भारतीय जूनियर महिला हॉकी कप्तान सुमन थूडम ने पहले से ही जमा रखी है एशिया कप और विश्व कप पर निगाहें

थूडम की कप्तानी में चिली दौरे पर अजेय रही थी भारतीय टीम

लेखक भारत शर्मा ·

भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम अपने चिली दौरे का शानदार तरीके से समापन करने के बाद बुधवार को स्वदेश वापस लौट आई। भारतीय टीम इस दौरे पर अचेल रही और छह में से पांच मैचों में जीत हासिल की। जबकि एक मैच में उसे ड्रॉ से संतोष करना पड़ा।

ब्यूटी डुंगडुंग ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपने पहले मैच में शानदार हैट्रिक बनाकर टीम को जीत दिलाई।

टीम की कप्तान सुमन थूडम दौरे पर कुछ प्रतिस्पर्धी मिनट पाने के लिए उत्साहित थी क्योंकि उन्होंने जूनियर एशियन कप और जूनियर विश्व कप पर अपनी निगाहें पहले ही जमा रखी है। यह विश्व कप इस साल के अंत में आयोजित होगा।

थूडम ने कहा, "हम बहुत खुश हैं कि कोरोना महामारी के बाद प्रतिस्पर्धी हॉकी खेलने का अवसर मिला। यह सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों के लिए एक बहुत अच्छा अनुभव था और इससे हमें आत्मविश्वास और आगे के लिए अच्छे अवसर मिलते हैं।" उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से इस साल के अंत में होने वाले जूनियर महिला एशिया कप और FIH महिला जूनियर विश्व कप दोनों पर नजर रख रहे हैं।"

भारतीय टीम ने दौरे के पहले दो मैचों में 5-3 और 4-2 के स्कोर के साथ चिली की जूनियर टीम को हराया था।

टीम में डिफेंडर की भूमिका निभाने वाली सुमन ने कहा, "हमें लगा कि जब हम सैंटियागो मैदान पर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर पहुंच गए थे। हमने अपने प्रशिक्षण सत्रों में जो भी सीखा था उसे चिली में अपने विरोधियों के खिलाफ खुलकर आजमाया। हमें शुरुआत में लय हासिल करने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन बाद में हम पूरी लय में आ गए। आप देख सकते हैं कि उनकी सीनियर टीम के खिलाफ भी हमने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।"

बता दें कि भारतीय जूनियर टीम ने चिली की सीनियर टीम के खिलाफ कुल चार मैच खेले थे। इनमें से तीन में उसने जीत हासिल की, जबकि एक मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।

मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम

21 वर्षीय कप्तान ने कहा, "हमारे प्रदर्शन की सबसे अच्छी बात यह रही कि हम न केवल मजबूत थे, बल्कि रक्षात्मक रूप से बहुत ठोस थे। उन्होंने आगे के क्षेत्रों में अपने अनुभव का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन हमने बहुत एकता और लचीलापन दिखाया। मुझे वास्तव में पूरी टीम पर गर्व है।"

टीम अब 10 फरवरी को फिर से राष्ट्रीय शिविर के जमा होने से पहले दो सप्ताह के ब्रेक पर अपने परिवार के साथ समय बिताएगी।

उन्होंने अंत में कहा, "मुझे लगता है कि हमने चिली के खिलाफ आठ दिनों में छह मैच खेलते हुए पांच में जीत हासिल कर अपनी शानदार फिटनेस दिखाई है। अब, हम सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फिर से अभ्यास पर आने से पहले दो सप्ताह के लिए अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे। उसके बाद सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविर के लिए फिर से जुटेंगी।"