जानें कैसे भारतीय मुक्केबाज़ 2020 ओलंपिक के लिए कर सकते हैं क्वालिफाई

भारतीय मुक्केबाज़ों के लिए 2020 ओलंपिक में क्वालिफाई करने की प्रक्रिया सहित हर वह जरूरी जानकारी जिसे आप जानना चाहेंगे

लेखक रितेश जायसवाल ·

टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों में अपनी जगह पक्की करने के लिए भारतीय मुक्केबाज़ आगामी बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर की तैयारी में लगे हुए हैं। भारत 2020 ओलंपिक में अपने गौरवशाली मुक्केबाज़ी इतिहास में कुछ नए सुनहरे पन्ने जोड़ने की कोशिश करेगा। अभी तक इस खेल में विजेंदर सिंह (Vijender Singh) और एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) ने देश की झोली में दो कांस्य पदक डालने का काम किया है। दोनों मुक्केबाज़ों ने क्रमशः 2008 और 2012 के ओलंपिक खेलों में यह उपलब्धि हासिल की थी।

भले ही पिछले ओलंपिक खेलों में भारतीय मुक्केबाज़ों को निराशा हाथ लगी, लेकिन अब देश के कुछ नए चमकते सितारों और अनुभवी मुक्केबाज़ों की वजह से एक बार फिर टोक्यो में होने वाले 32वें ओलंपिक खेलों में उम्मीद की किरण जगी है। मुक्केबाज़ भी रियो 2016 में हाथ लगी निराशा को दूर करने के लिए उत्सुक होंगे। गौरतलब है कि रियो में भारत ने पुरुष मुक्केबाज़ी में कोई पदक नहीं जीता था और एक भी महिला मुक्केबाज़ ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी थी।

2020 ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने के लिए मुक्केबाजों को ओलंपिक बॉक्सिंग टास्क फोर्स द्वारा बनाई गई नई प्रणाली के माध्यम से इस क्वालिफायर इवेंट में क्वालिफाई करना होगा। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (AIBA) को निलंबित करने के अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के फैसले के बाद से ओलंपिक बॉक्सिंग टास्क फोर्स का निर्माण किया गया, जो 2020 ओलंपिक में इस खेल से संबंधित सभी मामलों पर ध्यान देगा। यह निर्णय नवंबर 2018 में आईओसी की जांच समिति की सिफारिशों को पारित करने के साथ ही लिया गया था

20वें AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के अमित पंघल 48-52 किग्रा भार वर्ग के फ़ाइनल में अपनी बाउट के दौरान

2020 ओलंपिक बॉक्सिंग इवेंट के लिए कैसे कर सकते हैं क्वालिफाई

ओलंपिक मुक्केबाज़ी टास्क फोर्स ने पांच क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के साथ एक नया क्वालिफाइंग सिस्टम तैयार किया है, जिसके आधार पर ही तय किया जाएगा कि टोक्यो ओलंपिक के लिए कौन जाएगा। इन क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के जरिए प्रत्येक मुक्केबाज़ को ओलंपिक टिकट हासिल करने के दो अवसर मिलेंगे।

पहला मौका कॉन्टिनेंटल क्वालिफाइंग टूर्नामेंट होगा। दूसरा मौका वर्ल्ड क्वालिफाइंग इवेंट के माध्यम से होगा, जो नेशनल ओलंपिक कमेटी (NOC's) के एथलीटों को अवसर प्रदान करेगा, जो अभी तक एक भार वर्ग में कोटा स्थान प्राप्त करने के लिए नहीं खुला है।

इस तरह से भारत के मुक्केबाज़ों के पास कॉन्टिनेंटल क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के जरिए 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का अपना पहला अवसर होगा, जो जॉर्डन में 3 से 11 मार्च तक होगा। आपको बता दें, यह टूर्नामेंट पहले 3 से 11 फरवरी के बीच वुहान में होने वाला था। चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चहले बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में स्थानांतरित किया गया।

2020 ओलंपिक के लिए बॉक्सिंग भार वर्ग

पुरुष मुक्केबाज़ आठ भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे:

•       फ्लाईवेट (52 किग्रा)

•       फेदरवेट (57 किग्रा)

•       लाइटवेट (63 किग्रा)

•       वेल्टरवेट (69 किग्रा)

•       मिडिलवेट (75 किग्रा)

•       लाइट हेवीवेट (81 किग्रा)

•       हेवीवेट (91 किग्रा)

•       सुपर हेवीवेट (+91 किग्रा)

महिला मुक्केबाज़ पांच भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगी:

•       फ्लाईवेट (51 किग्रा)

•       फेदरवेट (57 किग्रा)

•       लाइटवेट (60 किग्रा)

•       वेल्टरवेट (69 किग्रा)

•       मिडिलवेट (75 किग्रा)

