फीबा महिला ओलंपिक प्री क्वालिफायर में भारतीय टीम को जापान से मिली हार

बास्केटबॉल महिला ओलंपिक प्री क्वालिफायर में भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। किहो मायाशिटा के शानदार प्रदर्शन की बदौलत जापान ने भारत को 120-29 अंकों से शिकस्त दी।

लेखक रितेश जायसवाल ·

कुआलालंपुर में गुरुवार को फीबा महिला ओलंपिक प्री-क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के अपने शुरुआती मैच में एशियाई चैंपियन जापान ने भारत को 120-29 अंकों से शिकस्त दी। जापान की ओर से कीहो मायाशिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 21 अंक हासिल किए, जबकि स्टीफी निक्सॉन आठ अंकों के साथ भारत की ओर से सबसे अधिक स्कोर करने वाली खिलाड़ी रहीं।

भारत की डिफेंडर से भिड़ती हुई जापान की रामू तोकाशिकी । फोटो क्रेडिट: फीबा मीडिया

एक मुश्किल मुकाबला

जापानी टीम ने प्रतियोगिता की शुरूआत में ही अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए 9-0 की बढ़त बना ली। भारत की ओर से निक्सन ने दो अंकों के साथ स्कोर की शुरुआत की। हालांकि जापान ने लगातार अंक हासिल करना जारी रखा और पहले क्वार्टर के अंत से पहले लगातार आठ अंक हासिल कर स्कोरबोर्ड पर 32-8 की बढ़त बना ली।

इसके बाद भारत ने अपना डिफेंड मजबूत करते हुए विरोधी टीम को अंदर जाकर बास्केट करने से रोकने का अच्छा प्रयास किया। जिसके चलते जापान ने अपनी रणनीति बदलते हुए परिधि के बाहर से थ्री प्वाइंट लेना शुरू कर दिया जिसके कारण भारतीय कोच ज़ोरान विसिक व दल के अन्य सदस्यों के चेहरों पर फिर निराशा छा गई।

दूसरे क्वार्टर में विकल्प के तौर पर भारतीय टीम में शामिल हुईं श्रुति अरविंद ने आते ही स्कोर करना शुरू कर दिया। हालांकि, भारतीय टीम की इस वापसी का विपक्षी टीम पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ा। जापानी टीम ने अंक बटोरना जारी रखा और ब्रेक से पहले 71-16 की बढ़त बना ली।

भारत ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में पूरी तरह से बचाव का ही प्रयास किया और जापानी टीम को पहले दो मिनट में सिर्फ दो अंक तक सीमित रखा। लेकिन मियाशिता के तीन-अंक शॉट के बाद एक लेअप शॉट और एक-दो प्वाइंटर ने जापानी टीम को एक बार फिर उसी लय में वापस लौटा दिया।

अंत में फिर आक्रामक हुई विरोधी टीम

भारतीय टीम ने इसके बाद कई बार गेम में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। जापानी टीम ने तीसरे क्वार्टर के अंत तक 70 अंकों की शानदार बढ़त बना ली।

चौथा क्वार्टर पिछले तीनों क्वार्टर की तुलना में काफी निराशाजनक रहा। भारत की निमा डोलमा भूटिया और साथिया सेंथिल कुमार सिर्फ चार अंक ही हासिल कर सकीं, जबकि 2020 ओलंपिक की मेज़बान टीम ने 25 अंक हासिल करते हुए प्रतियोगिता 120-29 से जीत ली।