भारत जल्द ही विश्व एथलेटिक्स में एक ताकत बन कर उभर सकता है- माइकल वासेल

वासेल ने खेल अकादमियों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

जमैका थ्रोज के कोच माइकल वासेल ने भारत में एथलेटिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को समझने के लिए दो साल गुजारे। उनका मानना है कि भारत विश्व एथलेटिक्स में बड़े रूप में उभर सकता है।

पिछले सालों में भारत ने मिल्खा सिंह, पीटी उषा और अंजू बॉबी जॉर्ज जैसे उत्कृष्ट एथलीटों को पैदा किया है, लेकिन आजादी के बाद से अभी तक देश ने किसी ट्रैक और फिल्ड स्पर्धा में ओलंपिक पदक नहीं जीता है।

वासेल ने कहा कि प्रतिभाओं की खोज के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जो भविष्य में भारत को एथलेटिक्स में एक पावरहाउस बना सकता है।

Jamaica-gleaner.com ने वासेल के हवाले से लिखा, "भारत जल्द ही विश्व एथलेटिक्स में एक ताकत बनकर उभर सकता है। मैं कहूंगा हां, क्योंकि खेल अकादमियों का प्रसार हो रहा है, जो अधिकांश राज्यों में जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को खोजने और विकसित करने पर केंद्रित हैं।

"अंतर्राष्ट्रीय कोचों को भारत में चुनौती को देखने की जरूरत है। जिन्हें वो उस स्तर पर उजागर करे और फिर इस ज्ञान को कोचों और एथलीटों को देना चाहिए।"

अपनी प्रशिक्षण टीम के साथ कोच माइकल वासेल

वासेल ने खुद आंध्र प्रदेश सेंटर फॉर एक्सीलेंस में दो साल बिताए हैं। उनका मानना है कि पहले भारत का फिल्ड इवेंट में अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है।

नीरज चोपड़ा ओलंपिक में भाला फेंक में भारत की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में एथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट की प्रतियोगिता में 87.86 मीटर के थ्रो के साथ टोक्यो के लिए अपना स्थान पक्का किया। यह उनका चोट से उबरने के बाद पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था।

उन्होंने कहा, "जैवलिन और कूद में उनके पास सबसे अच्छा मौका है। देश के पास विश्व जूनियर रिकॉर्ड धारक नीरज चोपड़ा जैसा एक महान एथलीट है। भाला फेंक में देश की उम्मीदों का भार उनके कंधों पर है।"

इसके अलावा वासेल ने यह भी कहा कि 2017 NCAA के हाई जम्प विजेता तेजस्विन शंकर से भी बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में रजत पदक पर दाव लगाया था।

उन्होंने कहा, "पुरुष और महिला दोनों में कुछ होनहार लंबी कूद वाले खिलाड़ी हैं। इनमें से एक भारत की विश्व एथलेटिक्स पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज भी हैं।"