अभिषेक और ज्योति की जोड़ी ने एशियन तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

भारतीय मिश्रित जोड़ी फ़ाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी पर दबदबा क़ायम रखते हुए कंपाउंड कैटेगिरी में रही सबसे ऊपर रही।

लेखक सैयद हुसैन ·

भारतीय तीरंदाज़ अभिषेक वर्मा और ज्योति सुरेखा वेनम ने एशियन तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में कंपाउंड टीम इवेंट के मिश्रित वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। गुरुवार को बैंकॉक के राजमंगला स्टेडियम में खेले गए स्वर्ण पदक मुक़ाबले में उनके सामने चीनी ताइपे की जोड़ी थी, जिन्हें भारतीय जोड़ी ने 158-151 से मात दी। अभिषेक वर्मा के लिए ये मिश्रित कंपाउंड टीम इवेंट में दूसरा स्वर्ण पदक था, जबकि ज्योति का इस इवेंट में यह पहली जीत थी।

शानदार जीत

वर्मा और वेनम की जोड़ी शुरू से ही मुक़ाबले में चीनी ताइपे पर हावी नज़र आ रही थी, पहले दो राउंड में भारतीय जोड़ी को 39-37 और 40-38 से जीत मिली। इस तरह से चीनी ताइपे की जोड़ी ई हुसान चेन और ची लु चेन पर भारत को 4 अंक की बढ़त मिल गई।

तीसरे राउंड की समाप्ति के बाद भारतीय जोड़ी ने इस बढ़त को 6 अंकों तक पहुंचा दिया। जिसके बाद आख़िरी दो कोशिश में गोल्ड मेडल के लिए भारतीय जोड़ी को सिर्फ़ 15 अंकों की ज़रूरत रह गई थी। इस जोड़ी ने 10-10 अंक हासिल करते हुए 40-39 से राउंड ख़त्म किया और इस तरह से अभिषेक और ज्योति ने मैच के साथ-साथ गोल्ड मेडल पर भी कब्ज़ा जमा लिया। आपको बता दें इन दोनों का साथ में खेलते हुए भारत के लिए यह पहला स्वर्ण पदक है।

दो-दो रजत पदक

इससे पहले भारतीय महिला कंपाउंड टीम में वेनम, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। स्वर्ण पदक के मुक़ाबले में उन्हें दक्षिण कोरियाई महिला टीम से 215-231 से हार झेलनी पड़ी।

शुरुआत से ही भारतीय महिला टीम पर कोरियाई टीम ने बढ़त बना ली और पहले दो राउंड के बाद भारतीय तिकड़ी 7 अंकों से पीछे हो गई। जिसके बाद से भारतीय तिकड़ी के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो चुका था। जिसका फ़ायदा उठाते हुए कोरियाई टीम ने इस बढ़त को और आगे बढ़ाते हुए मुक़ाबला 16 अंकों से अपने नाम कर लिया।

ज्योति वेनम ने मिश्रित टीम इवेंट में गोल्ड और वूमेंस टीम कंपाउंड इवेंट में सिल्वर मेडल जीता।

भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम को भी फ़ाइनल मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा और इस तरह से उन्हें भी रजत पदक ही मिला। अभिषेक वर्मा, रजत चौहान और मोहन भारद्वाज की यह तिकड़ी स्वर्ण पदक जीतने के बेहद क़रीब थी और मुक़ाबला उन्होंने सिर्फ़ एक अंक से गंवा दिया। दक्षिण कोरिया की तिकड़ी ने भारतीय तिकड़ी को 233-232 से शिकस्त दी।

पहले राउंड के बाद दोनों ही टीमों का स्कोर 58-58 था, लेकिन इसके बाद अगले दो राउंड में कोरियाई टीम ने 59-58 और 59-57 स्कोर करते हुए बढ़त तीन अंकों तक पहुंचा दी। भारतीय टीम ने आख़िरी राउंड में बेहतरीन वापसी करते हुए 59 अंक बटोरे, लेकिन कोरियाई टीम ने धैर्य बरक़रार रखा और 57 अंक हासिल करते हुए बेहद कम अंतर से गोल्ड मेडल हासिल किया।

हालांकि यह दो स्वर्ण पदक चूकने के बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन एशिया तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में बेहतरीन रहा। भारत के नाम इस चैंपियनशिप में एक स्वर्ण पदक, दो रजत पदक और चार कांस्य पदक रहे।