COVID-19 महामारी के दौरान पूर्व हॉकी कोच हरेंद्र सिंह निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

पूर्व हॉकी कोच ने कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से भारतीयों को निकालने की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभाली है।

पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी और कोच हरेंद्र सिंह (Harendra Singh) एयर इंडिया के महाप्रबंधक की भूमिका में COVID-19 महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में अपना योगदान दे रहे हैं। कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से भारतीय लोगों को निकालने की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभालने के लिए हरेंद्र सिंह अपनी कोचिंग अनुभव को भी उपयोग कर रहे हैं।

हरेंद्र सिंह ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताया कि, "मैं पहली उड़ान से ही यहां तैनात हूं, जिसने कोरोना वायरस के केंद्र वुहान शहर से भारतीयों को निकाला था। यह मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती है और लीडर होने के नाते, मुझे टीम और लोगों को प्रेरित करने के लिए एक उदाहरण तैयार करना है।"

2018 में भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी मैच के दौरान भारतीय कोच हरेंद्र सिंह
2018 में भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी मैच के दौरान भारतीय कोच हरेंद्र सिंह2018 में भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी मैच के दौरान भारतीय कोच हरेंद्र सिंह

हरेंद्र सिंह को अपने कोचिंग के अनुभव से मिलेगी मदद

पूर्व भारतीय कोच का मानना ​​है कि अगर कुछ अनहोनी होती है तो उनका कोचिंग अनुभव उन्हें ऐसी स्थिति में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि "दोनों अनुभव चुनौती पूर्ण हैं लेकिन पूरी तरह से अलग हैं। हालांकि, मुझे अपने हॉकी के कोचिंग अनुभव पर विश्वास है। उससे मुझे काफी मदद मिलेगी।"

लखनऊ में 2016 के जूनियर हॉकी विश्व कप में ख़िताबी जीत के लिए भारतीय टीम को गाइड करने वाले और 2018 के पुरुष हॉकी विश्व कप के दौरान टीम के वरिष्ठ कोच रहे हरेद्र सिंह ने बताया कि कैसे उनके '3Cs सिद्धांतों ने उन्हें एक कोच के रूप में स्थापित किया।

हरेंद्र सिंह ने कहा, "इस मिशन में भी मैंने सिर्फ अपने 3Cs फ़ॉर्मूला (communication, commitment and coordination) (संचार, प्रतिबद्धता और समन्वय) को अपनाया। ये वही फ़ॉर्मूला है जो मैंने जूनियर विश्व कप के दौरान अपनाया था।"

उनकी नई भूमिका ने उन्हें COVID-19 के प्रकोप के खिलाफ भारत की लड़ाई में सबसे आगे खड़ा कर दिया है, 1990 के एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता ने कहा कि उन्हें ये काम करने में कोई आपत्ति नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "हजारों डॉक्टर, पुलिसकर्मी, आपातकालीन सेवा कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, इसलिए मुझे भी कोई आपत्ति नहीं हो सकती है। मुझे देश के लिए एक अलग मंच पर राष्ट्र की सेवा करने का बड़ा अवसर मिला है।"

पूर्व हॉकी खिलाड़ी और उनकी टीम लगातार काम कर रही है, कभी-कभी तो लगातार 72 घंटों तक काम करना पड़ता है। एक सूट पहने हुए हरेंद्र सिंह ने अपने परिवार को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया जो उनके प्रयासों के लिए उनपर गर्व महसूस करते हैं।

COVID-19 के 300 से अधिक मामले भारत में अब तक सामने आए हैं, जहां आने वाले समय में इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

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