एचएस प्रणॉय सेल्फ़-आइसोलेशन में अपने खेल की कमियों को दूर करने पर कर रहे काम

2008 के कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता बीते कुछ सत्रों में खराब फॉर्म में नज़र आए हैं। उन्हें लगता है कि ये अपनी फॉर्म में सुधार करने का एक बेहतर समय है।

कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए देश बीते एक सप्ताह से 21 दिन के लिए लॉकडाउन में है। ऐसे में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) सेल्फ-आइसोलेशन के इस लम्बे समय का इस्तेमाल अपने खेल में सुधार करने के लिए कर रहे हैं।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता ने बीते दो सत्रों में अपनी विश्व रैंकिंग को 8वें पायदान से 28वें पायदान पर आते हुए देखा है। एचएस प्रणॉय को लगता है कि रैंकिंग को बरकरार न रख पाने के पीछे का मुख्य कारण यह है कि वह अपनी फॉर्म बेहतर रखने में असफल रहे हैं।

एचएस प्रणॉय ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा, “मैं जिस तरह से प्रशिक्षण ले रहा था उससे खुश नहीं था। क्योंकि अकादमी में नए कोच द्वारा बताए जा रहे तरीकों को अपनाने में मुझे काफी संघर्ष करना पड़ रहा था। मुझे अभ्यास के लिए कोई मैच नहीं मिल रहा था और मेरे खेल की कमियों को जानने का मेरे पास समय नहीं था, क्योंकि लगातार खेल में व्यस्त था।"

एचएस प्रणॉय की वर्ल्ड रैंकिंग 8वें पायदान से गिरकर 28वें पायदान पर पहुंची। 
एचएस प्रणॉय की वर्ल्ड रैंकिंग 8वें पायदान से गिरकर 28वें पायदान पर पहुंची। एचएस प्रणॉय की वर्ल्ड रैंकिंग 8वें पायदान से गिरकर 28वें पायदान पर पहुंची। 

इस ब्रेक के दौरान भारतीय बैडमिंटन के शीर्ष खिलाड़ी गोपीचंद अकादमी के ट्रेनर द्वारा निर्धारित वर्कआउट को फॉलो कर रहे हैं, जो उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से रोज़ ट्रेनिंग देते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "कभी-कभी मैं फिट रहने के लिए छत पर बैडमिंटन की बजाए अन्य दूसरे खेल खेलता हूं”।

प्रणॉय का खेल प्रदर्शन

ऑल इंग्लैंड ओपन 11 से 15 मार्च के बीच आयोजित किया गया था। लेकिन अंतिम दौर में इस टूर्नामेंट के निर्धारित शेड्यूल को स्थगित कर दिया गया। भारतीय दल के कई खिलाड़ियों की तरह एचएस प्रणय ने भी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के डर इस राउंड में न खेलने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट उस समय हो रहा था जब इंग्लैंड में यह महामारी तेज़ी से फैल रही थी और मुझे लगा कि यह जोखिम भरा है।"

दुर्भाग्य से प्रणॉय के लिए बीडब्ल्यूएफ ने 17 मार्च को सभी खिलाड़ियों की रैंकिंग को फ्रीज़ कर दिया, उनकी रैंकिंग में भी कोई छूट नहीं दी। इसके बावजूद यह बैडमिंटन खिलाड़ी सिर्फ सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दे रहा है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वह कभी ‘एक सप्ताह से अधिक समय तक घर में नहीं रहे’। 27 वर्षीय शटलर को अचानक मिले इसे ब्रेक से कोई दिक्कत नहीं है। वह अपनी फॉर्म को बेहतर करते हुए नए सत्र की शुरुआत करने की सोच कर अपनी कमियों में सुधार करने पर ध्यान दे रहे हैं।

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