लॉकडाउन के इस मुश्किल वक़्त में भारतीय महिला हॉकी टीम है एकजुट

बेंगलुरु SAI कैंपस में फंसी भारतीय महिला हॉकी टीम आज कल एक दूसरे को बेहतर तरीक़े से जानने का काम भी कर रहीं हैं, साथ ही खुद की फिटनेस पर ज़ोर दिया जा रहा है।

कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते बेंगलुरु के SAI कैंपस में सेल्फ आइसोलेशन में फंसी भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Women’s Hockey Team) को एक दूसरे को ज़्यादा जानने का मौका मिल गया है। रानी रामपाल (Rani Rampal) की अगुवाई में यह टीम लॉकडाउन से पहले कैंपस में पसीना बहा रही थी और आने वाली चुनौतियों की तैयारी में जुटी थी।

लॉकडाउन में फंसी भारतीय महिला हॉकी टीम जमकर बढ़ा रही है एकजुटत़ा 
लॉकडाउन में फंसी भारतीय महिला हॉकी टीम जमकर बढ़ा रही है एकजुटत़ा लॉकडाउन में फंसी भारतीय महिला हॉकी टीम जमकर बढ़ा रही है एकजुटत़ा 

भारतीय हॉकी परिवार

खेल जगत में हर टीम इस तरह से कैंप करती है और खुद को ज़्यादा से ज़्यादा एक दूसरे से जोड़ने के भी प्रयास करती है।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने बताया “हम आपस में और नज़दीक आए हैं और घर के बाहर यही हमारा परिवार भी है। अगर इस समय कोई भी विपदा आ जाती है तो हम सब मिल कर एक दूसरे की मदद करते हैं।''

SAI का साथ

खिलाड़ी की ज़िंदगी की एक ख़ासियत है कि वे कभी रूकती नहीं। ऐसे मुश्किल के समय में भी भारतीय महिला हॉकी टीम अपनी फिटनेस और रणनीति का ख़ास ख्याल रख रही है। खिलाड़ी रोज़ वेट ट्रेनिंग कर अपने शरीर की तंदरुस्ती को बरकरार रखने के प्रयास कर रहीं हैं।

यह सभी चीज़ें या तो कमरे में होती हैं या फिर होटल एरिया में ही। पूरी टीम फिलहाल कोच शोर्ड मारिने (Sjoerd Marijne) और Janneke Schopmann (जानेक शोपमैन) से बातचीत में भी व्यस्त रहतभारतीय महिला हॉकी टीम की अगली चुनौतियाँगौरतलब है कि भारतीय हॉकी टीम ने साल 2020 की शुरुआत साउथ कोरिया के खिलाफ वुमेंस एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी में जीत के साथ की थी।

फिलहाल विश्व में किसी भी स्पोर्टिंग इवेंट का आयोजन नहीं हो रहा है और इस वजह से भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो गेम्स के लिए तैयारियों में जुटी हैं।

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