्तव में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करके लोगों में उत्साह पैदा कर रही है।

जैसे-जैसे वह अपनी कलाई के तेज मूवमेंट और शानदार पैडलिंग तकनीक के साथ रैंक में आगे बढ़ती जा रही है, कई टेबल टेनिस विशेषज्ञों ने उन्हें टेबल टेनिस का उभरता हुआ भविष्य करार दे दिया है।

इधर, 11 वर्षीय हंसिनी ने भविष्य में देश के लिए ओलंपिक पदक हासिल करने का लक्ष्य तय कर लिया है। ऐसे में हम यहां आपको इस विलक्षण प्रतिभा के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य बता रहे हैं।

शुरुआती सफर

माथन में शुरुआत से ही टेबल टेनिस में रुचि पैदा हो गई थी। चेन्नई में जन्मी इस सनसनी ने महज सात साल की उम्र में अपने भाई के साथ टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था।

हंसिनी ने News18 को बताया, "मैं पिछले चार सालों से टेबल टेनिस का अभ्यास कर रही हूं और यह मेरे बड़े भाई के जरिए संभव हुआ है। मुझे टेबल टेनिस खेलना बहुत पसंद है।" उनके परिवार ने उनकी प्रतिभा को जल्दी देखा और उनका बेहद समर्थन किया।

माथन भारतीय पैडलर शरथ कमल के पूर्व कोच से ले रही प्रशिक्षित

प्रारंभिक सबक किसी भी खिलाड़ी के लिए एक मजबूत नींव विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में माथन ने पहले ही काउंटी के प्रमुख कोचों में से एक से प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया है। वह किसी और से नहीं बल्कि अचंत शरथ कमल और के शामिनी जैसे शीर्ष भारतीय पैडलर्स के पूर्व कोच मुरलीधर राव से टेबल टेनिस के गुर सीख रही हैं।

उन्होंने शुरुआत में चेन्नई में SDAT AKG टेबल टेनिस डेवलपमेंट सेंटर में प्रशिक्षण लिया था। आखिरकार, उन्होंने बड़ी होने के साथ जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में अपना प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया है। वह वर्तमान में प्रतिदिन छह घंटे अभ्यास करती है।

माथन ने पहले प्रदर्शन के बाद ही बटोर ली थी सुर्खियां

माथन के कक्षा पांच के दौरान ही लोकप्रियता बटोरना शुरू कर दिया था। क्योंकि, उन्होंने स्वीडन में जूनियर इंटरनेशनल और कैडेट ओपन में एक अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) की जूनियर स्पर्धा में अपनी पहली उपस्थिति में कांस्य पदक जीत लिया था।

वह मिनी कैडेट की एकल स्पर्धा में सेमीफाइनल में रूस की लुइलिया पुगोवकिना से 12-10, 9-11, 5-11, 8-11 से हारने के बाद पोडियम पर तीसरे स्थान पर रही थी

क्वार्टर फ़ाइनल में धमाकेदार जीत दर्ज करने से पहले माथन ने 16 राउंड में कुछ जीत के साथ टूर्नामेंट शुरू किया। हालांकि, वह सेमीफाइनल में जीत का क्रम बरकरार रखने में विफल रही और अपने रूसी समकक्ष से हार गई।

ओलंपिक में पदक जीतने का बनाया लक्ष्य

11 साल की उम्र में, हंसिनी ने राष्ट्रीय स्तर पर तमिलनाडु के लिए 28 पदक हासिल किए हैं, लेकिन यह उसके लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वह ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना चाहती हैं और उन्होंने भविष्य के लिए अपना यही प्रमुख लक्ष्य तय किया है।

इस साल की शुरुआत में उन्होंने भारत में U-12 श्रेणी में शीर्ष स्थान पर काबिज होकर एक और सराहनीय उपलब्धि हासिल की।

भारत में टेबल टेनिस के शीर्ष अधिकारी 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक के लिए पहले से ही उसे चिह्नित कर चुके हैं। हंसिनी ने कहा, "मेरा सपना भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने का है।"