किस तरह टोक्यो आलंपिक की तैयारी में जुटे हैं रिले स्टार मोहम्मद अनस याहिया, जानिए सबकुछ 

भारत की 4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम के मुख्य धावक अनस व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक के लिए करना चाहते हैं क्वालीफाई

लेखक भारत शर्मा ·

मोहम्मद अनस याहिया भारत की 4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम के मुख्य धावकों में से एक हैं और वह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत की रिले टीम ने 2019 में दोहा में IAAF विश्व चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालीफाई करके इतिहास बनाया था। इसी के दम पर उन्हें टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्थान मिला है।

अनस, वीके विश्वमाया, जिस्ना मैथ्यू और नोआ निर्मल टॉम के साथ पोलैंड और ब्राजील बाद सेमीफाइनल की दूसरी हीट में 3:16:14 के समय के साथ फाइनल में पहुंचने के लिए तीसरे स्थान पर रहे। भारत ने अपना पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3:16:47 में भी सुधार किया था।

केरल में नीलमेल निवासी 25 वर्षीय अनस, एक ऐसे राज्य से आते हैं जो बेहतरीन ट्रैक और फील्ड एथलीटों को तैयार करने के लिए जाना जाता है। जैसा कि अनस अपने दूसरे ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए तैयार है, वह पटियाला में कठोर अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के लॉकडाउन की शुरुआत से ही खुद को ओलंपिक के लिए तैयार करने में जुटे हैं।

अनस ने बताया कि मार्च 2020 में शुरू हुए लॉकडाउन के शुरुआती महीनों में प्रशिक्षण से दूर रहना कितना मुश्किल था। हालांकि, रिले कोच गैलिना बुखारेना की चौकस निगाहों के नीचे अनस और उनके साथी एथलीट टोक्यो के लिए पूरी मेहनत के साथ पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में ओलंपिक तैयारी में जुटे हैं।

अनस ने ओलंपिक चैनल को बताया, "हम अभी NIS पटियाला में हैं। गैलिना मैडम हमें अभी प्रशिक्षण में मदद कर रही हैं। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से हम पटियाला में प्रशिक्षण शिविर में ही रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "लॉकडाउन के शुरुआती चरण में ही हम यहां फंस गए थे। हम ट्रैक पर कदम भी नहीं रख सके। हम लगभग 2-3 महीने के लिए अपने कमरे और आसपास के कमरे तक ही जा सकते थे। फिर हमें बाहरी सुविधाओं तक पहुंच दी गई और वहां प्रशिक्षण शुरू किया गया। इस दौरान हमने सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन किया। पिछले 2-3 महीनों से हम पूरी तरह से सामान्य प्रशिक्षण पर वापस आ गए हैं।"

अनस ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं अभी भी अपनी गति में सुधार कर सकता हूं। कोरोना और लॉकडाउन के कारण आए ब्रेक के चलते मेरी गति थोड़ी कम हुई। मैं इसमें सुधार कर रहा हूं और ओलंपिक से पहले कमियों को दूर करना चाहता हूं।"

अनस भारतीय ग्रैंड प्रिक्स के लिए इंतजार नहीं कर सकता है जो 18 फरवरी (IGP-I), 25 (IGP-II) और 5 मार्च (IGP-III) पर तीन-भाग इवेंट के रूप में क्रमशः NIS में आयोजित होंगे।

4x400 मीटर के रिले दौड़ में भागते मोहम्मद अनस (बाएं)

उन्होंने कहा, "प्रशिक्षण अभी तक बेहतरीन स्तर पर है। जब हम फरवरी (भारतीय जीपी) में आगामी दौड़ में भाग लेंगे तो हमें अपने स्तर का पता चल जाएगा।

बता दें कि अनस रियो ओलंपिक 2016 में पुरुषों के 400 मीटर में क्वालीफाई करने के बाद ऐसा करने वालों की सूची में मिल्खा सिंह (1956 और 1960) और केएम बीनू (2004) के बाद तीसरे धावक हैं। वह अब टोक्यो 2020 की व्यक्तिगत स्पर्धा में हिस्सा लेना चाहते हैं।

