हॉकी

चिंगलेनसाना सिंह की हुई भारतीय हॉकी टीम में वापसी

चोट के बाद चिंगलेनसाना की प्रो लीग में वापसी, नीदरलैंड के खिलाफ फील्ड में उतर सकते हैं। 

चिंगलेनसाना सिंह भारतीय हॉकी टीम का एक अहम हिस्सा रहें हैं। चाहे वह 2014 एशियन गेम्स पर फतह हो या 2016 रियो ओलंपिक गेम्स या फिर 2018 FIH वर्ल्ड कप हो, सभी में चिंगलेनसाना सिंह का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

कहते है न कि खिलाड़ी के जीवन में सफलता और चोट, दोनों ही साथ चलती हैं। ऐसा ही कुछ चिंगलेनसाना सिंह के साथ हुआ जब पिछले साल उन्हें घरेलु सीरीज़ में टखने में लगी चोट चोट का सामना कर टीम से बाहर जाना पड़ा। 2019 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में इंडियन रेलवेज़ के लिए खेलते हुए टखने में दोहरा फ्रैक्चर झेलना पड़ा, जिस वजह से वे टीम से भी बाहर रहे।

पुनर्वास हुआ पूरा

चोट ने चिंगलेनसाना को हॉकी सेदूर रखा ही और साथ-साथ उन पर रिहैबिलिटेशन के दौरान अकेलेपन का भी वार किया। हॉकी इंडिया के साथ इंटरव्यू में चिंगलेनसाना ने बताया कि “मेरे लिए यह दौर मुश्किल था। मुझे शरीर के निचले हिस्से को ज़्यादा इस्तेमाल में न लाने के संदेश थे और इस वजह से मेरा 5-6 किग्रा वज़न भी बढ़ा। मैं इस बात से निश्चित नहीं था कि मैं दोबारा भारतीय टीम का हिस्सा बनूँगा।” 

चिंगलेनसाना ने आखिरी बार 2018 वर्ल्ड कप के दौरान ब्लू जर्सी को पेहन भारतीय हॉकी का सम्मान किया था। उन्होंने आगे बताया “मैंने लगभग 8 महीनो तक हॉकी नहीं खेली, लेकिन मैंने उम्मीद भी नहीं छोड़ी थी। उस दौरान मेरा ध्यान खुद को स्वस्थ रखना ता और मैंने इसके लिए एक व्यवस्थित दिनचर्या का पालन किया और डाइट को भी फॉलो किया। वज़न को काबू में करना नेहद ज़रूरी था।”

चिंगलेनसाना की वापसी

FIH प्रो लीग में चिंगलेनसाना की वापसी पर कई नज़रें होंगी और उनसे अच्छे प्रदर्शन की सभी उम्मीदें भाई लगाएंगे, ऐसे में दबाव का बढ़ना लाज़मी है। हालांकि चिंगलेनसाना ऐसे दबावों से कई बार गुज़र चुके हैं और वे जानते हैं कि ऐसी परिथित्यों को कैसे काबू में किया जा सकता है। 

उन्होंने आगे अलफ़ाज़ कुछ इस तरह साझा किए “वापिस करना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और मैं इस मौके को अच्छे से पिरोना च्चता हूं। हमारे पास बहुत से अच्छे खिलाड़ी हैं, और ऐसे में सभी को अपना स्थान पुख्ता करने के लिए बहुत सी चुनौतियों से निकालना होगा। नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले को मैं एक नई शुरुआत के तौर पर देख रहा हूं।”

यह साल ओलंपिक गेम्स का साथ साल है और यह समय चिंगलेनसाना के साथ-साथ बाकी खिलाड़ियों के लिए भी एक मह्त्वपूर मौका है।