अतानु दास ने एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में जीता ब्रॉन्ज़

27 वर्षीय तीरंदाज़ ने एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में दक्षिण कोरिया के जिन हेक ओह के खिलाफ व्यक्तिगत इवेंट शूट-आउट में अपना पहला मेडल जीता।

लेखक रितेश जायसवाल ·

बैंकॉक में चल रही 2019 एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में भारतीय तीरंदाज़ अतानु दास मंगलवार को पुरुषों की रिकर्व स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने में सफल रहे। इससे पहले उन्होंने इस प्रतियोगिता के तीसरे दिन सोमवार को रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया था।

चैंपियनशिप में जीता दूसरा ब्रॉन्ज़

दास ने चौथे दिन की शुरुआत में मलेशिया के मुहम्मद ज़ारिफ स्याहिर ज़ोलकपेली को चौथे दौर में 6-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। 27 वर्षीय दास अंतिम आठ में एकमात्र भारतीय बचे। तरुणदीप राय और जयंत तालुकदार क्रमशः दक्षिण कोरियाई पील-जोन्ग किम और जिन हेक ओह से 4-6 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

दास के प्रदर्शन ने एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कज़ाकिस्तान के संझार मुसैयव को 6-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जहां उनका मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन वूजिन किम से हुआ। इस मुकाबले में कोरियाई तीरंदाज़ ने शानदार प्रदर्शन किया और दास को कोई मौका दिए बिना 7-1 से जीत हासिल कर गोल्ड मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली।

इस हार ने दास को ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में धकेल दिया, जहां उनका मुकाबला हेक ओह से हुआ। दोनों तीरंदाज़ों की पांच सेट में कांटे की टक्कर चली और मैच शूट-ऑफ में पहुंच गया।

पहले शूट-ऑफ में विजेता को तय नहीं किया जा सका। जिसके बाद दास ने दूसरे मौके को गवांए बिना ब्रॉन्ज़ मेडल पर कब्ज़ा कर लिया। रिकर्व मिश्रित प्रतियोगिता में दीपिका कुमारी के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में उन्होंने यह दूसरा मेडल जीता।

दास के पास इस प्रतियोगिता में एक और मेडल जीतने का मौका है, क्योंकि भारतीय पुरुष रिकर्व टीम बांग्लादेश पर 5-1 से जीत दर्ज कर चुकी है।