रंकीरेड्डी-शेट्टी की जोड़ी फूझोउ चाइना ओपन से हुई बाहर

टॉप रैंक जोड़ी ताकेशी कामुरा और केइगो सोनोडा ने किया भारतीय जोड़ी को पस्त

लेखक जतिन ऋषि राज ·

फूझोउ चाइना ओपन सुपर 750 में भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफ़र सेमीफाइनल में आकर थम गया। दरअसल, शनिवार को इंडोनेशिया की जोड़ी मार्कस गिडोन और केविन सुकामुल्जो के हाथों भारतीय जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा और इस तरह से मेडल जीतने का सपना उनका अधूरा रह गया। हालांकि इस भारतीय जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए इस इंडोनेशियन जोड़ी को हमेशा सतर्क रहने पर मजबूर किया। इस भिड़ंत में रंकीरेड्डी और शेट्टी को 16-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा और इस वजह से फूझोउ चाइना ओपन सुपर 750 के फाइनल की रेस से यह जोड़ी बाहर हो गई। अब यह डुओ जापान के ताकेशी कामुरा और केइगो सोनोडा की जोड़ी या मलेशिया के आरोन चिया और सोह वू यिक की जोड़ी के साथ फाइनल में खेल सकती है।

शुरूआती शिकंजा कसने की कोशिश

फ्रेंच ओपन के फाइनल में मिली हार से सीख लेकर खेलती इस भारतीय जोड़ी ने फूझोउ चाइना ओपन सुपर 750 का सेमीफाइनल मुकाबला आक्रामक अंदाज़ में शुरू किया। भारत के रंकीरेड्डी ने मिले हर मौके पर “स्मैश” शॉट का प्रयोग करना शुरू किया, वहीं दूसरी तरफ शेट्टी ने नेट के पास रहकर खेल को चतुराई के साथ बढ़ाना शुरू किया। इस रणनीति ने शुरुआत में भारतीय खेमे को अंक प्रदान किए और स्कोर 7-4 से भारत के हक़ में रखा।

हालांकि गिडोन और सुकामुल्जो ने जल्द ही खेल में वापसी करते हुए 5 अंक बटोर कर मुकाबले में पहली बार अपना पलड़ा भारी किया। एक बार बढ़त मिल जाने के बाद इस जोड़ी ने अपनी पकड़ मज़बूत रखी और मध्य समय तक मुकाबले को 11-9 से अपने हाथ में रखा।

गिडोन और सुकामुल्जो की फुर्ती और गैप ढूंढने की वजह से उनकी दिक्कतों का समाधान होता जा रहा था और वहीं दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ियों की मुसीबतें बढ़ती जा रही थी। इस जोड़ी ने सर्विस को मज़बूती से रिटर्न किया और इसका उन्हें कई बार फायदा भी हुआ। इस रणनीति के चलते गिडोन और सुकामुल्जो ने भारतीय जोड़ी को सर्विस के दौरान दो से ज़्यादा अंक नहीं बटोरने दिए। उम्दा प्रदर्शन दिखाते हुए इस टॉप रैंक जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

Top-ranked Marcus Gideon and Kevin Sukamuljo won their eighth consecutive game against Rankireddy-Shetty

हार न मानेने की ज़िद

दूसरा गेम भी कुछ पहले गेम जैसा ही शुरू हुआ और शुरुआत में भारत ने 3-1 से बढ़त हासिल कर ली थी। फिर एक ऐसा दौर आया जो कि बहुत कम बार देखा गया है। दरअसल, इन दोनों जोड़ियों के बीच 52 शॉट की रैली चली और इस दौरान सुकामुल्जो ने खुद को खेल में पूरी तरह से झोंक दिया और अंतत एक और महत्वपूर्ण अंक अपनी टीम के हिस्से में डाल दिया। इसके बाद इस इंडोनेशिया की जोड़ी ने गेम की गति को पकड़े रखा और जीत के करीब जाने लगी।

भारतीय जोड़ी के सामने अब तीखे शॉट आने लगे और एक बार फिर उन्हें अपनी बढ़त हाथ से गवानी पड़ी। हालांकि शेट्टी और रंकीरेड्डी ने कुछ अच्छे शॉट ज़रूर खेले और सामने वाली जोड़ी को एक साथ लगातार बहुत से अंक बटोरने से रोकते हुए खेल में वापसी करने की भरपूर कोशिश की। अंकों का फासला अब कम था और दोनों ही जोड़ियां गेम को अपने हक़ में रख आगे जाने की कोशिश में थी। आधे समय तक गिडोन और सुकामुल्जो की जोड़ी महज़ एक अंक से आगे थी और भारतीय जोड़ी 11-12 से दूसरे गेम में बनी हुई थी।

आधे समय के बाद भारतीय जोड़ी ने बहुत अच्छा खेल दिखाया और अगले 4 में से 3 अंक लेकर एक बार फिर गेम में आगे हो गए। स्कोर अब 14-12 से भारत के खेमे में था और दोनों ही टीमों को कुछ अलग करने की ज़रूरत थी। इंडोनेशियन जोड़ी ने खेल के नाज़ुक समय पर अंक बटोरे और खेल को पूरी तरह से चलाने की कोशिश में लग गए। इस रोमांचक गेम का परिणाम जान पाना मुश्किल हो रहा था और तब ही भारतीय जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शन कर गेम को 18-16 से पकड़े रखा। गिडोन और सुकामुल्जो भी कहां हार मानने वाले थे। उन्होंने अंक अपनी झोली में डाल कर गेम को टाई-ब्रेकर तक ले गए।

टाई-ब्रेकर में भारतीय जोड़ी की एक न चली। गिडोन और सुकामुल्जो ने लगातार 2 अंक लेकर गेम को 22-20 के स्कोर से अपने नाम करते हुए फूझोउ चाइना ओपन सुपर 750 के फाइनल में प्रवेश किया। यक़ीनन इस गेम के बाद रंकीरेड्डी और शेट्टी के पास सीख के तौर पर बहुत कुछ होगा जो उन्हें आगे आने वाली प्रतियोगोताओे गेम में बनी हुई थी।