लक्ष्य सेन: विक्टर एक्सेलसेन के खिलाफ और बेहतर प्रदर्शन कर सकता था

लक्षय सेन 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन के दूसरे दौर में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष शटलर थे।

BWF द्वारा सभी बैडमिंटन टूर्नामेंट्स के स्थगित करने से पहले अंतिम प्रतियोगिता यानी ऑल इंग्लैंड ओपन में भारतीय खिलाड़ियों ने भी प्रतिस्पर्धा की थी। जिसमें भारत के एकमात्र पुरुष शटलर दूसरे दौर में जगह बनाने में कामयाब रहे थे। भारत के तेजी से उभरते बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने स्वीकार किया है कि वो दूसरे दौर में डेनमार्क के स्टार खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसेन (Viktor Axelsen) के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।

किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) और बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) के पहले दौर में बाहर हो जाने के बाद लक्ष्य सेन किसी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बनाने वाले एकमात्र पुरुष शटलर थे।

हालाँकि, पहले दौर में हांगकांग के ली चेउक यियू (Lee Cheuk Yiu) के खिलाफ सफलतापूर्वक जीत हासिल करने के बाद लक्ष्य सेन डेनमार्क के पूर्व विश्व चैंपियन और 2016 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता को हराने में कामयाब नहीं हो सके थे।

लक्ष्य सेन 45 मिनट तक चले मुकाबले में 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन ( 2020 All England Open ) चैंपियन से 17-21, 18-21 से हार गए थे, लेकिन 19 वर्षीय शटलर का मानना है कि वो बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।

लक्ष्य सेन ने मुंबई मिरर के साथ बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि मैंने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में अच्छा खेला है।" 

उन्होंने आगे कहा, “पहले राउंड में उनके लिए अच्छा मुकाबला रहा, जो मैंने जीता। दूसरे दौर में मैं विक्टर एक्सेलसेन से हार गया। मैं दूसरे दौर के दोनों सेटों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता था।

बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन का कमाल जारी
बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन का कमाल जारीबैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन का कमाल जारी

लक्ष्य का सराहनीय प्रदर्शन

उत्तराखंड के 18 वर्षीय शटलर ने 2019 में शानदार प्रदर्शन के साथ सभी को प्रभावित किया, जहां उन्होंने पांच खिताब अपने नाम किए।

सितंबर 2019 के अंत तक एक भी खिताब नहीं जीतने के बाद लक्ष्य सेन की पहली बड़ी ट्रॉफी सुपर 100 डच ओपन थी, जहां उन्होंने एक घंटे से अधिक चले मैच में जापान के युसुको ओनोडेरा को हराया था।

भारतीय युवा शटलर ने जल्द ही सारेल्लक्स ओपन में लगातार दूसरे खिताब के साथ इस जश्न को दोगुना कर दिया और उसके बाद तो उन्हें कोई रोक ही नहीं पाया। पहले ही अपनी झोली में बेल्जियम इंटरनेशनल (Belgian International) का खिताब डालने के बाद वो स्कॉटिश ओपन (Scottish Open) और बांग्लादेश इंटरनेशनल चैलेंज (Bangladesh International Challenge) जीतने में सफल रहे।

हालाँकि, लक्ष्य सेन अपनी उपलब्धि के लिए पहले दो खिताबों को इसका श्रेय देते हैं, जिससे वास्तव में उन्हें प्रेरणा मिली कि वो 2019 को एक बेहतर तरीके से समाप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, 'पहले दो टूर्नामेंट जीतने के बाद मुझे काफी आत्मविश्वास मिला। तब बाकी तीन टूर्नामेंट में मेरा अच्छा प्रदर्शन था।

लक्ष्य सेन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, "सितंबर तक, मैंने एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता था, इसलिए मैं अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं था, लेकिन पहले दो टूर्नामेंट जीतने के बाद, मैंने अधिक आत्मविश्वास हासिल किया।"

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