COVID से रिकवरी के दौरान मानसिक चुनौतियों के बारे में खुलकर बोले एचएस प्रणॉय

दिसंबर में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने COVID के खिलाफ जंग जीती थी, लेकिन अब वो थाईलैंड ओपन में वापसी करने के लिए तैयार हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

पिछले महीने ही COVID-19 से ठीक होने के बाद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) 12 जनवरी से बैंकॉक में शुरू होने वाले योनेक्स थाईलैंड ओपन में कोर्ट में वापसी करना चाह रहे हैं।

साल 2020 सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन शायद 28 वर्षीय प्रणॉय के लिए कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने आखिरी बार फरवरी में बार्सिलोना मास्टर्स में प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन खेला था, जिसके बाद महामारी की स्थिति ने वैश्विक खेल कैलेंडर पर ब्रेक लगा दी।

दिसंबर की शुरुआत में अपने साथी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आरएमवी गुरु साईं दत्त (RMV Guru Sai Dutt) के विवाह समारोह में भाग लेने के बाद जब तिरुवनंतपुरम के शटलर की जांच हुई, तो उनमें कोरोना वायरस के लिए लक्षण पाए गए। उनका टेस्ट भी पोजिटिव आया था

अब प्रणॉय ने पहले ही टेस्ट करवा लिया है, जिसमें उनका रिजल्ट नेगेटिव आया है। जिसके बाद वो अपनी वापसी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कॉविड के चपेट में आने से वो अब भी उस भयानक याद को भूला नहीं पाएं हैं।

”प्रणॉय ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) की वेबसाइट से बात करते हुए कहा, "ये एक बहुत ही अलग तरह की बीमारी है।" जिससे मनोवैज्ञानिक समस्या और बढ़ जाती है। अगर आपको कोई दर्द महसूस होता है, तो आपको लगता है कि ये भी COVID के कारण है।"

“मानसिक रूप से, आप दो सप्ताह तक बहुत तनाव में रहने लगते हैं, क्योंकि आप नहीं जानते कि क्या होने जा रहा है, और डॉक्टर भी आपको नहीं बता पाते कि आपके साथ क्या होगा।”

सौभाग्य से, प्रणॉय में काफी हद तक कोरोना को कम लक्षण पाए गए थे और उनके ठीक होने के में ज्यादा समय नहीं लगा।

"लेकिन आप नहीं जानते कि ये आपके शरीर के साथ क्या कर रहा है। मुझे अपने सीने में एक अजीब दर्द महसूस होता था, लेकिन X-Ray या MRI पर सब कुछ सामान्य दिखता था। इसके साइड-इफेक्ट्स होते हैं, और आप दवाइयां खाने लगते हैं, जो आपके शरीर को कमजोर बनाता है।”

डॉक्टरों से क्लीन चिट मिलने के बाद बीडब्ल्यूएफ कैलेंडर को फिर से शुरू करने और जनवरी में थाईलैंड के लिए उड़ान भरने के लिए प्रणॉय ने दिसंबर के बीच में ही अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।

हालांकि, 2018 एशियाई चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता काफी सावधानियां बरत रहे हैं।

प्रणॉय ने कहा, "आप वास्तव में ये नहीं आंक सकते हैं कि आपके साथ क्या होने वाला है। आपके फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है। मैं इसे महसूस कर सकता था, जब मैं कोर्ट में वापस आया था। आपके फेफड़े अच्छी तरह से काम नहीं करते हैं, आपको उन्हें फिर से ट्रेन करना होगा। मैंने पिछले तीन हफ्तों से यही किया है।”

लगभग एक साल बाद अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेलने के लिए तैयार, प्रणॉय को योनेक्स थाईलैंड ओपन के पहले दौर में मलेशिया के ली ज़ी जिया के खिलाफ एक कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ेगा।

BWF पुरुषों की सिगंल्स रैंकिंग में जिया 10वें स्थान पर है, जबकि प्रणॉय को 28वें स्थान पर रखा गया है।