एशियन शूटिंग चैंपियनशिप: किनान चेनाई ट्रैप फाइनल में लड़खड़ाए

दूसरे नंबर पर क्वालिफाई करने के बाद भारतीय शूटर ने छठे स्थान पर प्रतियोगिता का अंत किया

लेखक जतिन ऋषि राज ·

दोहा, क़तर में हो रही 14वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत की शूटर मनु भाकर और दीपक कुमार ने देश को कई बार सम्मानित किया। प्रतियोगिता के क्वालीफायर राउंड को पार कर लेने के बाद किसी भी भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन ज़्यादा सरहानीय नहीं रहा। लुसैल शूटिंग कॉम्प्लेक्स में बुधवार के दिन भारतीय ट्रैप और पिस्टल शूटर कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए।

मेंस ट्रैप शूटिंग में भाग ले रहे किनान चेनाई ने अपने प्रदर्शन से ज़रूर प्रभावित किया और मेडल और ओलंपिक कोटा जीतने के करीब पहुंच गए, लेकिन मेडल राउंड में साधारण प्रदर्शन की वजह से उनके हाथ निराशा लगी। वह फाइनल में छठे स्थान पर रहे और फाइनल से बाहर होने वाले वह पहले निशानेबाज़ बने। बाहर होने से पहले 5 राउंड में वह केवल 13 क्ले डिस्क पर निशाना साधने में सफल रहे।

भारत के मानवजीत सिंह संधू एशियन शूटिंग चैंपियनशिप के ट्रैप इवेंट के फाइनल मैं जगह नहीं बना सकें 

साधारण रहा प्रदर्शन

कुवैत के ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता नासिर मेक्लाड से कुछ स्थान पीछे क्वालिफाई करने वाले चेनाई पहले 5 शॉट तक दूसरे (सयुंक्त) स्थान पर बने हुए थे। 122 अंक के साथ दूसरे स्थान पर चेनाई ने मेडल राउंड में क्वालीफाई कर भारत की उम्मीदें बढ़ा दी थी। मेडल राउंड के पहले राउंड में भारतीय शूटर ने 5 में से 3 सफल शॉट मार कर दूसरे (सयुंक्त) स्थान पर कब्ज़ा जमाया लेकिन खेल के आगे बढ़ने के साथ उनका प्रदर्शन साधारण होता गया और वह पहले शूटर बेन जो मेडल जीतने की रेस से बाहर हुफाइनल के दूसरे राउंड में पहले तीन निशानों से चूक जाने के बाद चेनाई स्कोर बोर्ड की फेहरिस्त में नीचे जाने लगे और इसका प्रभाव तीसरे राउंड में साफ़ झलक रहा था। फाइनल के तीसरे राउंड में भी चेनई केवल दो ही निशाने लगा पाए और स्कोर बोर्ड को तेज़ी से चलाने में असफल रहे। हालांकि चौथे और पांचवे राउंड में चेनाई ने 3-3 सफल निशाने साधे लेकिन यह मेडल जीतने के लिए काफी न था।

निराश हुआ भारतीय खेमा

भारत के मानवजीत सिंह संधू (118 अंक) और पृथ्वीराज टोंडाइमान (117 अंक) ने 9वें और 11वें स्थान पर प्रतियोगिता का अंत किया और मेडल जीतने में असफल रहे। 14वें एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में साधारण प्रदर्शन के बाद भी भारत 2020 ओलंपिक गेम्स का हिस्सा बन सकता है। इस चैंपियनशिप के बाद भारतीय स्कीट शूटरों का अगला निशाना टोक्यो 2020 का कोटा स्थान हासिल करना होगा और अगले साल जापान की सरज़मीं पर भारत के गौरव के लिए लड़ना होगा।

सही मायनों में कहा जाए तो भारतीय शॉटगन शूटरों के पास टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई करने का यह आखिरी मौका होगा,  अगर वह इस मौके को गवां देते हैं तो 1996 एटलांटा ओलंपिक गेम्स के बाद यह पहला मौका होगा क शॉटगन शूटर ओलंपिक गेम्स में भारत की अगुवाई नहीं कर पाएंगे।

शूट-ऑफ़ के दौरान भारतीय महिला शूटर श्रेयसी सिंह हुई प्तारियोगिता से बाहर  

सही निशाने से चूके भानवाला

14वें एशियन शूटिंग चैंपियनशिप भारतीय निशानेबाज़ों के लिए कुछ ख़ास नहीं जा रहा और 25 मीटर पिस्टल शूटिंग ने इसका सबूत बखूबी दे दिया है। 25 मीटर शूटिंग में भारत का एक भी धुरंधर फाइनल राउंड में प्रवेश नहीं कर पाया और उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। अनीश भानवाला भारत के लिए शॉटगन इवेंट में 574 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ रहे और 11वां स्थान हासिल किया। बात आदर्श सिंह और भावेश शेखावत की करें तो उनका भी प्रदर्शन चूकता हुआ दिखाई। यह दोनों क्रमश: 14वें और 15वें स्थान पर रहकर क्वालीफाई करने में असफल रहे।

भारतीय वूमेंस की तरफ से श्रेयसी सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन वह “शूट-ऑफ़” के दौरान निशाना साधने में असफल रहीं जिसकी वजह से उन्हें छठे स्थान से संतोष करना पड़ा और मेडल की रेस से बाहर होना पड़ा।10 मीटर एयर राफल मिक्स्ड टीम में भाग ले रहे दीपक कुमार और अंजुम मौदगिल ने दूसरे क्वालिफिकेशन राउंड तक का सफ़र तय किया लेकिन मेडल रेस तक नहीं पहुंच पाए। यह भारतीय जोड़ी 415.2 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही।