बैडमिंटन

सिंधु, साइना की जीत, श्रीकांत, कश्यप धराशायी 

मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 के दूसरे दिन भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों ने दिया जीत का तोहफा, पुरुष रहे नाकाम। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कुआलालंपुर में चल रहे मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 के दूसरे दिन भारतीय महिला शटलरों ने शानदार खेल दिखाया और जीत के साथ अपने कारवां को आगे बढ़ाया। पीवी सिंधु और साइना नेहवाल, दोनों ही खिलाड़ियों ने आज यानि बुधवार को कोर्ट पर धावा बोलकर जीत हासिल की। वही दूसरी तरफ, भारतीय मेंस खिलाड़ियों का प्रदर्शन फीका रहा।

पीवी सिंधु का सामना हुआ रूस की एवगेनिया एंड्रीवना से और उन्होंने यह मुकाबला 21-15, 21-13 से अपने हक में किया। पहले गेम में दोनों ही खिलाड़ी एक दूसरे को अंक बटोरने के ज़्यादा मौके नहीं दे रहीं थीं, जिस वजह से खेल एक नियमित रूप से चल रहा था। हालांकि आधे समय तक सिंधु ने 11-9 से गेम में बढ़त अपने पास ही रखी। खेल के दोबारा शुरू होने पर एंड्रीवना ने मशक्कत करते हुए स्कोर को 14-14 से बराबर किया और सिंधु को चुनौती देने लगीं। असल खिलाड़ी वही है जो खेल को कभी भी पलट सके और सिंधु ने ठीक वैसा ही किया। इसके बाद एंड्रीवन केवल एक ही अंक बटोर सकीं और देखते ही देखते भारतीय खिलाड़ी ने 21-15 से पहला गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम में मानो सिंधु पहले से ही सेट हो कर आयीं थी और उन्होंने गज़ब का प्रदर्शन दिखाते हुए एंड्रीवना को अचंभित कर दिया। भारतीय शटलर के सवालों का जवाब रूसी एंड्रीवना के पास न था और इसके चलते वह 1-11 से पीछे रहीं। हालांकि एंड्रीवना ने खेल बदलने की कोशिश ज़रुर की और स्कोर को 13-15 तक ले आयीं। सिंधु के मन में आज जीत की ललक कुछ ज़्यादा ही थी और उन्होंने कोर्ट पर यह दिखाया भी। आखिरी स्कोर सिंधु के हक में रहा और उन्होंने 21-13 से इस गेम को जीत मुकाबले को अपने नाम किया।

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नेहवाल ने किया कोर्ट पर राज

यहाँ भारत सिंधु की जीत की खुशियां मन रहा था तो उन्हीं की हमवतन साइना नेहवाल ने भी एक और जीत का तोहफा दिया। मलेशिया मास्टर सुपर 500 में नेहवाल बेल्जियम की लियान टैन से भिड़ती दिखीं और उन्होंने 21-15, 21-17 से उन्हें पस्त भी किया। गेम के शुरू होने पर नेहवाल अपनी लय को पकड़ने में असफल रहीं और उनकी प्रतिद्वंदी को 3-0 की बढ़त नसीब हुई। टैन इस लय को बरकरार न रख सकीं और भारतीय खिलाड़ी को वापसी करने के मौके देती रहीं। आधे समय तक नेहवाल ने 11-7 से स्कोर को अपने हक में रख भारतीय खेल प्रेमियों के दिलों में उम्मीद जगाई।

