कैसे टीम में अपनी भूमिका को लेकर असमंजस में हैं भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी 

कोच इगोर स्टीमाक की अगुवाई में भारत अभी तक जीत दर्ज करने से वंचित है 

फीफा 2022 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारत का निराशा भरा प्रदर्शन जारी रहा। ओमान के खिलाफ जीत की देहलीज़ पर कदम रखना बेहद ज़रूरी था लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम के हाथ एक बार फिर निराशा ही आई और इस वजह से वह वर्ल्ड कप 2022 में क्वालिफाई करने की रेस से लगभग बाहर हो चुकी है। ओमान के खिलाफ मुकाबले में ब्रैंडन फर्नांडिस को एक मौका ज़रूर मिला था लेकिन साथी खिलाड़ियों का साथ न मिलने की वजह से वह उस मौके को गोल में तब्दील नहीं कर पाएं।

कोच इगोर स्टीमाक के सामने ऐसी चुनौतियां बार-बार आईं जब मिले मौक़ों को भारतीय टीम अपने हक़ में करने में नाकामयाब रही। अब देखना यह होगा कि आने वाली प्रतियोगिताओं में कप्तान सुनील छेत्री और कोच स्टीमाक क्या रणनीति अपनाते हैं और उनका जीत का मंत्र क्या होगा।

नहीं काम आई रणनीति

“मेरे टीम में शामिल होने से पहले भारतीय टीम के लॉन्ग बॉल के आंकड़े लगभग 25% थे और अब यह 15% हैं। पास करने की एक्यूरेसी 67% से बढ़ कर 82% हो चुकी है। प्रतिद्वंदियों को भारत को हराना मुश्किल हो गया है और वह समय अब दूर नहीं है जब भारतीय टीम भी गर्व से जीत के साथ हर प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ेगी।” यह बात कोच स्टीमाक ने मैच के बाद की प्रेस कांफ्रेंस में कहकोच स्टीमाक के आने के बाद भारतीय टीम के खेलने के आंकड़े ज़रूर बदलें हैं जिस वजह से उनके खिलाफ मैदान फतह करना पहले से ज़रूर मुश्किल हो गया है। ग्राउंड पास पर ज़्यादा ध्यान दिया गया है और सही समय आने पर अटैक को भी साझा किया है। ओमान के खिलाफ हुए मुकाबले में अगर पोज़ैशन की बात करें तो वह भी भारत के हक़ में 51% से आया है।

हालांकि स्टीमाक की रणनीति भारतीय टीम को फ्री फ्लो खेल खेलने की अनुमति देती है लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में भारत ने जितनी भी सफलता हासिल की है वह डैड बॉल की वजह से ही की है। फीफा 2022 वर्ल्ड कप क्वालिफायर के बेहतरीन समय की बात करें तो भारत का प्रदर्शन क़तर के सामने आया जहां भारत के डिफेंस ने अपने प्रतिद्वंदियों को एक भी गोल करने का मौका नहीं दिया। उस मुकाबले में भारत के हाथ पोज़ैशन केवल 37% आया और उन्होंने लॉन्ग बॉल की रणनीति बनाते हुए बार-बार ओमानी डिफेंस के सामने चुनौतियां पेश की।

भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और सर्वश्रेष्ठ सुनील छेत्री (बीच में) इस सीज़न में सिफर एक गोल दागने में सफल रहे। फोटो क्रेडिट: एआईआईएफ मीडिया 
भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और सर्वश्रेष्ठ सुनील छेत्री (बीच में) इस सीज़न में सिफर एक गोल दागने में सफल रहे। फोटो क्रेडिट: एआईआईएफ मीडिया भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और सर्वश्रेष्ठ सुनील छेत्री (बीच में) इस सीज़न में सिफर एक गोल दागने में सफल रहे। फोटो क्रेडिट: एआईआईएफ मीडिया 

गवाएं मौके 

पूर्व भारतीय कप्तान रेनेडी सिंह ने एक भारतीय पब्लिकेशन newsclick.in. से बात करते हुए कहा “बंगलादेश और अफ़गानिस्तान जैसी कमज़ोर टीमों के सामने जीत न दर्ज कर पाना ही भारतीय टीम के लिए फीफा 2022 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में मुश्किलों का सबब बना। कम रैंक की टीमों के सामने भारतीय टीम को जब अटैक करने की ज़रूरत थी तब उन्होंने सुरक्षित खेल खेला और इसी वजह से एक अच्छा स्कोर स्थापित करने से वंचित रह गए।” 

कई मुकाबलों में ज़्यादा मात्रा में पोज़ैशन रखने में तो भारतीय टीम सफल हुई लेकिन उसका फायदा नहीं उठा पाई। दोनों मुकाबलों के हवाले से देखा जाए तो सुनील छेत्री और उनकी टीम ने 180 मिनटों में केवल 6 सफल निशाने दागे। 

विकल्पों की कमी 

अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मामूली प्रदर्शन के अलावा भारतीय फुटबॉल टीम अपने कुछ होनहार खिलाड़ियों के चोटिल होने की वजह से भी जूझती हुई दिखाई दी। जेजे लालपेखलुआ और संदेश झिंगन जैसे खिलाड़ियों की नामौजूदगी भारतीय परिमाणों पर ख़ासा असर डालने में सफल हुई।

“भारत एक नए डिफेंस के साथ उतरा था। उनसे काफी गलतियां भी हुईं। कम खिलाड़ियों का पूल में होना सबसे बड़ा परेशानी का सबब बना। स्ट्राइकिंग ज़ोन में खिलाड़ी का मौजूद न होना और डिफेंस को सही तरह से न कर पाना भारतीय टीम की हार की वजह रही है।” पूर्व गोल कीपर हेनरी मेनेज़ेस ने ओमान के खिलाफ हुए मुकाबले अपनी राय रखते हुए Goal.com को दिए इंटरव्यू के दौरान यह बात कही।

आगे का लक्ष्य

भारतीय फुटबॉल टीम का फीफा वर्ल्ड कप में क्वालिफाई न कर पाना तो लगभग तय है। अब इस टीम का लक्ष्य होगा कि 2023 एएफसी एशिया कप में क्वालिफाई करना। भारत का अगला मुकाबला अब मार्च 2020 में क़तर के खिलाफ उन्हीं के घर में होगा। इगोर स्टीमाक और सुनील छेत्री का अगला कदम गलतियों से सीख लेकर अपने कारवां को सफलता के साथ आगे बढ़ाना होगा।

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