खिलाड़ियों का मनोबल बनाये रखने की हर कोशिश कर रहे कप्तान मनप्रीत सिंह

प्रशिक्षण में कोच ग्राहम रीड के तरीके टीम को सफलता दिलाने में कर रहे मदद    

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारतीय पुरुष हॉकी कप्तान मनप्रीत सिंह अपनी तीसरी ओलंपिक उपस्थिति के लिए बेंगलुरु के राष्ट्रीय शिविर में कमर कस रहे हैं।  

कोरोना वायरस महामारी ने 2020 में खेलों की स्थिति बिगाड़ दी थी, क्योंकि इस दौरान कई टूर्नामेंट रद्द कर दिए गए थे। लेकिन, सरकार की अनुमति के बाद से हॉकी टीम प्रशिक्षण में जुट गई।

सिंह ने द टेलीग्राफ को बताया, "यह दुनियाभर में खेलों के लिए चुनौतीपूर्ण समय रहा है, लेकिन हम बहुत भाग्यशाली हैं जो हमें हॉकी इंडिया और SAI का समर्थन मिला। पूरी टीम को एक परिसर (बैंगलोर में) पर रखा गया है। वहां हमारे पास फिट रहने के लिए जरूरी सभी आवश्यक सहायता मौजूद थी। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये हैं कि वहां हम मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर पाये, जो अभी भी जारी है।"

तीन सप्ताह के ब्रेक के बाद टोक्यो ओलंपिक के मद्देनजर जैव-सुरक्षित वातावरण में एक स्थान पर फिर से तैयारी शुरू करने के लिए हॉकी टीम 5 जनवरी को बेंगलुरु लौट आई। वरिष्ठ सदस्य होने के नाते सिंह इस चुनौतीपूर्ण समय में टीम को प्रेरित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। 

"युवा खिलाड़ियों का जोश बनाये रखना बहुत जरूरी था। मैं उनके साथ नियमित रूप से चैट करता हूं। यह भी पता लगाता हूं कि उनके परिवार साथ क्या हो रहा है। उन्हें यह भी बता रखा है कि अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत हो, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के कह सकते हैं। प्ले स्टेशन का बांधे रखने का यह सबसे अच्छा तरीका है। जब हम एक साथ होते हैं, तो माहौल हल्का बना रहता है और समय अच्छे से गुजर जाता है।"

"अब केवल एक चीज बदल गई कि हमें सप्ताहांत पर कैंपस छोड़ने की अनुमति नहीं है। हम अवकाश के दिन क्रिकेट खेलते हैं या एक राउंड स्नूकर खेलते हैं या एक नए खेल के बारे में सीखते हैं। कभी-कभी SAI मूवी नाइट का भी आयोजन करता है।"

एफआईएच प्रो लीग में मनप्रीत सिंह करेंगे टीम का नेतृत्व

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के कारण भारतीय टीम का दक्षिण अफ्रीका का दौरा रद्द कर दिया गया था। सिंह, यह नहीं मानते कि प्रतिस्पर्धी मुकाबले की कमी चिंता का कारण है।

"ओलंपिक से पहले प्रदर्शन महत्वपूर्ण है। हम समझते हैं कि यात्रा प्रतिबंधों, क्वारैंटाइन आवश्यकताओं आदि के साथ कई चुनौतियां हैं। हम जानते हैं कि एक दौरे का कार्यक्रम तय करने को लेकर फेडरेशन कई हॉकी खेलने वाले शीर्ष राष्ट्रों के साथ संपर्क में है। इस दौरान हम फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करने के साथ खेल के सभी पहलुओं में सुधार करने का प्रयास कर रहे हैं। हम अपने खेल के स्तर को परखने के लिए आपस में ही छोटे मैच खेलते हैं। मेरा मानना है कि मौजूदा स्थिति में हम वो सब कुछ कर रहे हैं, जो हमें अच्छे से तैयार कर सकता है।"

भारतीय टीम 11 मार्च से ढाका में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है। इसके बाद अप्रैल में अर्जेंटीना के खिलाफ FIIH प्रो लीग के दूसरे चरण में मुकाबला करेगी।

भारत, 2020 में अपनी उच्चतम रैंकिंग, चौथे स्थान पर काबिज रहा है। सिंह का मानना है कि प्रशिक्षण में ग्राहम रीड के तरीके टीम को सफलता प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं।

"दशकों के अनुभव के साथ वो शानदार व्यक्ति हैं। सभी खिलाड़ियों के बीच उनका रवैया 'टीम सबसे पहले' का रहता है।"

28 वर्षीय ने कहा, "नियमित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, वार्षिक शिविर और खिलाड़ियों के कोर ग्रुप को मजबूत करने पर फेडरेशन के जोर ने टीम को चौथे स्थान पर पहुंचाने में मदद की। पिछले एक दशक में प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने हमें आगे बढ़ाने में मदद की है।"