गेम के दोबारा आरंभ होने पर टैन ने स्कोर को 13-13 से बराबर कर नेहवाल को अपने होने का प्रमाण पेश किया। खेल के दौरान टैन के आत्मसम्मान पर लगी चोट को नेहवाल ने तब ज़्यादा गहरा किया जब उन्होंने टैन को गेम में महज़ दो और अंक दिए और 21-15 से यह गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम में नेहवाल ने धावा बोल शुरूआती अंक बटोरे, लेकिन टैन के ज़हन में कुछ और ही था। सिंधु को 11-7 की बढ़त तो ज़रूर मिली लेकिन टैन ने इसका बदला सूद के साथ चुकाया और लगातार 6 प्वांइट्स अपने नाम कर खेल पलट दिया। अब टैन 11-13 से आगे थीं और कोर्ट पर दबदबा बढ़ाती जा रहीं थी। नेहवाल ने फिर एक बार पलटवार कर बताया कि वे क्यों एक अव्वल दर्जे की खिलाड़ी हैं और क्यों भारत में उनकी मिसाल दी जाती है। अब समय पलट गया था और भारतीय बैडमिंटन शटलर ने 19-15 की एडवांटेज अपने नाम की। अब केवल दो अंकों की ज़रूरत थी और नेहवाल ने उन्हें बटोर एक आसान जीत दर्ज की।

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श्रीकांत हुए पस्त, कश्यप की करारी हार

मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में महिलाओं के बाद कोर्ट पर कब्ज़ा जमाने की बारी अब भारतीय पुरुषो की थी। किदांबी श्रीकांत का मुकाबला वर्ल्ड नंबर 2 केचौउ टिएन-चेन से हुआ और इस मुकाबले में उन्हें 17-21, 5-21 से हार मिली।

मुकाबले की शुरुआत से ही श्रीकांत लय में नहीं दिखे जिस वजह से उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था। पहले गेम में हार का अंतर बड़ा नहीं था लेकिन श्रीकांत कभी भी मैच में पकड़ नहीं बना सके। चेन ने भी ज़्यादा मौके नहीं दिए और भारत के श्रीकांत ने केवल एक ही बार बढ़त अपने नाम की और कोर्ट पर गलतियों के चलते वे उसका फायदा नहीं उठा सके। इस चीनी ताइपे खिलाड़ी ने मुकाबले को मानो बिना कड़ी प्रतिस्पर्धा के अपने नाम किया और अपने कारवां को आगे बढ़ाया।

श्रीकांत के बाद भारत का एक और बड़ा नाम मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में शिरकत करता हुआ नज़र आया। वह नाम था पारूपल्ली कश्यप। कश्यप की भिडंत केंटो मोमोटा से हुई और इस मुकाबले में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि मोमोट इस समय विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर हैं और उन्होंने कोर्ट पर दिखाया भी कि क्यों वह टॉप शटलर हैं। पहले गेम में मोमोटा ने 14-7 की बढ़त बनाई और खेल को अपने हिसाब से चलाया। भारत के कश्यप भी कहां पीछे रहने वाले थे और उन्होंने कोर्ट पर अपने प्रतिद्वंदी को कड़ा जवाब देते हुए 17-15 से बढ़त अपने नाम की। यह देख हर भारतीय खेल प्रेमी के मन में आस ज़रूर जगी लेकिन वह ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाई। मोमोटा शानदार प्रदर्शन करते हुए इस गेम को 21-17 से अपने नाम कर भारत की झोली में निराशा डाली।

अब बारी थी दूसरी गेम की और कश्यप ने अपनी गलतियों से सीख लेकर अच्छा प्रदर्शन दिखाया। अब दोनों ही खिलाड़ी जीत की गुहार लगाए कोर्ट पर उतरे और भारतीय खिलाड़ी ने इस बार 14-12 से बढ़त बनाई। लेकिन मोमोटा ने भी बताया कि वे क्यों नंबर एक खिलाड़ी हैं और उन्होंने खेल को ज़्यादा लंबा न करते हुए जीत दर्ज की।

साईं प्रणीत की हार से हुई शुरुआत

मलेशिया मास्टर्स में भारत को अभी और निराशा झेलनी थी और इस बार यह आई बी साईं प्रणीत के रूप में। प्रणीत का मुकाबला अपने से कम रैंक वाले रासमस गेम्के से हुआ। इस मुकाबले में गेम के ने भारतीय शटलर को 21-11, 21-15 से हराया। यह कहना गलत नहीं होगा कि आज का दिन उनके पक्ष में नहीं रहा।