सालाना जनरल मीटिंग में आईओए ने नए साल पर ज़ाहिर की अपनी इच्छा 

2022 के संस्करण के अलावा भारत 2026 या 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बिड करेगा और साथ ही 2026 यूथ ओलंपिक पर भी होगी नज़र। 

लेखक Olympic Channel Writer ·

माना जा रहा था कि बर्मिंघम में होने वाले 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत हिस्सा नहीं लेगा। इस फैसले की बड़ी वजह यह थी कि बर्मिंघम शहर में शूटिंग के लिए मान्य स्थान नहीं है। भारत इस चीज़ का विरोध करता दिखा और ख़बर यह आ रही थी कि अगर शूटिंग नहीं तो 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत हिस्सा नहीं लेगा। हालांकि इस बात की पुष्टि इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने कर दी है कि कॉमनवेल्थ के आने वाले संस्करण में भारत खेलता दिखेगा और इतना ही नहीं 2026 और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की बिड कर उसे भारत में मेज़बानीकरने का प्रयास भी करेगा।

नई दिल्ली में हुई सालाना जनरल मीटिंग में आईओए ने कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ-साथ कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप होस्ट करने की भी इच्छा जताई। यह प्रस्ताव आईओए के सामने नेशनल राइफल शूटिंग ऑफ़ इंडिया (एनआरएआई) और आईएसएसएफ ने रखा।

आईओए के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ने एजीएम् के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा “एजीएम् के दौरान हमने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से अपना नाम वापस लेने के फैसले को रद्द कर दिया है। हमारा देश 2022 CWG में शिरकत करता हुआ दिखेगा।”

द कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने भी भारत के इस फैसले को स्वीकारा। सीजीएफ के अध्यक्ष डेम लुईस मार्टिन ने बयान देते हुए कहा कि “सीजीएफ और पूरा कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मूवमेंट भारत के बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने के फैसले से बेहद खुश हैं।

नवंबर में हुई सीजीएफ की बैठक में हमने यह महसूस किया कि भारतीय खिलाड़ी और भारतीय खेल समुदाय कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ सपोर्ट मूवमेंट के लिए महत्वपूर्ण हैं।”

आगे बात करते हुए उन्होंने कहा “अध्यक्ष डॉ नरिंदर ध्रुव बत्रा जो कि इंडियन कॉमनवेल्थ गेम्स के अध्यक्ष हैं, उनके साथ हमारी सहभागिता और ज़्यादा मज़बूत हुई है और हम उनके साथ काम भी करेंगे।”

आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स नेशनल फेडरेशन के लिए महत्वपूर्ण है।

*आईओए की नज़र बड़ी प्रतियोगिताओं पर *

आईओए की ख्वाईशें यहां अंत नहीं होती। अगर सब योजना के हिसाब से चलता है तो आने वाले 10 सालों में भारत 5 मल्टी-डीसीप्लिन इवेंट होस्ट कर सकता है। इस फेहरिस्त में 2023 इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (आईओसी) कांग्रेस; 2026 यूथ ओलंपिक2026 या 2030 CWG; 2030 एशियन गेम्स; और इन सब में सबसे बड़ा 2032 ओलंपिक शामिल ह।

आईओए के निर्णय पर अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा “पहली प्राथमिकता यूथ ओलंपिक है। अगर हम 2026 CWG की मेज़बानी करते हैं तो उसके अगले संस्करण के लिए हम बिड नहीं कर पाएंगे। उसके बाद 2030 के एशियन गेम्स की मेज़बानी करने की भी बिड की जाएगी। इसके अलावा हम 2032 ओलंपिक गेम्स के लिए बिड करेंगे।”