उन्हें लगता है कि 2018 एशियाई खेलों में उनका प्रदर्शन जहां उन्होंने 400 मीटर में रजत जीता था, उससे उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि अनस ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में 400 मीटर में चौथा स्थान हासिल किया था।

अनस ने कहा, "मैं अपना समय सुधारना चाहता हूं और अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं व्यक्तिगत इवेंट में भी क्वालिफाई करने के लिए आगामी मीट में भाग लेना चाहता हूं।"

400 मीटर में अनस का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 45.20 सेकंड है, जो एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। ओलंपिक योग्यता हासिल करने के लिए निर्धारित समय 44.90 सेकंड है। मलयाली एथलीट का आत्मविश्वास मिश्रित रिले टीम के प्रदर्शन से भी बढ़ा है।

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि मैं रिले में भी अच्छा कर सकता हूं। एशियाई खेलों में प्रदर्शन वास्तव में हमें बहुत आत्मविश्वास देता है, ओलंपिक में जा रहा है क्योंकि हमने एशियाई टूर्नामेंट में अच्छा समय निकाला है। हमने विश्व चैम्पियनशिप में भी अच्छा समय निकाला था। इसलिए, टोक्यो 2020 में हम बहुत आशा और विश्वास के साथ जा रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारे पास विश्व रिले आ रहा है। हम उस प्रतियोगिता में एक अच्छा समय निर्धारित करना चाहते हैं। हमें टोक्यो में प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने समय में सुधार करने की आवश्यकता है।"

टीम के अन्य साथियों के साथ मौजूद मोहम्मद अनस (सबसे बाएं)

वर्तमान में वह टोक्यो 2020 के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने में जुटे हैं तो वह तीन क्षेत्रों पर विशेष फोकस कर रहे हैं। इनमें ताकत, विस्फोटक शक्ति और गति शामिल है। अनस को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में सुधार से उसे खेलों में सबसे बड़े स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद मिलेगी। हालांकि, वह ओलंपिक से पहले प्रतिस्पर्धी कार्रवाई के लिए बेताब है।

उन्होंने कहा, "कई धावक अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। मैं ताकत, विस्फोटक शक्ति और अपनी गति पर ध्यान केंद्रित करता हूं। मुझे इनमें सुधार करने की आवश्यकता है। इसके अलावा इस तरह से प्रशिक्षित करना बहुत महत्वपूर्ण है जिसमें चोटों की संभावना से बचा जाता है। इसके अलावा आपको प्रतिस्पर्धी अनुभव की आवश्यकता है और यह बहुत महत्वपूर्ण है।"

अनस ने यह भी बताया कि कैसे कोच गैलिना का ओलंपिक के लिए एथलीटों को दक्षिण कोरिया ले जाने और वहां कुछ समय बिताने की योजना थी, ताकि ओलंपिक से पहले जापान में मौसम और परिस्थितियों के बारे में खुद को बेहतर रूप से ढाल सके। हालांकि, दुनिया भर में कोरोना महामारी के कारण लागू प्रतिबंधों के चलते अब उनके विदेश जाने की संभावना बहुत कम है।

उन्होंने कहा, "कोच की कोरिया जाने की योजना थी और वहां खुद को ढाल लिया ताकि हम टोक्यो के मौसम की स्थिति को आसानी से समायोजित कर सकें, लेकिन फिर कोरोना महामारी आ गई और अब इस योजना पर काम होना मुमकिन नहीं है।"

उन्होंने कहा कि "इस संबंध में हम संघ से संपर्क में हैं कि क्या हम विदेश जा सकते हैं और प्रशिक्षण ले सकते हैं लेकिन कोरोना प्रतिबंधों के कारण अभी कुछ भी संभव नहीं है। यहां तक ​​कि कोच भी स्पष्ट नहीं है कि हम क्या कर सकते हैं। उम्मीद है कि भारतीय जीपी के बाद कुछ राहत मिल जाएगी। यहां तक ​​कि अगर हम विदेश जाते हैं तो हमें प्रतिस्पर्धी मुकाबले की आवश्यकता होगी और यह बहुत महत्वपूर्ण है।"