एमसी मैरी कॉम टोक्यो 2020 में जगह बनाने की कोशिश में जुटीं हैं, जो संभवत: उनका आख़िरी ओलंपिक होगा।

ओलंपिक बॉक्सिंग में बर्थ की संख्या

एशिया/ओशिनिया क्वालिफायर में पुरुष मुक्केबाज़ों के पास आठ श्रेणियों में 44 बर्थ स्थान और महिला मुक्केबाज़ों के पास पांच श्रेणियों में 22 बर्थ स्थान हासिल करने के मौके होंगे।

छह पुरुष मुक्केबाज़ फ्लाईवेट (52 किग्रा), फेदरवेट (57 किग्रा) और लाइटवेट (63 किग्रा) से क्वालिफाई कर सकेंगे। पांच मुक्केबाज़ वेल्टरवेट (69 किग्रा), मिडिलवेट (75 किग्रा) और लाइट हेवीवेट (81 किग्रा) और चार मुक्केबाज़ हेवीवेट (91 किग्रा), सुपर हेवीवेट (+91 किग्रा) से क्वालिफाई कर सकेंगे।

महिलाओं के फ्लाईवेट (51 किग्रा) में छह क्वालिफाइंग बर्थ स्थान उपलब्ध होंगे, जबकि महिला मुक्केबाज़ों के पास बाकी चार श्रेणियों में 4 बर्थ स्थान हासिल करने के मौके होंगे। जिसका तात्पर्य यह है कि सेमी-फाइनल में पहुंचने वाले सभी 4 मुक्केबाज़ टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर जाएंगे। जिन भार वर्ग में चार से अधिक बर्थ स्थान हासिल करने के मौके होंगे, उसमें क्वालिफाई करने वाले मुक्केबाज़ों को बॉक्स ऑफ (जहां क्वॉर्टर फाइनल में हारे हुए मुक्केबाज़ एक स्थान के लिए आपसे में लड़ते हैं) के जरिए तय किया जाएगा।

भारतीय मुक्केबाज़ी के प्रबल दावेदार

भारत के पुरुष मुक्केबाज़ी दल में अमित पंघल (52 किग्रा), गौरव सोलंकी (57 किग्रा), मनीष कौशिक (63 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सचिन कुमार (81 किग्रा), नमन तंवर (91 किग्रा) और सतीश कुमार (+ 91 किग्रा) देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

महिला वर्ग में एमसी मैरीकॉम 51 किग्रा वर्ग में वापसी करेंगी, इसके अलावा साक्षी चौधरी (57 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लवलीना बोरगोहाइन (69 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) श्रेणियों में क्वालिफाई करने के लिए उतरेंगी।

सेमी-फाइनल में जगह बनाने वाले मुक्केबाज़ टोक्यो 2020 में अपनी जगह जरूर पक्की करेंगे। वहीं, क्वार्टर-फाइनल में हारने वाले मुक्केबाज़ों के पास बॉक्स ऑफ के जरिए उन भार वर्ग के जरिए बर्थ स्थान हासिल करने का मौका होगा, जिसमें 5 या 6 बर्थ स्थान उपलब्ध होंगे।

इन मुक्केबाज़ों के मुकाबले देखना न भूलें

2012 के ओलंपिक खेलों की कांस्य-पदक विजेता एमसी मैरी कॉम महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में अपने लिए एक बर्थ स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगी। एमसी मैरी कॉम के लिए टोक्यो 2020 आखिरी ओलंपिक होगा, क्योंकि इसके बाद वह 40 साल से ऊपर की उम्र की हो जाएंगी और अगले ओलंपिक में उनके पास मुक्केबाज़ी में हिस्सा लेने की पात्रता नहीं होगी। आईओसी की बॉक्सिंग टास्क फोर्स के अनुसार उनकी श्रेणी में नंबर तीन मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन भी बेहतर प्रदर्शन करने की उत्सुक होंगी।

हालांकि, जापान में अमित पंघल भारतीय मुक्केबाज़ी की सबसे बड़ी उम्मीद होंगे। 2018 में एशियाई खेलों के विजेता और पिछले साल 52 किग्रा वर्ग में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले इस मुक्केबाज़ से 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की सबसे अधिक उम्मीद होगी।

मनीष कौशिक दूसरे मुक्केबाज़ होंगे, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में कदम रखने के बाद कांस्य पदक जीतकर सभी को प्रभावित किया। विकास कृष्ण, जो प्रो सर्किट से वापस लौट रहे हैं। वह भी लगातार तीसरी बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का प्रयास करेंगे।

कहां देख सकते हैं ओलंपिक मुक्केबाज़ी क्वालिफायर?

जॉर्डन के अम्मान में एशिया/ओशिनिया मुक्केबाज़ी ओलंपिक क्वालिफायर को 3 से 11 मार्च तक ओलंपिक चैनल की वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।