विश्व की पूर्व नंबर वन निशानेबाज हिना सिद्धू अब पेरिस 2024 ओलंपिक में मजबूती से करेंगी वापसी  

 दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता ने अगले ओलंपिक के लिए अभी से शुरू कर दी तैयारी 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

एक बार की भारतीय शूटिंग की पोस्टर गर्ल और वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन रह चुकी हिना सिद्धू के लिए पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे।  

2012 लंदन और 2016 रियो ओलंपिक की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाली सिद्धू टोक्यो में टिकट हासिल करने से चूक गई। लेकिन अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित यह शूटर इससे निराश ना होकर 2024 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक में वापसी करने की तैयारी में जुट गई है।  

सिद्धू 2014 में अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) की वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन पर पहुंचने वाली पहली भारतीय पिस्टल शूटर थी। सिद्धू ने 2018 में दक्षिण कोरिया के चांगवोन में विश्व चैंपियनशिप के साथ टोक्यो ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए चलने वाली प्रतियोगिता के दौरान अपनी फॉर्म में गिरावट देखी। 

उन्होंने आयोजनों में अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया, लेकिन इसके बावजूद वह टोक्यो में जाने के लिए स्थान पक्का नहीं कर सकी। अब वह ओलंपिक के 2024 संस्करण के लिए खुद को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 

दो बार की ओलंपियन को जीवन में एक कठिन दौर से गुजरने के कारण कुछ समय के लिए शूटिंग से दूरी भी बनानी पड़ी।

हिना ने News18.com को बताया,"मैं टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी लेकिन मैं इसको लेकर ज्यादा परेशान नहीं हूं। मुझे विश्व कप मैचों या नेशनल्स या किसी अन्य टूर्नामेंट की चिंता नहीं है। इसलिए मैं अगले ओलंपिक (2024) या विश्व चैंपियनशिप या राष्ट्रमंडल और ऐशियन गेम्स (2022) पर ध्यान केंद्रित कर सकती हूं।

निशानेबाजी का अभ्यास करती हिना सिद्धू

सिद्धू ने इस बात पर भी रोशनी डाली कि कैसे कोरोना महामारी ने एथलीटों के कैलेंडर को प्रभावित किया। इसने आमतौर पर ओलंपिक के लिए तैयारी करने वालों को ब्रेक लेने के लिए मजबूर कर दिया। सिद्धू के मुताबिक कैलेंडर के बाधित होने के कारण वर्ल्ड कप और अन्य जाने-माने इवेंट, टोक्यो ओलंपिक के तुरंत बाद आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में निशानेबाजों को अपने टास्क में कटौती करनी होगी।

सिद्धू ने कहा, "कोविड का ब्रेक उस समय लगा जब ओलंपिक होने वाला था। आमतौर पर ओलंपिक चक्र खत्म होने के बाद फिर एक और मानसिक चुनौती शुरू होगी। अब एक और ओलंपिक की तैयारी शुरू करनी है। सभी अगले ओलंपिक के लिए आप अपनी बेसिक तैयारियों में जुटे हैं। 2021 ओलंपिक खत्म होने के बाद एक साल के भीतर अगले ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन शुरू हो जाएगा।"  

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि इस बार 2021 में ओलंपिक के बाद निशानेबाजों को ब्रेक नहीं मिलेगा। ओलंपिक के तुरंत बाद ही राष्ट्रमंडल खेलों और ऐशियन गेम्स के लिए ट्रायल होंगे। आमतौर पर ओलंपिक के बाद आप 5-6 महीने का ब्रेक ले सकते हैं और फिर अगले ओलंपिक का चक्र शुरू कर सकते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।"  

गौरतलब है कि सिद्धू ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज थी। उन्होंने 2013 में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में वापसी की थी। 

अब सिद्धू के सिर पर ओलंपिक का दबाव नहीं है। वो पुणे की एक रेंज में प्रशिक्षण लेकर धीरे-धीरे फिर से लय में लौट रही है। 

"लंबा ब्रेक का मतलब है कि मांसपेशियों की स्मृति भी चली गई है और आप फिट नहीं हैं। इसलिए आप सही तरह से शूटिंग नहीं कर सकते।" 

2016 रियो में सिद्धू महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में 14वें और महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल क्वालिफाइंग राउंड में 12 वें स्थान पर रहीं। 

2012 लंदन में वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के क्वालिफिकेशन राउंड में 12वें स्थान पर रहीं। दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को पेरिस 2024 ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।