हांग कांग ओपन: चेन लोंग हुए बाहर, सेमीफाइनल में पहुंचे श्रीकांत किदांबी

चोटिल होने के कारण ओलंपिक चैंपियन चेन लोंग ने खेल बीच में छोड़ा

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारत के शटलर श्रीकांत किदांबी ने शुक्रवार को 2019 हांग कांग ओपन सुपर 500 के सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली। हालांकि श्रीकांत के प्रतिद्वंदी चेन लोंग चोट की वजह से शुरुआत से ही जूझते दिखे, जिसका भारतीय शटलर को जमकर फायदा हुआ। शुरूआती मिनटों में ही चेन लोंग का संघर्ष दिख रहा था जिस वजह से अंक बटोरना श्रीकांत के लिए आसान रहा। दो बार के वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ खेलते हुए श्रीकांत ने शुरुआत में बढ़त बनाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ बनानी शुरु की।

कोर्ट पर कब्ज़ा

इस मैच के दौरान श्रीकांत ने कोर्ट के खाली हिस्से को निशाना बनाया और आसानी से अंक अपने नाम किए। 6 - 4 की बढ़त बनाते चल रहे भारतीय शटलर ने अपना उम्दा प्रदर्शन को जारी रखा और देखते ही देखते 15 – 4 से गेम को अपनी मज़बूत पकड़ में गिरफ्त कर लिया। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ रहा था वैसे-वैसे श्रीकांत ने अपने शॉट्स को मिक्स करना शुरू किया और चीनी शटलर को कुछ अलग सोचने पर मजबूर भी। गेम के बीच लोंग ने भी अपने खेल के ज़रिए श्रीकांत से कुछ कड़े सवाल पूछने की ठानी लेकिन श्रीकांत के जवाबी हमलों के आगे उनकी एक न चली।

गेम के अगले हाफ में दोनों ही खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया और एक दूसरे को पस्त करने की कोशिश में जूट गए, हालांकि लोंग के हाथ ज़्यादा कुछ नहीं लगा और वह महज़ 15 मिनट में गेम 13 - 21 से गवां बैठे। जांघ में खिंचा के कारण लोंग इस मुकाबले को आगे जारी रखने में असफल रहे और इस तरह से उन्होंने आसान सी जीत भारतीय शटलर को तोहफे के रूप में दे दी।

होंग कोंग ओपन में श्रीकांत किदांबी के सामने चीन के चेन लोंग का संघर्षपूर्ण सफर

चुनौती भरी राह

आपको बता दें कि पहले राउंड में वर्ल्ड चैंपियन केंटो मोमोटा के खिलाफ वॉक ओवर मिलने के बाद श्रीकांत 2019 हांग कांग ओपन के दूसरे राउंड में अपनी जगह बनाई थी। अब श्रीकांत का अगला मुकाबला डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन या हांग कांगके ली चुक यीयू के खिलाफ होगा और विजेता सीधे फाइनल में प्रवेश करेगा। हालांकि इस पूरे सीज़न में ही श्रीकांत को अपनी लय पकड़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है लेकिन उनका अनुभव उन्हें जीत की योजना के साथ हार से सीख लेना भी सिखाता है। श्रीकांत के हवाले से सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 इंडिया ओपन के फाइनल मुकाबले के दौरान आया और ज़ाहिर तौर पर वह उन लम्हों को याद रख अपने 2019 हांग कांग ओपन सुपर 500 के कारवां को आगे बढ़ाना चाहेंगे।

टोक्यो 2020 की रेस में भारतीय शटलर श्रीकांत 49वें स्थान पर खड़े हैं और वह भारत की ओर से छठे सबसे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने ओलंपिक गेम्स के क़्वालीफिकेशन राउंड में हिस्सा लिया। अगर श्रीकांत को अपने करियर के दूसरे ओलंपिक खेल में भाग लेना है तो उन्हें बैडमिंटन कोर्ट पर कुछ साहस भरा करना होगा और परिणामों को अपने हक़ में करना होगा। मेहनत और दृढ़ संकल्प से क्या हासिल नहीं किया जा सकता, बस इसी सोच के साथ अब भारत के श्रीकांत किदांबी को टोक्यो 2020 तक का सफर तय करना होगा ताकि वह पूरे देश को ओलंपिक में गौरांवित कर सकें।