भारतीय रिकर्व टीमों ने एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में किया ब्रॉन्ज़ पर कब्ज़ा 

पुरुषों और महिलाओं की टीम ने क्रमशः चीन और जापान को हराकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

लेखक रितेश जायसवाल ·

बैंकॉक में चल रही 2019 एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में मंगलवार का दिन भारतीय तीरंदाज़ों के लिए काफी अच्छा रहा। पुरुषों और महिलाओं की रिकर्व टीम ब्रॉन्ज़ मेडल पर कब्ज़ा करने में कामयाब रहीं। इस प्रतियोगिता में भारत की झोली में अब तक कुल चार मेडल आ चुके हैं।

व्यक्तिगत स्पर्धा में अपनी ब्रॉन्ज़ मेडल जीत के बाद, अतानु दास टीम के साथी तरुणदीप राय और जयंत तालुकदार के साथ राजमंगला स्टेडियम में लौटे। जहां उन्होंने बांग्लादेशी टीम को 5-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और अगले मुकाबले में वह उत्तर कोरिया से भिड़ें।

हालांकि भारतीय टीम अपने विरोधियों से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई और 2-6 से हार गई, लेकिन उन्होंने दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपने मैच में 0-6 से पिछड़ी हुई चीनी टीम के खिलाफ ब्रॉन्ज़ मेडल के मुकाबले का अवसर हासिल कर लिया।

अतानु दास ने 2019 एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में जीते कुल तीन ब्रॉन्ज़ मेडल।

ब्रॉन्ज़ मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और आखिरकार 6-2 से जीतकर मेडल अपने नाम कर लिया। इसी के साथ दास के खाते में कुल तीन ब्रॉन्ज़ मेडल जुड़ गए।

महिलाओं का दबदबा

दीपिका कुमारी, बोम्बायला देवी लैशराम और अंकिता भकत की महिलाओं की टीम ने अपने दिन की शुरुआत में रिकर्व इवेंट के पहले दौर में थाई टीम से हुए मैच में 6-0 से शिकस्त दी। फिर उन्होंने दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए कज़ाकिस्तान को 6-0 से हराया।

सेमीफाइनल के इस मुकाबले में भारतीय जल्द ही पीछे हो गए और वापसी के लिए संघर्ष करने लगे। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने कोई मौका दिए बिना ही प्रतियोगिता 6-2 से अपने नाम कर ली और भारतीय टीम को ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए जापान से मुकाबला करने के लिए धकेल दिया।

अपने पहले के दो मैचों की तरह ही भारतीय तिकड़ी ने इस बार भी अपनी कमर कस ली और भारतीय रिकर्व टीमों के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल की हैट्रिक पूरी करने के लिए जापान पर हावी रहते हुए उसे 5-1 से हरा दिया।

आगे क्या होगा?

भारतीय मिश्रित कम्पाउंड टीम ने गोल्ड मैच के लिए अपनी जगह बना ली है, जिसके लिए वह बुधवार (27 नवंबर) को मुकाबला करेगी। पुरुषों और महिलाओं की टीम अपने सूट को फॉलो करते हुए विरोधियो से मुकाबला कर कम्पाउंड फाइनल की अपनी संबंधित श्रेणियों में कोटा हासिल करने की कोशिश करेंगी।

पुरुषों की कंपाउंड टीम ने अपने क्वार्टर फाइनल मैच में थाईलैंड का सामना किया और अभिषेक वर्मा, रजत चौहान और मोहन रामस्वरुप भारद्वाज की तिकड़ी ने अंतिम सेट 60-59 और मैच 230-229 से जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। ईरान के खिलाफ हुआ मैच उतना रोमांचक नहीं रहा, क्योंकि भारत ने दो सेटों के बाद आसानी से 9 अंकों की बढ़त हासिल कर ली। जिसके बाद मैच को 229-221 से जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

तीरंदाज़ अभिषेक वर्मा 2019 एशियाई तीरंदाज़ी चैंपियनशिप के अंतिम दिन संभावित रूप से दो गोल्ड मेडल जीत सकते हैं।

ज्योति सुरेखा वेनम, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर की महिला कंपाउंड टीम ने थाईलैंड के खिलाफ अपने क्वार्टरफाइनल मैच में शानदार शुरुआत की। हालांकि, थाई महिलाओं ने अंतिम सेट में प्रवेश करने के लिए भारत की बढ़त को केवल दो अंको पर रोक दिया।

थाईलैंड ने अंतिम सेट में 57 अंक हासिल किए और भारत 56 अंक हासिल करते हुए 226-225 के बेहद कम फासले से यह मैच जीतने में सफल रहा। ईरान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय पक्ष अधिक मजबूत रहा और प्रतियोगिता के सभी चार सेटों में अच्छे अंक हासिल करने हुए 229-221 से मैच जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.

आपको बता दें, पुरुष और महिला दोनों कंपाउंड टीम गोल्ड मेडल मैच में दक्षिण कोरियाई टीमों से भिड़ेंगी। वर्मा और वेनम की मिश्रित टीम अपने फाइनल में चीनी ताइपे से भिड़ेगी। ऐसे में बुधवार का दिन भारतीय तीरंदाज़ी के लिए एक ऐतिहासिक दिन हो सकता है।