टोक्यो 2020 में भारतीय हॉकी टीम कर सकती है अच्छा प्रदर्शन: हरबिंदर सिंह

इस हॉकी दिग्गज को मेजर ध्यान चंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 से नवाज़ा गया।

भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी हरबिंदर सिंह (Harbinder Singh) को हॉकी इंडिया ने मेजर ध्यान चंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 से नवाज़ा है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली में हुए हॉकी इंडिया वार्षिक अवार्ड्स के तीसरे संस्करण के दौरान दिया गया।

सम्मेलन के दौरान हरबिंदर सिंह ने कहा, “साल 2019 की बात करें तो मेंस और वुमेंस दोनों ही टीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन दिखा कर देश को गौरवान्वित किया है। 2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करना दोनों ही टीमों के लिए गर्व की बात है।”

उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही टीमों ने बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है और हम उम्मीद करते हैं कि टोक्यो 2020 में भी इनका प्रदर्शन शानदार रहेगा।”

मेंस हॉकी टीम ने मुकाबले के बाद दर्शकों को धन्यवाद किया 
मेंस हॉकी टीम ने मुकाबले के बाद दर्शकों को धन्यवाद किया मेंस हॉकी टीम ने मुकाबले के बाद दर्शकों को धन्यवाद किया 

वहीं दूसरी तरफ मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) को पिछले महीने इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन द्वारा एफआईएच प्लेयर ऑफ़ द ईयर के अवार्ड से नवाज़ा गया था। हरबिंदर सिंह के साथ युवा विवेक सागर प्रसाद (Vivek Sagar Prasad) और लालरेमसियामी (Lalremsiami) को भी इस समारोह में सम्मानित किया गया।

साल 2019 में मेंस और वुमेंस वर्ग में एफआईएच राइसिंग स्टार ऑफ़ द ईयर जीतने के बाद विवेक सागर प्रसाद और लालरेमसियामी ने अपकमिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर 2019 (अंदर 21) हॉकी इंडिया जुगराज सिंह अवार्ड (Hockey India Jugraj Singh award) और हॉकी इंडिया असुंता लकड़ा अवार्ड (Hockey India Asunta Lakra award) जीता।

हरबिंदर सिंह ने इस ख़ुशी के मौके पर कहा, “खिलाड़ियों को उनके अवार्ड मिलते देख मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। मुझे यकीन है कि ये पुरस्कार युवा पीढ़ी को आने वाले समय के लिए और ज़्यादा मेहनत करने की प्रेरणा देंगे।”

हॉकी से संन्यास लेने के बाद भी हरबिंदर सिंह ने इस खेल को बहुत कुछ दिया है। कभी हॉकी इंडिया मास्टर्स कमीटी के चेयरमैन बनकर तो कभी हॉकी इंडिया की सेलेक्शन कमीटी के सदस्य बनकर। हर मौके पर इस खिलाड़ी ने खेल और देश को बहुत कुछ दिया है। इतना ही नहीं इस दिग्गज ने हॉकी इंडिया हाई परफ़ॉर्मेंस एंड डेवलपमेंट कमीटी में रहकर तो कभी हॉकी इंडिया एथिक्स कमीटी में रह कर हॉकी के इस खेल को बेहतर बनाने के लिए काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, “यह मेरे लिए गर्व की बात है। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी हॉकी को दी है और हॉकी इंडिया द्वारा सम्मान मिलने से ख़ुशी हुई।”

गौरतलब है कि हरबिंदर सिंह टोक्यो 1964 में भी टीम का हिस्सा थे जब इस टीम ने गोल्ड मेडल जीत पूरे विश्व में अपना नाम किया था। इसके बाद इस खिलाड़ी ने मेक्सिको 1968 और म्यूनिख 1972 ओलंपिक गेम्स में शिरकत कर देश को ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया था।

तीन बार के ओलंपिक खिलाड़ी ने आगे कहा, “मैं खेल की सेवा हमेशा करता रहूंगा और हॉकी को भारत में बढ़ावा देता रहूंगा। जिस पुरस्कार में मेजर ध्यानचंद का नाम हो, वह पुरूस्कार मेरे लिए प्रेरणादायक है।”

ओलंपिक गेम्स की बात करें तो भारतीय हॉकी का इतिहास बहुत उम्दा रहा है। 8 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज़ और 1 सिल्वर मेडल के साथ भारतीय हॉकी ने ओलंपिक गेम्स पर अपनी बेहतरीन छाप छोड़ी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आज की टीम टोक्यो 2020 के लिए क्या रणनीति अपनाती है।

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