हरेंद्र सिंह ने भारतीय महिला हॉकी टीम की स्कोरिंग क्षमता में सुधार का दिया सुझाव 

कोरोना महामारी चलते एक साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने सोमवार को अर्जेंटीना की जूनियर टीम के साथ किया मुकाबला  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

एक साल बाद अपने पहले मैच में सोमवार को भारतीय महिला हॉकी टीम और अर्जेंटीना की जूनियर टीम के बीच हुआ मुकाबला 2—2 के स्कोर के साथ ड्रॉ हो गया। इसको लेकर भारत के पूर्व कोच हरेंद्र सिंह ने भारतीय टीम को अपनी गोल स्कोरिंग क्षमता में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है।

मुकाबले के 22वें मिनट में ही स्ट्राइकर शर्मिला देवी ने गोल दागकर भारत के इरादे साफ कर दिये। हालांकि, अर्जेंटीना की ओर से पाउला सांटामरीना ने 28वें मिनट में गोल करके टीम को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद दीप ग्रेस इक्का (31') ने पैनल्टी कॉर्नर के जरिये मिले गोल से भारत ने फिर से बढ़त हासिल कर ली।

भारतीय टीम ने डिफेंसिव गेम के माध्यम से बढ़त को कायम रखा, लेकिन अंतिक क्वार्टर के 48वें मिनट में ब्रिसा ब्रुगेसेर के गोल की बदौलत मेजबान टीम ने स्कोर बराबर कर लिया।

2017 एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले हरेंद्र ने कोरोनो वायरस महामारी के बाद अपने पहले मुकाबले में भारतीय टीम के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ दल को खामियों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए इनमें सुधार करने की दिशा में काम करना चाहिए।

हरेंद्र सिंह ने ओलिंपिक चैनल से कहा, "मेरे विचार से कोरोना महामारी के कारण एक साल बाद खेलने मैदान में उतरी भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी टीमें जंग खाई हुई हैं, लेकिन भारतीय टीम ने एक अच्छी शुरुआत की है।"

भारतीय हॉकी टीम को प्रशिक्षण देते कोच ग्राहम रीड

उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि विशेषज्ञ दल इस मुकाबले का विश्लेषण करेगा और उन क्षेत्रों पर काम करेगा जहां सुधार की गुंजाइश है।"

हरेंद्र ने भारतीय खिलाडियों द्वारा मैच के दौरान दिखाई चतुराई की सराहना करने के साथ गोल स्कोरिंग में उनकी कमजोरियों पर भी चिंता जताई।

उन्होंने कहा, "भारत ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और इसी कारण वो पहले हाफ में 3 पेनल्टी कार्नर हासिल कर सके। भारत ने एक फील्ड गोल किया और एक पेनल्टी कार्नर के माध्यम से, जो टीम प्रबंधन को राहत देने वाला था। लेकिन मैं अर्जेंटीना की गोलकीपर के प्रयासों की सराहना करना चाहूंगा, जिसने दो बार महत्वपूर्ण बचाव करते हुए अपनी टीम को मुकाबले में जिंदा रखा।"

उन्होंने कहा, "चालाकी में भले ही भारतीय टीम मजबूत रही हो, लेकिन हमें मौकों को गोल में बदलने में सुधार करना चाहिए। क्योंकि इससे हमारी लड़कियों का आत्मविश्वास बढेगा। मुझे विश्वास है कि टीम प्रबंधन इस मैच से सबक लेते हुए अगले मैचों में इसे लागू करेगा।"

भारत बुधवार को इसी टीम के खिलाफ अपने दौरे का दूसरा मुकाबला मजबूत प्रदर्शन के साथ करेगी।