किरेन रिजिजू ने टोक्यो 2020 में भारत के अच्छे प्रदर्शन की जताई उम्मीद

भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू का मानना है कि भारत टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।

लेखक अरसलान अहमर ·

साल 2019 ख़त्म होने वाला है, ऐसे में साल 2020 के आगाज़ के साथ ही सभी खेल प्रेमियों की नज़रें होगीं अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों पर। बाक़ी सभी देशों की तरह भारत भी टोक्यो 2020 से अपनी उम्मीदें लगाए बैठा है। भारतीय खेल प्रेमियों के साथ भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू की नज़रें भी टोक्यो 2020 पर भी टिकीं हुई हैं।

किरेन रिजिजू ने इस बात की उम्मीद जताई है कि अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब होगा। इसके साथ ही उनको इस बात का भी भरोसा है कि भारतीय खिलाड़ी इस दफा अधिक से अधिक मेडल जीतकर अपने देश को गौरांवित करेंगे। आपको बता दें भारत का ओलंपिक में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 2012 में हुए लंदन ओलंपिक में आया था जहां वह 6 मेडल जीतने में कामयाब हुआ था।

टोक्यो 2020 के बाद की राह

रिजिजू ने फिक्की के 'टर्फ 2019' वैश्विक खेल सम्मेलन के दौरान बात करते हुए टोक्यो 2020 के साथ 2024 पेरिस और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के बारे में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने कहा "भारत की लास एंजिलिस ओलंपिक की सर्वश्रेष्ठ तैयारी के लिए 8 साल का वक़्त काफी होना चाहिए। अगर हम इतने समय बाद (2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक) होने वाली चीज़ के लिए भी खुद को तैयार नहीं कर सकते तो फिर नीति तैयार करने, दिशा निर्धारण करने और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर हमें स्वयं को ही दोष देना होगा। वक़्त हमारे हक़ में है और हमें सुनिश्चित करना होगा कि भारत ऐसा देश नहीं रहा जिसे ओलंपिक में गंभीरता से नहीं लिया जाए। अगर हम पदक नहीं जीतते तो निश्चित तौर पर देश के खेल मंत्री के रूप में मैं संतुष्ट नहीं रहूंगा।"

खेल मंत्री ने आगे कहा कि "अगले साल टोक्यो में होने वाला ओलंपिक खेल हमारा तत्काल लक्ष्य है लेकिन भविष्य की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने की ज़रूरत है। हम रातों-रात चैंपियन तैयार नहीं कर सकते। एक या दो साल में विश्व चैंपियन तैयार करना संभव नहीं है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि पूरा बुनियादी ढांचा तैयार हो।"

उन्होंने कहा, "हमारे पास मौजूदा प्रतिभा है और हमें इसका सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि टोक्यो 2020 ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए भारत के पास अच्छा मंच होगा लेकिन हमारी सीमाएं हैं। हालांकि 2024 पेरिस और विशेषकर 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने से हमें कोई नहीं रोक सकता जो अभी आठ साल से अधिक समय दूर है।"

एक तरह जहां कई भारतीय खिलाड़ियों ने अगले साल होने वाले ओलंपिक गेम्स का टिकट हासिल कर लिया है वहीं कुछ भारतीय एथलीट ऐसे भी हैं जो टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने की अपनी राह तलाश रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले सभी एथलीटों की कोशिश यही होगी कि वो अपने भारत देश को खेल के इस महाकुंभ में गौरांवित करें। यदि भारत टोक्यो 2020 में अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब होता है तो यक़ीनन आगे की राह खुद-ब-खुद आसान हो जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि साल 2024 में पेरिस और 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक में भारत ज़्यादा अच्छी तैयारियों और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर सकता है।