विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री: 23 पदक के साथ तीसरे पयदान पर रहा भारत  

भारत ने प्रतियोगिता में 11 स्वर्ण पदक हासिल किए

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

दुबई में 6 से 14 फरवरी के बीच आयोजित हुई 12वीं फाजा अन्तरराष्ट्रीय विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भारत ने 23 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा जमाते हुए अभियान का समापन किया। 23 पदकों में में 11 स्वर्ण और छह—छह रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। 

प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) और निषाद कुमार (Nishad Kumar) ऊंची कूद में स्वर्ण पदक हासिल करते हुए एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। 

प्रवीण ने साथी भारतीय शरद कुमार (Sharad Kumar) (1.76 मीटर) और हमादा हसन (Hamada Hassan) से आगे रहते हुए 2.05 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। 

2019 के विश्व जूनियर रजत पदक विजेता ने कहा, "लंबे समय बाद प्रतिस्पर्धा करते हुए मैं थोड़ा घबराया हुआ था, लेकिन मेरी कड़ी मेहनत का फल मुझे मिला। इस सफलता के लिए मैं कोच सत्यपाल सर का भी आभारी हूं जिन्होंने मुझे ट्रेनिंग और मार्गदर्शन दिया।" 

उन्होंने कहा, "मैं टोक्यो 2020 पैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं। अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी।" 

वहीं, निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद T46/47 में थाईलैंड के अंगकर्न चनाबून (Angkarn Chanaboon) (1.93 मीटर) और उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव (Omadbek Khasanov) (1.90 मीटर) को हराकर स्वर्ण पदक जीतने के लिए 2.06 मीटर की छलांग लगाई। 

थाईलैंड 14 स्वर्ण, 13 रजत और 12 कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में टॉप पर रहा। जबकि, उज्बेकिस्तान 13 स्वर्ण, पांच रजत और छह कांस्य पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 

पैरा एथलीट नवदीप (Navdeep) और अरविंद (Arvind) ने टोक्यो पैरालंपिक्स के लिए क्रमशः भाला फेंक और शॉट पुट में अपना स्थान पक्का किया। नवदीप ने F41 इवेंट में 43.58 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 

नवदीप ने कहा, "मुझे आज अपने थ्रो पर पूरा भरोसा था। हालांकि, मेरा पहला थ्रो ज्यादा अच्छा नहीं था, लेकिन फिर मैंने ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की और एक अच्छा थ्रो लगा। संदीप (चौधरी) भैया और नवदीप सर नई दिल्ली स्थित जेएन स्टेडियम में मेरी तकनीक को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। मैं कोटा हासिल करके बहुत खुश हूं। अब मेरा लक्ष्य टोक्यो पैरालंपिक में पदक जीतना है।"

वहीं दूसरी तरफ, अरविंद ने टोक्यो में स्थान पक्का करने के लिए पुरुषों के शॉट पुट (F35 / 36) में 14.05 मीटर के थ्रो के साथ न्यूनतम योग्यता का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि, वह इस स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहा। 

संदीप चौधरी (Sandeep Chaudhary) (F44) ने भी भाला फेंक में 61.22 मीटर की दूरी तय करते हुए स्वर्ण पदक जीता। 

चौधरी ने कहा, "यह मेरे पसंदीदा मैदानों में से एक है, इसलिए यहां दोबारा आकर अच्छा लगा। मेरे शरीर भी लंबे वक्त बाद प्रतिस्पर्धा करके अच्छा महसूस कर रहा था। हालांकि, मैं आज अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ हासिल करने की उम्मीद कर रहा था। फिर भी, 61 मीटर से अधिक दूरी तय करके सत्र की शुरुआत करना इतना बुरा नहीं है।" 

चौधरी ने आगे कहा, "यह आयोजन से हम आने वाले महीनों में प्रक्रिया का अनुसरण करने और टोक्यो 2020 के लिए अपनी अंतिम तैयारी शुरू करने से पहले सही शेप में बने रहेंगे।" 

वहीं संदीप गुर्जर (Sandeep Gurjar) को हमवतन अजीत सिंह (Ajeet Singh) से पीछे रहकर कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ा। 

प्रणव प्रशांत देसाई (Pranav Prashant Desai) (T64) ने 200 मीटर में 24.96 सेकेंड के समय के साथ थाईलैंड और कजाकिस्तान के प्रतिभागियों को हराकर स्वर्ण पदक जीता। 

सिमरन (Simran) ने महिलाओं की T13 100 मीटर और 400 मीटर में क्रमशः स्वर्ण और रजत जीता। जबकि, भाग्यश्री महावीर जाधव (Bhagyashri Mahavir) ने शॉट पुट में रजत पदक जीता। वो 6.18 मीटर के थ्रो के साथ मोरक्को की सईदा अमौदी (Saida Amoudi) (8.33 मी) से पीछे रहीं। 

चार दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान भारत के प्रदर्शन ने पैरालंपिक समिति (PCI) की अध्यक्ष डॉ. दीपा मलिक (Dr. Deepa Malik) को प्रफुल्ल्ति कर दिया है। 

उन्होंने कहा, "हमारे पैरा एथलीटों ने वास्तव में हमें बहुत गौरवान्वित किया है। यह चैंपियनशिप उन्हें टोक्यो 2020 पैरालंपिक के लिए खुद को मजबूती के साथ तैयार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण थी। इसके साथ कुछ नए चेहरों को भी प्रदर्शन करने का मौका दिया गया था।" 

उन्होंने आगे कहा, "चैंपियनशिप पैरा एथलेटिक्स के लिए एक वर्ष से ज्यादा समय के अंतराल के बाद सीज़न ओपनर भी थी। अच्छा प्रदर्शन निश्चित रूप से उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा। हमें खुशी है कि हमारे एथलीटों ने उनसे जो उम्मीद की थी, उसे पूरा किया।"