भाकर ने टोक्यो 2020 के 10 और 25 मीटर पिस्टल वर्ग में खेलने पर साधा निशाना  

आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के 7 गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत की मनु भाकर की नज़र अब 2020 ओलंपिक गेम्स पर। 

लेखक ओलंपिक चैनल ·

मनु भाकर, भारत की एक ऐसी खिलाड़ी जिसने बहुत कम उम्र में बहुत नाम कमाया है। हाल ही में भाकर ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में अपना 7वां गोल्ड मेडल जीता और वह 2020 ओलंपिक गेम्स में भाग लेने की अपनी मज़बूत दावेदारी पेश कर रहीं हैं। 10 मीटर और 25 मीटर पिस्टल इवेंट में भारत की भाकर टोक्यो 2020 में खेलती देखी जा सकतीं हैं।

जीत की ललक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 का खिताब जीतने के बाद इस युवा खिलाड़ी के मनोबल को मानों नए पंख मिल गए। इसके बाद उनकी सफलता का कारवां इस कदर आगे बढ़ा कि पूरे भारत ने उन्हें अपने दिल में जगह दी। इतना ही नहीं ग्वादलहारा में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप और ब्यूनस आयर्स में हुए 2018 यूथ ओलंपिक गेम्स को फतह कर भाकर ने पिस्टल शूटिंग की दुनिया में कदम मज़बूती से टिका लिए हैं।

साल बीत गया लेकिन भाकर की कहानी वही रही, या फिर यूं कहें कि इनकी कहानी में और ज़्यादा सुनहरे पन्ने जुड़ गए। साल 2019 में इस युवा शूटर ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 5 और एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में 2 मेडल जीत कर अपने उज्जवल भविष्य का प्रमाण दिया।

ज़्यादातर सफलता भाकर को 10 मीटर वर्ग में मिली लेकिन टोक्यो 2020 में 25 मीटर पिस्टल में प्रदर्शन करने के लिए वह उत्साहित हैं और उनका आत्मविश्वास भी चरम पर है। पीटीआई से बात करते हुए मनु भाकर ने कहा कि “अगर आप मुझसे पूछें तो मैं दोनों ही वर्गों में भाग लेना चाहती हूं क्योंकि मैं 10 और 25 मीटर दोनों को ही बराबर का दर्जा देती हूं, और 25 मीटर में मेरा स्कोर बिलकुल भी खराब नहीं हैं।”

म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के 25 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में खेलते हुए भाकर को उपकरण की खराबी जैसी घटना का सामना करना पड़ा। वह गोल्ड मेडल जीतने के लिए एक मज़बूत दावेदार थीं लेकिन ऐसा हो न सका। हालांकि इस घटना की वजह से भाकर का आत्मविश्वास टस से मस नहीं हुआ और वह आने वाली हर चुनौती के लिए तैयार हैं।

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा “मैं पूरी निष्ठा के साथ तैयारी कर रही हूं। हाँ, ओलंपिक गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करना मेरे ज़हन में हमेशा से है लेकिन मैं ज़रूरत से ज़्यादा भार किसी भी चीज़ का नहीं ले रही। मुझे मानसिक रूप से एक दम तंदरुस्त होना पड़ेगा। हम सब दिमागी तौर पर फिट होने पर ध्यान दे रहे हैं क्योंकि यह एक खेल में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, और इससे हम दबाव को भी संभाल सकते हैं”।